लखनऊ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल,शिकायत करने गई महिला डॉक्टर को जबरन घंटो चौकी में बैठाने व सादे पेपरो पर साइन करवाने का आरोप!
पीड़ित ने मुख्यमंत्री योगी से लगाई न्याय की गुहार
ब्यूरो, लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास और निवेश के उद्देश्य से आए मुंबई के एक डॉक्टर दंपती के साथ राजधानी लखनऊ में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। मुंबई (कल्याण) स्थित सिद्धिविनायक हॉस्पिटल के डॉ. ज्योति सिंह और उनके पति श्री देवेंद्र जगदीश सिंह ने आर.आर. इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटरों—राम रतन चतुर्वेदी, यादवेंद्र चतुर्वेदी और उनके सहयोगियों—पर लगभग 12 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी और राजनीतिक रसूख का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।

मुख्य आरोप एवं तथ्य:
निवेश के नाम पर धोखा: निवेशकों को लखनऊ में डायलिसिस सेंटर और अस्पताल स्थापित करने का सपना दिखाकर आर.आर. इंफ्रासिटी में हिस्सेदार बनाया गया, जिसके लिए उनसे करोड़ों रुपये निवेश कराए गए।
व्यवसाय के लिए दिए गए फंड का निजी इस्तेमाल:
पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में दर्ज शिकायत के अनुसार, निवेश की गई धनराशि को प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय यादवेंद्र चतुर्वेदी के विवाह और व्यक्तिगत खर्चों के लिए डाइवर्ट किया गया।
महिला डॉक्टर से अभद्रता व प्रताड़ना:
22 जनवरी 2026 को जब डॉ. ज्योति सिंह कानूनी प्रकिया के लिए लखनऊ आईं, तो उन्हें कथित तौर पर आशियाना पुलिस चौकी में दो घंटे तक जबरन बिठाए रखा गया और बिना पढ़े कागजातों पर हस्ताक्षर कराए गए।
जान से मारने की धमकियां:
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपियों द्वारा पूर्व नौकरशाहों और राजनेताओं के नाम का सहारा लेकर उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। इस संदर्भ में महाराष्ट्र के कोलसेवाडी पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
श्री देवेंद्र जगदीश सिंह ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से अपील की है कि इस मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि प्रदेश में निवेश का सुरक्षित माहौल बना रहे।