महिला कैदियों के लिए ‘प्रोजेक्ट शक्ति’ शुरू
सामाजिक और कानूनी पहलुओं पर रखे विचार
ब्यूरो, लखनऊ। जेलों में बंद महिलाओं की सेहत और सम्मान को नई दिशा देने के लिए कारागार मुख्यालय में मंथन हुआ। मासिक धर्म स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर देते हुए साफ संदेश दिया गया कि अब महिला बंदियों की देखभाल व्यवस्था को और ज्यादा संवेदनशील और प्रभावी बनाया जाएगा।

गुरुवार को कारागार मुख्यालय में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जेलों में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन, स्वास्थ्य जागरूकता और महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। महानिदेशक कारागार पीसी मीना ने कहा कि महिला बंदियों की सेहत और स्वच्छता विभाग की प्राथमिकता है। जेलों में बेहतर माहवारी स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं, ताकि महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिल सके।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव मनु कालिया ने मासिक धर्म स्वास्थ्य से जुड़े सामाजिक और कानूनी पहलुओं पर अपने विचार रखे। वहीं उप महानिरीक्षक पीएन पांडेय ने जेलों में चल रही स्वच्छता और स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में ‘प्रोजेक्ट शक्ति कंपेंडियम’ का लोकार्पण किया गया। इसमें पिछले दो वर्षों में विभिन्न जेलों में किए गए कार्यों और उनके प्रभावों को शामिल किया गया है। विशेषज्ञ वक्ता शची सिंह ने आत्म-देखभाल, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष सत्र लिया। इस दौरान मोनिका धवन, प्रवीण कर्ण, आकृति मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह, संतोष कुमार, सुभाष चंद्र शाक्य और प्रदीप गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।