नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक कल अपनी भूख हड़ताल खत्म कर सकते हैं। उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया है कि अगर राजनीतिक नेता वांगचुक से मिलते हैं और मानसून सत्र में शिक्षा की जवाबदेही का मुद्दा उठाने का भरोसा दिलाते हैं, तो वह कल (20 जुलाई 2026) अपना अनशन खत्म कर देंगे।

इससे पहले भी गीतांजलि सामने आई थीं और उन्होंने सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग रखी थी। अपनी इस डिमांड को लेकर गीतांजलि दिल्ली हाई कोर्ट भी पहुंची थीं, लेकिन वहां से उन्हें निराशा हाथ लगी थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया था।
अस्पताल ने जारी किथा था हेल्थ बुलेटिन
रविवार शाम को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल की तरफ से वांगचुक का हेल्थ बुलेटिन भी जारी किया गया था। इसमें बताया गया कि सोनम वांगचुक को अस्पताल में जरूरी मेडिकल इलाज दिया जा रहा है। उनके जरूरी हेल्थ पैरामीटर स्थिर हैं। ब्लड पैरामीटर में थोड़ा बदलाव है। लंबे समय तक उपवास के कारण शरीर पर पड़ने वाले तनाव और असर को देखते हुए उन्हें विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम की कड़ी निगरानी में लगातार मेडिकल देखभाल की जरूरत है।
24 घंटे की जा रही वांगचुक की निगरानी
हेल्थ बुलेटिन में आगे बताया गया था कि सफदरजंग अस्पताल और एस्म के डॉक्टरों का मानना है कि सोनम वांगचुक की मौजूदा स्थिति, किसी भी संभावित जटिलता का तुरंत पता लगाने और उसे संभालने के लिए लगातार मेडिकल इलाज और 24 घंटे क्लिनिकल निगरानी जरूरी है, इसलिए उन्हें सभी जरूरी मेडिकल देखभाल दी जा रही है और क्लिनिकल स्टेटस, ब्लड पैरामीटर की लगातार निगरानी की जा रही है।
दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल से हटाया
दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने पहले ही धरना स्थल से हटा दिया था। पिछले दो दिनों से वांगचुक दिल्ली के सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चीफ अभिजीत दीपके ने ऐलान किया था कि अब वे सोनम वांगचुक की जगह हड़ताल पर बैठेंगे। एक दिन पहले उन्होंने हड़ताल शुरू भी कर दी है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कर रहे मांग
सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन में शामिल हुए। ये आंदोलन 6 जून से नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर किया जा रहा है। सीजेपी के कार्यकर्ता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं। इस आंदोलन में शामिल होते हुए वांगचुक ने 28 जून से औपचारिक रूप से आमरण अनशन शुरू किया था।