‘एक्शन मोड’ में पाण्डेय जी, राजकीय निर्माण निगम परियोजना प्रबंधक को पत्र लिखा, बिना बताये लिंटर पड़ा तो…


‘द संडे व्यूज़’ की खबर पर लगी मुहर

रात के अंधेरे में होमगार्ड मुख्यालय के अफसरों को अंधरे में रखकर डाली गयी 7वीं मंजिल की छत पर लिंटर

आखिर वो कौन अफसर है जिसके इशारे पर बेखौफ हैं राजकीय निर्माण निगम के ठेकेदार

संजय श्रीवास्तव

लखनऊ। मुख्यमं9ी योगी आदित्यनाथ के जीरो टॉलरेंस की धज्जियां किस तरह से सूबे मे उड़ायी जा रही है, इसकी बानगी देखनी हो जो किसी जिले में जाने की जरुरत नहीं। लखनऊ में ही होमगार्ड मुख्यालय में जाकर देखिये किस तरह से मुख्यालय के धन बटोरु अफसर के इशारे पर बिना किसी को सूचित किये राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक ने सातवी मंजिल पर छत का लिंटर डाल दिया। चौंकाने वाली बात ये है कि निर्माण निगम के ठेकेदारों ने मुख्यालय के किसी अफसर को सूचित तक करना मुनासिब नहीं समझा। रातो-रात छत का लिंटर पडऩे की खबर ने पूरे मुख्यालय को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुये डीआईजी,प्रशिक्षण केन्द्र अजय पाण्डेय ने परियोजना प्रबंधक को पत्र लिख चेताया है कि किसी भी मंजिल पर लिंटर डालते समय आपने सूचित नहीं किया। इसकी वजह से गुणवत्ता की जांच नहीं हो पा रही है।इससे साबित हो गया कि ‘द संडे व्यूज’ ने मुख्यालय के किसी एक अफसर के इशारे पर खेले जा रहे बड़े खेल का खुलासा किया था,वो सच है।

बता दें कि 14 अप्रैल की रात गुपचुप तरीके से राजकीय निर्माण निगम के ठेकेदारों द्वारा सातवीं मंजिल पर लिंटर डाल दिया गया। निगम के परियोजना प्रबंधक ने होमगार्ड मुख्यालय के किसी अफसर को ये बताना उचित नहीं समझा कि वे आकर लिंटर की गुणवत्ता जांच लें। यहां पर दो सवाल उठ रहा है। पहला- आखिर निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को इतनी क्या हड़बड़ी थी कि रात के अंधेरे में लिंटर डाला गया? दूसरा-जब लिंटर डाल ही रहे थे तो होमगार्ड मुख्यालय के किसी अफसर को सूचित क्यों नहीं किया? यही दो बातें संदेह पैदा कर रहे हैं कि हो ना हो पूरा दाल ही काला है…। आखिर निर्माण निगम को ठेकेदार भाईजान में इतनी हिम्मत कहां से आयी कि वो खाकी वालों को ही हल्के में तौल रहा है ?

मामले को गंभीरता से लेते हुये डीआईजी,टे्रनिंग सेंटर अजय कुमार पाण्डेय ने 18 अप्रैल कों परियोजना प्रबंधक, निर्माण निगम को पत्र लिखकर सवाल किया कि जब 14 अप्रैल की रात जी प्लस11बहुमंजिला भवन के सातवीं मंजिल पर लिंटर डाला गया तो पूर्व की भांति इस बार भी आप या आपके कर्मचारियों ने सूचना नहीं दी,जिसकी वजह से गुणवत्ता की जांच करना संभव नहीं हो पा रहा है। उपरोक्त स्थिति बिल्कुल असंतोषजनक है। बता दें कि द संडे व्यूज़ एवं इंडिया एक्सप्रेस ने 11वीं मंजिला मल्टी स्टोरी बिल्डिंग अफसर के घूसखोरी में कहीं कब्रगाह ना बन जाये? शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर कुछ इस प्रकार से है…


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