लखनऊ। राजधानी लखनऊ में हजरतगंज के नरही स्थित सरकार की ओर से संचालित सहायता प्राप्त विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल को खाली कराने के विरोध में शनिवार को छात्राएं, उनके अभिभावक और शिक्षक धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विद्यालय को बचाने की गुहार लगाई। उनका कहना था कि विद्यालय पर जबरदस्ती कब्जा किया गया है और अब उनके सामने पढ़ाई जारी रखने का संकट खड़ा हो गया है।

धरने में शामिल अभिभावकों ने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे अपनी बेटियों को निजी स्कूलों में पढ़ा सकें। उनका कहना था कि दिनभर मेहनत-मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करने वाले लोगों के लिए यह विद्यालय ही सहारा है। यदि विद्यालय बंद हुआ तो गरीब परिवारों की बेटियां शिक्षा से वंचित हो जाएंगी।
शनिवार को धरनास्थल पर छात्राओं के समर्थन में माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट, पांडेय गुट और एकजुट संघ के पदाधिकारी भी पहुंचे। शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत जिला प्रशासन की मिलीभगत से विद्यालय की जमीन पर कब्जा कराया गया है। उनका कहना था कि प्रदेश के कई एडेड कॉलेज पहले भी ऐसे प्रयासों का सामना कर चुके हैं। प्रबंधक संतोष रस्तोगी ने कहा कि विद्यालय को बंद नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर विद्यालय के गेट पर ही कक्षाएं संचालित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि विद्यालय वर्ष 1936 से संचालित है और यहां के शिक्षकों व कर्मचारियों को सरकार की ओर से वेतन दिया जाता है। वर्तमान में विद्यालय में 250 छात्राएं अध्ययनरत हैं। उल्लेखनीय है कि बीते बृहस्पतिवार को हजरतगंज पुलिस की मौजूदगी में एडीएम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए विद्यालय को खाली कराया गया था।
विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा, प्रमुख सचिव गृह विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।शिकायत में कहा गया है कि विद्यालय भवन से संबंधित विवाद पिछले चार वर्षों से न्यायालय में लंबित है। इस मामले में 21 अप्रैल 2026 को अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी की ओर से विद्यालय खाली कराने का आदेश दिया गया था। इसके खिलाफ जिला जज की अदालत में स्टे की अपील दायर की गई है, जिस पर दो जुलाई को सुनवाई प्रस्तावित है।
प्रबंधन का आरोप है कि विद्यालय में गर्मियों की छुट्टियां होने के बावजूद चौकी प्रभारी शिवम पांडेय, कुछ अन्य पुलिस कर्मियों और 15 से 20 लोगों के साथ विद्यालय परिसर में पहुंचे और वहां रखा फर्नीचर, सरकारी अभिलेख, अलमारियां, पंखे और कूलर बाहर फेंक दिए।