सभी जातियां मिलकर रहें, एक दूसरे की अनुचित आलोचना ठीक नहीं
बौद्ध संस्थान में भाग्योदय प्रमुख राम महेश मिश्र ने कहा
Ram Mahesh Mishra news : शुक्रवार संध्याकाल गोमतीनगर लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान सभागार में ब्राह्मण महासभा में भाग्योदय फाउंडेशन की भी भागीदारी हुई। मंच पर बड़े प्यारे, प्रखर उन और बहादुर सन्त श्री स्वामी अक्षयानन्द ब्रह्मचारी मौनीजी महाराज तथा तीन पूर्व न्यायमूर्तियों समेत विद्वतजन से मिलना बहुत सुखद था। सभा में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से प्यारे से विप्रजन का आगमन भारी संख्या में हुआ।

इस विद्वत सभा में राष्ट्र के रचनात्मक नवनिर्माण, सामाजिक एकता, भेदभाव रहित समाज का निर्माण जैसे प्रमुख विषयों पर विभिन्न विद्वानों ने विचार रखे। एक बात प्रमुखता से सामने आई कि यूजीसी कानून के विरोध में समस्त समाज खड़ा है और इस अदूरदर्शी तथा निन्दनीय कानून ने भारतीय सनातन समाज को भीतर से दरका दिया है। दूसरे सवर्ण समाज, विशेष रूप से ब्राह्मण समाज को उन गलतियों के लिए दोषी इंगित करना सबने अत्यन्त आपत्तिजनक बताया, जो गलतियां उन्हीं के समाजों के लोग स्वयं करते हैं। वक्ताओं ने सरकार तथा समाज में बैठे ऐसे लोगों की मुक्तकंठ से मुखर आलोचना की तथा बिना देर किए गलती में सुधार कर लेने का आग्रह सभी से किया।
उदाहरण के लिए- आरक्षण जैसी मिली सुविधा का लाभ एक बहुत छोटा सा वर्ग अपने आपमें कब्जियाए हुए है। वह अपनों को तनिक भी आगे नहीं बढ़ने देना चाहता, ऊपर उठने नहीं देना चाहता। उस पर भी दु:खद स्थिति यह कि उन समाजों के पिछड़ेपन के लिए ब्राह्मण समाज तथा सवर्ण समाज को दोषी माना जाता है, जबकि प्रत्यक्ष दोषी उनके स्वयं के अपने लोग हैं। सभी ने अपेक्षा की कि इन स्थितियों में तत्काल बदलाव लाने के प्रयास समाज और सरकार दोनों को करने चाहिए।

इस महत्वपूर्ण सभा में राज्यपाल उत्तर प्रदेश के पूर्व विधि सलाहकार चन्द्र भूषण पाण्डेय, इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंगनाथ पाण्डेय, पूर्व जिला न्यायाधीश प्रमोद कुमार मिश्र, अमेठी से आए आचार्य डॉक्टर विनय शास्त्री, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजभूषण दूबे, कानपुर के विधायक आशुतोष बाजपेई, वरिष्ठ स्वयंसेवी कार्की तिवारी, वरिष्ठ आयुष चिकित्सक डॉ. मनोज तिवारी समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। भाग्योदय फाउंडेशन ने कार्यक्रम संयोजक पूर्व डिप्टी कमिश्नर श्री भूपेन्द्र शुक्ल तथा पूर्व सैन्य अफसर मेजर आशीष चतुर्वेदी एवं उनके सहचर-साथियों के प्रयासों की हार्दिक सराहना की। श्री मिश्र ने कहा कि हमारी कामना है कि सभी सुखी हों सबका हित हो, जन-जन पर उपकारी हो।