योगी आदित्यनाथ : ध्येय यात्रा में हम कभी रुके नहीं, किसी चुनौती सम्मुख,कभी झुके नहीं…


संजय श्रीवास्तव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश अपनी उपलब्धियों पर ‘गौरवान्वित’ है..,8 साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ‘गदगद’ है…क्यों ना हो,आखिर इन आठ वर्षों में योगी सरकार ने जो संकल्प लिया,उसे पूरा कर दिखाया। चाहें, सुरक्षित परिवेश, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर,माफियाराज का सफाया हो,बेरोजगारी दर कम करने सहित उद्यम अनुकूल नीतियों के दम पर योगी सरकार पूरी दमदारी के साथ आठ वर्ष पूरा करने का जश्न मना रही है। इस पर अटल जी की एक पंक्ति याद आती है ‘अपने ध्येय-यात्रा में हम कभी रुके नहीं,किसी चुनौती सम्मुख,कभी झुके नहीं…’। इसी ध्येय के साथ बिना रुके,बिना थके, बिना डिगे, बिना झुके सभी वर्ग के लोगों को वरियता देते हुये 25 करोड़ प्रदेशवासियों की ‘सेवा,सुरक्षा और समृद्धि’ को समर्पित कर्तव्य साधना के 8 वर्ष कब पूरे हो गये खुद उत्तर प्रदेश को भी मालूम नहीं चला। यही वजह है कि आज हमारा उत्तर प्रदेश गौरवान्वित होकर ‘इठला’ रहा है।

विकास की राह पर चल रहे उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों ने युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाने का युगांतरकारी कार्य किया है। वर्ष 2016 में प्रदेश की बेरोजगारी दर 18 प्रतिशत थी जो अब तीन प्रतिशत है। निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के जरिये विभिन्न आयोगों एवं भर्ती बोर्ड द्वारा साढ़े आठ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। इसलिये योगी आदित्यनाथ पर अटल जी की पंक्ति है, ‘अपनी ध्येय-यात्रा में हम कभी रुके नहीं, किसी चुनौती सम्मुख, कभी झुके नहीं…।’ इसी ध्येय के साथ बिना रुके, बिना थके, बिना डिगे, बिना झुके वंचितों को वरीयता देते हुये 25 करोड़ प्रदेश वासियों की सेवा, सुरक्षा और समृद्धि को समर्पित ‘कर्तव्य साधना’ के आठ वर्ष कब पूरे हो गये, आभास ही नहीं हुआ। इन आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने राज्य के प्रति धारणा बदलने में सफलता प्राप्त की है। कभी बीमारू राज्य कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश आज व्यवसाय एवं निवेश का सर्वश्रेष्ठ ठिकाना बनकर देश और दुनिया में पहचाना जा रहा है। उत्तर प्रदेश आज ‘ग्रोथ गियर’ है। हमें विरासत में अराजकता, अव्यवस्था और अपराध के अंधकार में डूबा हुआ प्रदेश मिला था। ऐसे राज्य को सुरक्षित परिवेश, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुगम कनेक्टिविटी और उद्यम अनुकूल नीतियों द्वारा निवेशकों का ड्रीम डेस्टिनेशन बनाने में सरकार सफल रही।

विगत आठ वर्षों में प्रदेश को प्राप्त हुये 45 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव इसकी पुष्टि करते हैं। इनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारा जा चुका है। इनके माध्यम से 60 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी तथा अन्य लाखों लोगों के लिये रोजगार का सृजन हुआ है। स्थापित सत्य है कि सुरक्षा के सुपथ पर ही विकास कुलांचे भरता है और सुगम कनेक्टिविटी उसे तीव्रता प्रदान करती है। ‘नया उत्तर प्रदेश’ उसका जीवंत उदाहरण है। महान चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने कहा था कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का विकास ही अंत्योदय है। प्रधानमंत्री मोदी के यशस्वी मार्ग दर्शन में डबल इंजन सरकार की हर योजना में यह भाव सांस लेता है। यही कारण है कि बीते आठ वर्षों में प्रदेश सरकार ने छह करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने में सफलता प्राप्त की है।

प्रदेश के 15 करोड़ निर्धनों को प्रतिमाह नि:शुल्क अनाज,1.86 करोड़ से अधिक परिवारों को नि: शुल्क गैस कनेक्शन, 2.86 करोड़ से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 5.21 करोड़ लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक का चिकित्सा सुरक्षा कवच, 56.50 लाख से अधिक परिवारों को नि:शुल्क आवास जैसे अनेक कल्याणकारी उपहारों ने प्रदेश के करोड़ों नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाया है। ‘सभी को आवास’ के संकल्प की सिद्धि के लिये प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के हर उस लाभार्थी को आवासीय पट्टा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया गया है, जिनके पास भूमि नहीं थी। ऐसा करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। यही तो है अंत्योदय।

इतना ही नहीं, आजादी से लेकर 2017 तक प्रदेश में 12 मेडिकल कालेज थे, आज राज्य में 44 राजकीय मेडिकल कालेज और 36 निजी मेडिकल कालेजों सहित 80 मेडिकल कालेज संचालित हैं। गोरखपुर और रायबरेली में एम्स का संचालन आरंभ हो गया है। ‘एक जनपद-एक मेडिकल कालेज’ की संकल्पना उत्तर प्रदेश में साकार हो रही है। खुशहाल किसान योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में 122 चीनी मिलें चल रही है। मार्च, 2017 से अब तक तीन नई चीनी मिलों की स्थापना हुयी है। छह चीनी मिलों का पुनर्संचालन तथा 38 चीनी मिलों का क्षमता विस्तार हुआ है, जिससे लगभग 1.25 लाख लोगों को प्रत्यक्ष,अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है। आठ वर्षों में 46.50 लाख गन्ना किसानों को 2,80,223 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसी तरह, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, पी.एम.स्वनिधि योजना जैसी अनेक कल्याणकारी योजनाएं मातृशक्ति के जीवन में सकारात्मकता का सवेरा लेकर आयी हैं।

ग्रामीण क्षेत्र की 95 लाख से अधिक महिलाओं को ग्रामीण आजीविका मिशन से जोडऩे के साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को 2,510 उचित मूल्य की दुकानों का आवंटन, ग्रामीण आवासीय अभिलेख (घरौनी) घर की महिला के नाम आदि जैसी रचनात्मक पहल नारी शक्ति के जीवन में सम्मान और आर्थिक प्रगति का प्रतीक हैं। प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों ने युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाने का युगांतरकारी कार्य किया है। वर्ष 2016 में प्रदेश की बेरोजगारी दर 18 प्रतिशत थी जो अब तीन प्रतिशत है। निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के जरिये विभिन्न आयोगों एवं भर्ती बोर्ड द्वारा साढ़े आठ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। इनमें से 1.38 लाख से अधिक महिलाएं हैं। परीक्षाओं के शुचितापूर्ण आयोजन के लिये उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) कानून लागू किया गया है, जिससे छात्रों के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास जागा है।

आठ वर्ष आस्था, अस्मिता, आर्थिकी और सांस्कृतिक चेतना के उन्नयन का ऐतिहासिक कालखंड है। इसी दौरान शताब्दियों की प्रतीक्षा, पीढिय़ों के संघर्ष के बाद सकल आस्था के केंद्र, भारत के प्राण प्रभु श्री रामलला को उनके पावन मंदिर में पुन: विराजमान होते हुये देखा। हम भव्य-दिव्य काशी विश्वनाथ कारिडोर के निर्माण के साक्षी हैं। महाकुंभ का भव्य दिव्य आयोजन, श्री अयोध्या धाम का विकास, काशी का कायाकल्प और मथुरा-वृंदावन का सुंदरीकरण, ‘दीपोत्सव’, ‘रंगोत्सव’ का आयोजन विगत आठ वर्षों के प्रयासों का सुफल हैं।

बीते आठ वर्षों में एक भी नया टैक्स नहीं लगाया गया। प्रदेश में डीजल-पेट्रोल दरें देश में सबसे कम हैं। इसके बाद भी उत्तर प्रदेश राजस्व सरप्लस स्टेट के रूप में समृद्धि के नए सोपान चढ़ रहा है। इस सफलता के पीछे रामराज्य की अवधारणा ही है। आखिर में यही कहा जायेगा कि प्रदेश की विकास यात्रा में हर नागरिक सहभागी है। योगी के लिये किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के अग्रदूत हैं। इनका लक्ष्य ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ है। प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था ही नहीं बनाना है, बल्कि 25 करोड़ प्रदेश वासियों के सपनों को भी साकार योगी राज का संकल्प है।


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