‘होमगार्ड भर्ती’ का सबसे बड़ा ‘ मेडिकल’ घोटाला: भर्ती में अभ्यर्थी ‘शामिल’ नहीं हुआ और अफसर ने कर दिया ‘पास’… कितने में बिके अफसर और मेडिकल टीम ?


योगी की सरकार में गोरखपुर में ही लिखी गयी भ्रष्टाचार की बड़ी कहानी…

मुख्यमंत्री योगी के शहर गोरखपुर में सबसे बड़ा होमगार्ड भर्ती ‘ मेडिकल’ घोटाला: अभ्यर्थी शामिल नहीं हुआ,मंडल,डॉक्टरों की टीम ने कर दिया पास !

होमगार्ड भर्ती ‘मेडिकल’ का सबसे बड़ा घोटाला: भर्ती में अभ्यर्थी शामिल नहीं हुआ और अफसर ने कर दिया पास…कितने में बिके अफसर और मेडिकल टीम?

योगी सरकार में होमगार्ड अफसर ने कर दिया सबसे बड़ा फ्राड: होमगार्ड भर्ती ‘मेडिकल’ में अभ्यर्थी शामिल नहीं और साहेब ने कर दिया पास !

संजय श्रीवास्तव

Major Home Guard recruitment ‘medical’ scam in Gorakhpur : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में ही होमगार्ड भर्ती में सबसे बड़ा घोटाला कर होमगार्ड अफसर और मेडिकल टीम ने साबित कर दिया कि उनके दिलों में योगी का रत्तीभर खौफ नही है। जिस भर्ती को पूरी तरह से पारदर्शिता से कराने के लिये मुख्यमंत्री ने पुलिस भर्ती बोर्ड को सौंपा,उसी भर्ती में जब सिर्फ मेडिकल कराने अभ्यर्थी होमगार्ड विभाग पहुंचे तो भ्रष्टïाचार की ऐसी कहानी लिखी गयी,जिससे सरकार के जीरो टॉलरेंस के दावों पर सवालिया निशान ठोंक कर लग गया। चौंकाने वाली बात तो ये है कि देवरिया का रहने वाला अभ्यर्थी अमन नाथ तिवारी पुलिस भर्ती बोर्ड से परीक्षा पास कर जब जनपदीय चिकित्सा परीक्षण के लिये 23 अक्टूबर को जिला कमांडेंट,देवरिया के समक्ष पहुंचा तो मेडिकल टीम ने उसे (नॉक-नी) घुटना सटने पर में फेल कर दिया। इस पर उन्हें दुबारा मेडिकल के लिये 24 अक्टूबर को मंडलीय कमांडेंट, गोरखपुर के समक्ष उपस्थित होने की तारीख दी गयी। इस पर अभ्यर्थी ने लिखित आग्रह किया 24 अक्टूबर को छपरा (बिहार) में उसे संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा,2026 (सीबीई) टियर-1 (एससी परीक्षा) देने जाना है इसलिये वो उपस्थित नहीं हो पायेगा। उसने देवरयिा कमांडेंट को लिखित रुप से अवगत कराया और आग्रह किया कि रि-मेडिकल के लिये अग्रिम तारीख दी जाये। सोचिए, जब अभ्यर्थी अमन नाथ तिवारी 24 अक्टूबर को छपरा (बिहार) के आदर्श परीक्षा केन्द्र में में परीक्षा दे रहा है तो वो गोरखपुर में डिवीजनल कमांडेंट और मेडिकल टीम के सामने कैसे उपस्थित हो सकता है? आखिर मेडिकल टीम को किस आधार पर डिवीजनल कमांडेंट और उनके स्टॅाफ ने रि-मेडिकल के लिये अमन नाथ तिवारी का नाम सौंपा ? क्या मेडिकल टीम भांग पीकर चिकित्सीय परीक्षण कर रही थी कि जो अभ्यर्थी बिहार में मौजूद है, उसे सफल करार दिया ? क्या होमगार्ड विभाग का डिवीजनल कमांडेंट तेज प्रकाश और पूरी मेडिकल टीम बिकी हुयी है ? अब इसका जवाब तो होमगार्ड विभाग, गोरखपुर के डिवीजनल कमांडेंट तेज प्रकाश या बेहतरीन डॅाक्टरों की टीम ही दे सकते है ? ‘द संडे व्यूज़’ के पास मेडिकल टीम की पूरी सीट और वे दस्तावेज हैं,जो साबित करता है कि डिवीजनल कमांडेंट और मेडिकल टीम पूरी तरह से बिक गयी है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि भ्रष्ट डिवीजनल कमांडेंट और मेडिकल टीम ने इतनी बड़ी हिमाकत करने की सोची कैसे,वो भी गोरखपुर येागी आदित्यनाथ का शहर में…

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि 2027 में एक बार फिर भाजपा की पूर्ण बहुमत से सरकार बनें और प्रदेशवासियों की चाहत है कि एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर योगी आदित्यनाथ ही बैठें। विपक्ष हमलावर है और मुख्यमंत्री उनकी रणनीति का कुछ इस तरह से काट निकाल रहे हैं कि सभी परास्त हो जाये। यही वजह है कि बेरोजगारों को बिना घूस दिये सरकारी नौकरी मिले ताकि उनका युवा वोट बैंक का खजाना इतना भरा रहे कि विपक्ष कोई पैंतरा चले,कामयाब ना हो पाये। यही वजह है कि सरकारी नौकरियों में पूरी पारदर्शिता के साथ गरीब नौजवान भी ईमानदारी से नौकरी पाकर इतरा रहे हैं। होमगार्ड विभाग के इतिहास में पहली बार होमगार्डों की बड़ी भर्ती इस विभाग से ना कराकर पुलिस भर्ती बोर्ड को सौंपा गया। योगी आदित्यनाथ का मकसद था कि भर्ती पूरी ईमानदारी से हो। पुलिस विभाग ने लिखित परीक्षा पूरी ईमानदारी से करा दी लेकिन मेडिकल के लिये जब चयनित अभ्यथी होमगार्ड विभाग के अफसरों और मेडिकल टीम के पास पहुंची तो इनलोगों ने भ्रष्टाचार की परिकाष्ठा पार कर दी। अधिकांश जनपदों में हंगामा देखने और सुनने को मिला कि मेडिकल टीम और होमगार्ड विभाग के कमांडेेंट और डिवीजनल कमांडेंट लाखों रुपये की घूस मांग रहे हैं।

खैर,द संडे व्यूज़ उस सनसनीखेज होमगार्ड भर्ती के महाघोटाले की बात करता है,जिसने मुख्यमंत्री के सपनों को ध्वस्त करने का काम किया है। अमन नाथ तिवारी पुत्र संतोष नाथ तिवारी निवासी ग्राम सोंदा,देवरिया का रहने वाला है। अमन ने भी होमगार्ड बनने की चाहत लेकर परीक्षा दी और लिखित परीक्षा उसने पास कर लिया। उसके बाद देवरिया में चिकित्सीय परीक्षण के लिये गया। पुलिस लाइन देवरयिा में होमगार्ड विभाग के नोडल अधिकारी सुभाष यादव एवं मेडिकल टीम के सामने जांच की गयी जिसमें वो फेल हो गया। मेडिकल टीम ने उसे नॉक-नी (घुटना सटने) की वजह से फेल कर दिया। रि-मेडिकल के लिये 24 अक्टूबर को डिवीजनल कमांडेंट,गोरखपुर भेजा गया जिस पर अमन ने कमांडेंट को अवगत कराया कि छपरा,बिहार में 24 अक्टूबर को संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा 2026,सीबीई-1 का एक्जॉम है इसलिये वो रि-मेडिकल में शामिल नहीं हो सकता। उसे अग्रित तारीख दी जाये।

सूत्रों ने बताया कि देवरिया में 23 अक्टूबर को 23 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी जिसमें से दो फेल हो गये थे,उसी में अमन नाथ तिवारी भी था।चौंकाने वाली बात ये है कि जब अमन नाथ तिवारी छपरा,बिहार में परीक्षा दे रहा था तो गोरखपुर में मेडिकल टीम के सामने उपस्थित कैसे हुआ? बता दें कि अमन नाथ तिवारी का गोरखपुर में रि-मेडिकल डॅा. बंदिता सिंह, ई.एन.टी. सर्जन जिला चिकित्सालय, गोरखपुर, डॉ.अमरेन्द्र कुमार सिंह,नेत्र सर्जन,जिला संयुक्त चिकित्सालय, कुशीनगर, डॅा.हेमंत वर्मा, आर्थों सर्जन, प्रा.स्वा.केन्द्र, सुकरौली, कुशीनगर, सदस्य, डॅा. सैय्यद जिसान हासमी, चिकित्साधिकारी, अधीन मुख्य चिकित्साधिकारी,सर्जन-सदस्य मंडलीय चिकित्सा परिषद,गोरखपुर एवं डॅा. शिखा सिंह,महिला चिकित्साधिकारी की मौजूदगी में किया गया है। ये जांच का विषय है।

बहरहाल,द संडे व्यूज़ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस पर चलते हुये पूरी कोशिश करता रहा है कि सरकार की मंशा के विपरित काम कर छवि खराब करने वाले अफसरों के खिलाफ कलम से प्रहार करता रहेगा।


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