प्रधानमंत्री की सोच को ‘ध्वस्त’ कर रहें रोड सेफ्टी प्रोजेक्टर के चीफ इंजीनियर आर.आर.राजू
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर रोड एक्सीडेट रोकने के बना है रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट
रेलवे में सभी रेलवे फाटक को बंद कर, उस पर फ्लाईओवर, अंडर बनाने का किया जा रहा काम

संजय श्रीवास्तव
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच है कि देश का हर नागरिक सुरक्षिात यात्रा करे,चाहें सड़क परिवहन हो या फिर रेलमार्ग से…। इसीलिये उन्होंने रेलवे में बने सभी रेलवे फाटक पर फ्लाई ओवर और अंडर पास बनाकर रेलवे फाटक को पूरी तरह से बंद करने के लिये एक नया विभाग (आर.एस.पी.) रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट बना डाला। प्रोजेक्ट पर काम तो तेल रफ्तार से शुरु किया गया लेकिन रेलवे के रोड सेफ्टी विभाग चीफ इंजीनियर प्रधानमंत्री की सोच को बेपटरी करने का काम कर रहे हैं। बता दूं कि रोड सेफ्टी विभाग के मैन पावर देने के लिये 2.28 करोड़ का काम गुडग़ांव की कंपनी एम-एस ब्लूम कंपनी को दिया गया है। इसी आउटसोर्सेज एजेंसी के माध्यम से डिप्टी टीम लीडर पद पर एक अधिकारी का चयन किया गया लेकिन एक वर्ष बाद काम न आने का बहाना कंपनी ने इन्हें निकाल दिया। इसी तरह कई अन्य अधिकारियों को भी निकाल दिया गया। ‘द संडे व्यूज़’ को भेजे गये गोपनीय पत्र में उक्त अधिकारी ने रोड सेफ्टी विभाग के चीफ इंजीनियर आर.आर.राजू पर गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि वे सिर्फ अपने क्षेत्र (बिहार) और अपनी जाति के लोगों का ही बॅायोडाटा एप्रूव कर मैन पावर कंपनी एम.एम. ब्लूम को भेजते हैं। इसके अलावा चीफ इंजीनियर ने अपने एक रिश्तेदार को भी लखनऊ में तैनात करा रखा है और अपने खास गुर्गे को लखनऊ से दिल्ली अपने पास अटैच करा रखा है।

आखिर निकाले गये अधिकारी ने किस आधार पर चीफ इंजीनियर पर इतना गंभीर आरोप जड़ा है ? इसमें रत्ती भर संदेह नहीं कि मामला गंभीर है और इस पर रेलवे बोर्ड को गंभीर रुख अख्तियार करना होगा, क्योंकि ये सिर्फ एक या कई सवर्ण अधिकारियों को रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट से निकालने की बात नहीं है…बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों पर कुठाराघात करने जैसा है। देखना है कि रेलवे बोर्ड के अफसर इस मामले को दबाते हैं या फिर प्रधानमंत्री के सपनों को ध्वस्त करने वालों पर कार्रवाई करते हैं। वैसे भी ‘द संडे व्यूज़’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस पर चलने और भ्रस्टाचार के आकंठ में डूबे अधिकारियों के खिलाफ हल्ला बोल जारी रखता चला आ रहा है।
‘द संडे व्यूज़’ के पास भेजे गये पत्र में रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट से निकाले गये डिप्टी टीम लीडर ने आर.एस.पी के चीफ इंजीनियर आर.आर.राजू पर गंभीर आरोप जड़े हैं। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि वे सिविल इंजीनियर हैं और पिछले 20 वषों से सिविल इंजीनियरिंग पोस्ट पर काम करते चला आ रहा हूं। मैं डीएफसीसी,रेलवे और हाई वेज के अनगिनत प्रोजेक्ट पर कर चुका हूं और इस क्षेत्र में काफी अनुभव रखता हूं…। मेरे अनुभव के आधार पर ही मेरा चयन रेलवे का नया विभाग (आरएसपी) रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट में डिप्टी टीम लीडर के पद पर दिसंबर 2025 में हुआ। रेलवे का रोड सेफ्टी विभाग जिसका प्रधान कार्यालय नई दिल्ली में है। रेलवे ने मैन पावर देने के लिये गुडग़ांव की कंपनी एम-एस ब्लूम कंपनी को 2.28 करोड़ का काम दे रखा है। इसी आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से रेलवे ने मेरा चयन डिप्टी टीम लीडर के पद पर किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर रेलवे में रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट नाम से नया विभाग इस सोच के साथ बनाया गया है कि सारे रेलवे फाटक को फ्लाई ओवर और अंडर पास बनाकर रेलवे फाटक को पूरी तरह से बंद कर दिया जाये ताकि यहां पर होने वाली दुर्घटनाओं पर पूरी तरह से अंकुश लग सके। अब इसमें काम करने के लिये अधिकारियों की जरुरत थी इसलिये चीफ इंजीनियर आर.एस.पी आर.आर. राजू ने मैन पावर एजेंसी का ठेका जिस कंपनी को दिया है,उसका कार्यालय 7-10-ए, डालीबाग, लखनऊ में है। यहां पर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का चयन श्री राजू की अनुमति से ही होता है।

पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि आर.आर.राजू जो अपने क्षेत्र और अपनी जाति के लोगों का ही बॅायोडॉटा एप्रूव करते हैं और मैन पावर देने वाली एजेंसी को सिर्फ अपने आदमी को रखने का निर्देश देते हैं। मेरा काम बढिय़ा चल रहा था और मैन पावर देने वाली कंपनी को मेरे काम से किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं रही। चूंकि मैं चीफ इंजीनियर श्री राजू के जाति और उनके प्रदेश का नहीं था इसलिये उन्होंने मुझे 2026 में झूठा आरोप लगाकर निकाल दिया और मेरी जगह पर अपनी बिरादरी के एल. बी. सिंह मौर्या को तैनात करा दिया है। अधिकारी ने बताया कि चीफ इंजीनियर श्री राजू ने अपने खास गुर्गा के.के.गुप्ता, एस.एस.ई,जो लखनऊ में तैैनात है,उसका अपने विभाग में स्थानांतरण करा लिया है। इसी तरह, उन्होंने अपने रिश्तेदार सुधांशु शेखर को डाटा इंट्री कम्प्यूटर के पद पर लखनऊ में करा रखा है।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि चीफ इंजीनियर पर यह भी आरोप लगाया कि ये भाई-भतीजावाद,जातिवाद और क्षेत्रवाद और भ्रष्टïाचाार की वजह से मुझे निकाला गया है। बिना नोटिस पीरियड के निकाले जाने की वजह से मैं और मेरा परिवार भुखमरी की कगार पर है। बहरहाल, उक्त अधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट,नये विभाग रोड सेफ्टी में जिस तरह से चीफ इंजीनियर आर.आर.राजू की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाये हैं,उसमें क्या सच्चाई है,इसकी जांच रेल मंत्री को अवश्य करानी चाहिये। यदि इसमें सच्चाई है तो इस पर दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिये क्योंकि ये प्रधानमंत्री का ड्री प्रोजेक्ट है।