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	<title>The Sunday views</title>
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	<description>Daily Hindi News</description>
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	<title>The Sunday views</title>
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		<title>तंदूर की नहीं जरूरत, घर पर आसानी से बन जाएंगे रेस्टोरेंट जैसे नरम और फूले-फूले आलू कुलचे</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 09:46:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[खाना खज़ाना]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>Khan pan- aloo kulchw: छोले के साथ गरमा-गरम और मक्खन से भरपूर आलू कुलचा मिल जाए, तो खाने का मज़ा दोगुना हो जाता है। अक्सर लोगों की शिकायत होती है&#8230; </p>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>Khan pan- aloo kulchw: </strong>छोले के साथ गरमा-गरम और मक्खन से भरपूर आलू कुलचा मिल जाए, तो खाने का मज़ा दोगुना हो जाता है। अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि तवे पर कुलचे सख्त हो जाते हैं, लेकिन सही सामग्री और तवे पर भाप देकर सेकने की खास तकनीक से आप घर पर ही बिल्कुल बाजार जैसे मुलायम और फूले-फूले कुलचे तैयार कर सकते हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="880" height="586" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/khu77.png" alt="" class="wp-image-26129" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/khu77.png 880w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/khu77-300x200.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/khu77-768x511.png 768w" sizes="(max-width: 880px) 100vw, 880px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">उबले आलू, कटे प्याज, हरी मिर्च और अमचूर के चटपटे मसाले से भरी स्टफिंग जब तवे पर सिकती है, तो इसकी खुशबू हर किसी को लुभा लेती है। स्पेशल ब्रेकफास्ट हो या कोई खास मौका, यह आसान रेसिपी आपके परिवार के हर सदस्य को बेहद पसंद आएगी। तो चलिए नुपूर द्वारा शेयर की रेसिपी की सभी स्टेप जानते हैं।</p>



<h2 class="wp-block-heading">चटपटी आलू स्टफिंग तैयार करना</h2>



<p class="wp-block-paragraph">सबसे पहले एक बड़े बाउल में उबले और मैश किए हुए आलू लें। अब इसमें बारीक कटा अदरक, हरी मिर्च, बारीक कटा हुआ प्याज, स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, अमचूर पाउडर और ताजा हरा धनिया मिलाएं। सभी मसालों को आलू में अच्छी तरह मिलाकर एक बढ़िया चटपटा आलू का मिश्रण तैयार कर लें।</p>



<h2 class="wp-block-heading">सॉफ्ट कुलचा डो तैयार करना</h2>



<p class="wp-block-paragraph">एक बड़े बर्तन में मैदा निकालें और उसमें नमक व थोड़ी पिसी हुई शक्कर डालकर मिला लें। अब बीच में थोड़ी जगह बनाकर इसमें फेंटी हुई दही, बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा और थोड़ा सा तेल डालें। इन सब चीजों को अच्छे से मिलाने के बाद आवश्यकतानुसार पानी डालते हुए एकदम सॉफ्ट और मुलायम आटा गूंध लें।</p>



<h2 class="wp-block-heading">डो को रेस्ट देना और लोइयां बनाना</h2>



<p class="wp-block-paragraph">गूंधे हुए मैदे के ऊपर थोड़ा सा तेल लगाकर उसे गीले कपड़े से ढक दें और लगभग 10 से 20 मिनट के लिए सेट होने के लिए रख दें। ऐसा करने से मैदा अच्छे से फूल जाता है और कुलचे एकदम सॉफ्ट बनते हैं। तय समय के बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर तैयार कर लें।<br></p>



<h2 class="wp-block-heading">आलू की स्टफिंग भरकर बेलना</h2>



<p class="wp-block-paragraph">मैदे की लोई को हाथों से थोड़ा फैलाएं और उसके बीच में तैयार किया गया चटपटा आलू का मिश्रण रखें। लोई को चारों तरफ से समेटते हुए अच्छी तरह बंद (सील) कर लें। इसके बाद लोई पर थोड़ा सूखा मैदा छिड़कें और बेलन की मदद से ओवल या गोल आकार में हल्का मोटा बेल लें।<br><br></p>



<h2 class="wp-block-heading">तिल, कलौंजी और धनिया से गार्निश करना</h2>



<p class="wp-block-paragraph">बेले गए कुलचे के ऊपरी हिस्से पर हल्का सा पानी लगाएं। पानी वाले हिस्से के ऊपर थोड़ी सी कलौंजी, सफेद तिल और बारीक कटा हरा धनिया छिड़कें। इसके बाद हाथ या बेलन से हल्का सा दबा दें ताकि तिल और कलौंजी कुलचे की सतह पर अच्छी तरह चिपक जाएं और सेकते समय बाहर न निकलें।<br></p>



<figure class="wp-block-image"><img decoding="async" src="https://static.langimg.com/nbt/thumb/134412159/navbharat-times.jpg?imgsize=149320&amp;width=700&amp;resizemode=3" alt="तवे पर भाप में सेकना और सर्व करना" title="तवे पर भाप में सेकना और सर्व करना"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph">एक तवा गरम करें और उस पर थोड़ा पानी छिड़कें। अब कुलचे को तवे पर रखें और ढक्कन से ढककर धीमी आंच पर पकने दें। भाप में पकने के कारण कुलचा एकदम फूल जाएगा और सॉफ्ट रहेगा। इसके बाद ढक्कन हटाकर कुलचे पर देसी घी या बटर लगाएं और दोनों तरफ से हल्का सुनहरा होने तक सेक लें। आपके फूले-फूले आलू कुलचे तैयार हैं, इन्हें गरम-गरम चटपटे छोले और कटे प्याज के साथ सर्व करें।<br><br></p>
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		<title>अखिलेश यादव का रथ तेल भरने नहीं, साइकिल का पंचर बनवाने गया- केतकी सिंह</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 09:29:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>गठबंधन के सभी साथी एक जुट बलिया:&#160;यूपी के बलिया जिले की बांसडीह विधानसभा सीट से भाजपा विधायक केतकी सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। केतकी सिंह ने बलिया&#8230; </p>
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<h2 class="wp-block-heading">गठबंधन के सभी साथी एक जुट</h2>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>बलिया:&nbsp;</strong>यूपी के बलिया जिले की बांसडीह विधानसभा सीट से भाजपा विधायक केतकी सिंह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। केतकी सिंह ने बलिया में PDA रथ को लेकर कहा कि अखिलेश यादव का रथ तेल भरने नहीं गया है, बल्कि साइकिल का पंचर बनवाने गया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पंचर ही बनवाते रह जाएंगे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="623" height="431" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/katki-singh.png" alt="" class="wp-image-26126" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/katki-singh.png 623w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/katki-singh-300x208.png 300w" sizes="(max-width: 623px) 100vw, 623px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">केतकी सिंह बोलीं कि साइकिल के अंग भंग हो गए हैं। कहा कि पीडीए चाहे कोई भी समाज हो बीजेपी के साथ है। संजय निषाद के एनडीए के दरवाजे वाले बयान पर केतकी सिंह ने कहा कि संजय एनडीए के कुनबे को नहीं छोड़ कर नहीं जाएंगे, उनका आशीर्वाद पार्टी को मिलता रहेगा।केतकी ने आगे कहा कि गठबंधन के सभी साथी एक जुट है। सभी गठबंधन के साथियों का साथ मिला है तभी यूपी में सरकार बनी है। केतकी सिंह बलिया जिले की बांसडीह विधानसभा सीट भाजपा की तेजतर्रार और विपक्ष पर अपने बयानों से हमलावर रहती हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में खासा एक्टिव है।।</p>



<p class="wp-block-paragraph">बता दें कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव PDA रथ अभियान की शुरुआत 24 सितंबर को रायबरेली से करने जा रहे हैं। &#8216;समाजवादी पीडीए रथ&#8217; (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक गठजोड़) यात्रा को 2027 चुनाव की तैयारियों से लेकर जोड़ा जा रहा है। यात्रा से पहले पार्टी ने बलिया जिले में हाल ही में सांगठनिक नियुक्तियां की हैं, जिसके तहत सुनील कुमार मौर्य को बलिया का नया जिलाध्यक्ष बनाया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसको 2027 चुनाव से जोड़ा जा रहा है। लाल रंग की लग्जरी बस को प्रचार रथ के तौर पर तैयार किया गया है। जिसमें ‘सामाजिक न्याय का परचम लहराएगा, PDA ही परिवर्तन लाएगा’ नारा लिखा है। बस पर ‘समाजवादी PDA यात्रा’ के साथ PDA का अर्थ पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक-मुस्लिम बताया गया है। पार्टी की योजना इस रथ यात्रा को बाद में पूरे प्रदेश के 75 जिलों और सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों तक ले जाने की है।</p>
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		<title>प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, खराब बिजली व्यवस्था को लेकर आशीष गोयल पर गिरी गाज</title>
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		<pubDate>Sun, 20 Sep 2026 18:12:01 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ। प्रदेश सरकार ने रविवार को उच्चस्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर दिया। शासन स्तर के 10 वरिष्ठ आईएएस अफसरों की जिम्मेदारियों में बदलाव कर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब&#8230; </p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>लखनऊ।</strong> प्रदेश सरकार ने रविवार को उच्चस्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कर दिया। शासन स्तर के 10 वरिष्ठ आईएएस अफसरों की जिम्मेदारियों में बदलाव कर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब बिजली आपूर्ति पर डॉ. आशीष गोयल और मेडिकल कॉलेजों को लेकर उपजे विवाद की गाज अमित कुमार घोष पर गिरी है। अमित कुमार घोष इसी साल दिसंबर में सेवानिवृत्त हो रहे हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="999" height="695" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yyy4.png" alt="" class="wp-image-26120" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yyy4.png 999w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yyy4-300x209.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yyy4-768x534.png 768w" sizes="(max-width: 999px) 100vw, 999px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">अमित कुमार घोष अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व चिकित्सा शिक्षा से हटाकर उच्च शिक्षा विभाग भेजे गए हैं। डा. आशीष कुमार गोयल को अपेक्षाकृत कम महत्व का माने जाने वाले श्रम एवं सेवायोजन विभाग में भेजा गया है। वह अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा, अध्यक्ष यूपी पावर कार्पोरेशन ट्रांसमिशन कार्पोरेशन लिमिटेड, अध्यक्ष राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड, अध्यक्ष यूपीएसएलडीसी लिमिटेड और अपर स्थानिक आयुक्त नई दिल्ली थे। अमृत अभिजात को अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धमार्थ कार्य के साथ अपर मुख्य सचिव परिवहन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">अर्चना अग्रवाल के पास अभी यह दायित्व था। वह इसी माह सेवानिवृत्त हो रही हैं। वी हेकाली झिमोमी प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन से प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा बनाई गई हैं। महेंद्र प्रसाद अग्रवाल प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा से प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, अनिल कुमार प्रमुख सचिव पंचायती राज से प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद, उपभोक्ता मामले और आयुक्त खाद्य एवं रसद बनाए गए हैं। अनिल कुमार की अपने मंत्री ओम प्रकाश राजभर से नहीं पट रही थी। और उन्होंने खुद भी इस विभाग से हटने की इच्छा जताई थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डॉ. एमकेएस सुंदरम प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन, प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा से प्रमुख सचिव कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन बनाए गए हैं। रविंद्र प्रमुख सचिव कृषि, कृषि शिक्षण एवं अनुसंधान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन, निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य कृषि मंडी परिषद से प्रमुख सचिव पंचायतीराज, अमित गुप्ता को प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन के साथ प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">रणवीर प्रसाद को प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद, उपभोक्ता मामले आयुक्त खाद्य एवं रसद से प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कार्पोरेशन लिमिटेड, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड, अध्यक्ष यूपीएसएलडीसी लिमिटेड बनाया गया है।</p>
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		<title>रेलवे के &#8216;डिप्टी टीम लीडर&#8217; का लेटर बम : चीफ इंजीनियर मेहनतकश &#8216;सवर्ण&#8217; अफसरों को निकाल, &#8216;कास्ट&#8217; देख कर रहें भर्ती</title>
		<link>https://thesundayviews.com/railway-deputy-team-leader-amit-shuklas-letter-bomb-chief-engineer-removing-hardworking-upper-caste-officers-and-recruiting-based-on-caste-the-sunday-views-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Sep 2026 07:46:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[स्पेशल स्रोरी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री की सोच को &#8216;ध्वस्त&#8217; कर रहें रोड सेफ्टी प्रोजेक्टर के चीफ इंजीनियर आर.आर.राजू प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर रोड एक्सीडेट रोकने के बना है रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट रेलवे&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/railway-deputy-team-leader-amit-shuklas-letter-bomb-chief-engineer-removing-hardworking-upper-caste-officers-and-recruiting-based-on-caste-the-sunday-views-hindi/">रेलवे के &#8216;डिप्टी टीम लीडर&#8217; का लेटर बम : चीफ इंजीनियर मेहनतकश &#8216;सवर्ण&#8217; अफसरों को निकाल, &#8216;कास्ट&#8217; देख कर रहें भर्ती</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>प्रधानमंत्री की सोच को &#8216;ध्वस्त&#8217; कर रहें रोड सेफ्टी प्रोजेक्टर के चीफ इंजीनियर आर.आर.राजू</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर रोड एक्सीडेट रोकने के बना है रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>रेलवे में सभी रेलवे फाटक को बंद कर, उस पर फ्लाईओवर, अंडर बनाने का किया जा रहा काम</strong></p>



<figure class="wp-block-image is-resized"><img decoding="async" src="http://www.indiaexpressnews.com/wp-content/uploads/2026/08/sanjay-main.jpg" alt="" style="aspect-ratio:0.6482758620689655;width:94px;height:auto"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>संजय श्रीवास्तव</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>लखनऊ।</strong>&nbsp; प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच है कि देश का हर नागरिक सुरक्षिात यात्रा करे,चाहें सड़क परिवहन हो या फिर रेलमार्ग से&#8230;। इसीलिये उन्होंने रेलवे में बने सभी रेलवे फाटक पर फ्लाई ओवर और अंडर पास बनाकर रेलवे फाटक को पूरी तरह से बंद करने के लिये एक नया विभाग (आर.एस.पी.) रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट बना डाला। प्रोजेक्ट पर काम तो तेल रफ्तार से शुरु किया गया लेकिन रेलवे के रोड सेफ्टी विभाग चीफ इंजीनियर प्रधानमंत्री की सोच को बेपटरी करने का काम कर रहे हैं। बता दूं कि रोड सेफ्टी विभाग के मैन पावर देने के लिये 2.28 करोड़ का काम गुडग़ांव की कंपनी एम-एस ब्लूम कंपनी को दिया गया है। इसी आउटसोर्सेज एजेंसी के माध्यम से डिप्टी टीम लीडर पद पर एक अधिकारी का चयन किया गया लेकिन एक वर्ष बाद काम न आने का बहाना कंपनी ने इन्हें निकाल दिया। इसी तरह कई अन्य अधिकारियों को भी निकाल दिया गया। &#8216;द संडे व्यूज़&#8217; को भेजे गये गोपनीय पत्र में उक्त अधिकारी ने रोड सेफ्टी विभाग के चीफ इंजीनियर आर.आर.राजू पर गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि वे सिर्फ अपने क्षेत्र (बिहार) और अपनी जाति के लोगों का ही बॅायोडाटा एप्रूव कर मैन पावर कंपनी एम.एम. ब्लूम को भेजते हैं। इसके अलावा चीफ इंजीनियर ने अपने एक रिश्तेदार को भी लखनऊ में तैनात करा रखा है और अपने खास गुर्गे को लखनऊ से दिल्ली अपने पास अटैच करा रखा है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="690" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/modi-raju-1-1024x690.jpg" alt="" class="wp-image-26115" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/modi-raju-1-1024x690.jpg 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/modi-raju-1-300x202.jpg 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/modi-raju-1-768x517.jpg 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/modi-raju-1.jpg 1507w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">आखिर&nbsp; निकाले गये अधिकारी ने किस आधार पर चीफ इंजीनियर पर इतना गंभीर आरोप जड़ा है ? इसमें रत्ती भर संदेह नहीं कि मामला गंभीर है और इस पर रेलवे बोर्ड को गंभीर रुख अख्तियार करना होगा, क्योंकि ये सिर्फ एक या कई सवर्ण अधिकारियों को रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट से निकालने की बात नहीं है&#8230;बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों पर कुठाराघात करने जैसा है। देखना है कि रेलवे बोर्ड के अफसर इस मामले को दबाते हैं या फिर प्रधानमंत्री के सपनों को ध्वस्त करने वालों पर कार्रवाई करते हैं। <strong>वैसे भी &#8216;द संडे व्यूज़&#8217; प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस पर चलने और भ्रस्टाचार के आकंठ में डूबे अधिकारियों के खिलाफ हल्ला बोल जारी रखता चला आ रहा है</strong>।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>&#8216;द संडे व्यूज़&#8217; के पास भेजे गये पत्र में रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट से निकाले गये डिप्टी टीम लीडर ने आर.एस.पी के चीफ इंजीनियर आर.आर.राजू पर गंभीर आरोप जड़े हैं।</strong> नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि वे सिविल इंजीनियर हैं और पिछले 20 वषों से सिविल इंजीनियरिंग पोस्ट पर काम करते चला आ रहा हूं। मैं डीएफसीसी,रेलवे और हाई वेज के अनगिनत प्रोजेक्ट पर कर चुका हूं और इस क्षेत्र में काफी अनुभव रखता हूं&#8230;। मेरे अनुभव के आधार पर ही मेरा चयन रेलवे का नया विभाग (आरएसपी) रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट में डिप्टी टीम लीडर के पद पर दिसंबर 2025 में हुआ। रेलवे का रोड सेफ्टी विभाग जिसका प्रधान कार्यालय नई दिल्ली में है। रेलवे ने मैन पावर देने के लिये गुडग़ांव की कंपनी एम-एस ब्लूम कंपनी को 2.28 करोड़ का काम दे रखा है। इसी आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से रेलवे ने मेरा चयन डिप्टी टीम लीडर के पद पर किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर रेलवे में रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट नाम से नया विभाग इस सोच के साथ बनाया गया है कि सारे रेलवे फाटक को फ्लाई ओवर और अंडर पास बनाकर रेलवे फाटक को पूरी तरह से बंद कर दिया जाये ताकि यहां पर होने वाली दुर्घटनाओं पर पूरी तरह से अंकुश लग सके। अब इसमें काम करने के लिये अधिकारियों की जरुरत थी इसलिये चीफ इंजीनियर आर.एस.पी आर.आर. राजू ने मैन पावर एजेंसी का ठेका जिस कंपनी को दिया है,उसका कार्यालय 7-10-ए, डालीबाग, लखनऊ में है। यहां पर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का चयन श्री राजू की अनुमति से ही होता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="627" height="299" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/fdfd.jpg" alt="" class="wp-image-26116" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/fdfd.jpg 627w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/fdfd-300x143.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 627px) 100vw, 627px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि आर.आर.राजू जो अपने क्षेत्र और अपनी जाति के लोगों का ही बॅायोडॉटा एप्रूव करते हैं और मैन पावर देने वाली एजेंसी को सिर्फ अपने आदमी को रखने का निर्देश देते हैं। मेरा काम बढिय़ा चल रहा था और मैन पावर देने वाली कंपनी को मेरे काम से किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं रही। चूंकि मैं चीफ इंजीनियर श्री राजू के जाति और उनके प्रदेश का नहीं था इसलिये उन्होंने मुझे 2026 में झूठा आरोप लगाकर निकाल दिया और मेरी जगह पर अपनी बिरादरी के एल. बी. सिंह मौर्या को तैनात करा दिया है। अधिकारी ने बताया कि चीफ इंजीनियर श्री राजू ने अपने खास गुर्गा के.के.गुप्ता, एस.एस.ई,जो लखनऊ में तैैनात है,उसका अपने विभाग में स्थानांतरण करा लिया है। इसी तरह, उन्होंने अपने रिश्तेदार सुधांशु शेखर को डाटा इंट्री कम्प्यूटर के पद पर लखनऊ में करा रखा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि&nbsp; चीफ इंजीनियर पर यह भी आरोप लगाया कि ये भाई-भतीजावाद,जातिवाद और क्षेत्रवाद और भ्रष्टïाचाार की वजह से मुझे निकाला गया है। बिना नोटिस पीरियड के निकाले जाने की वजह से मैं और मेरा परिवार भुखमरी की कगार पर है। बहरहाल, उक्त अधिकारी द्वारा प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट,नये विभाग रोड सेफ्टी में जिस तरह से चीफ इंजीनियर आर.आर.राजू की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाये हैं,उसमें क्या सच्चाई है,इसकी जांच रेल मंत्री को अवश्य करानी चाहिये। यदि इसमें सच्चाई है तो इस पर दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिये क्योंकि ये प्रधानमंत्री का ड्री प्रोजेक्ट है।</p>
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		<title>चंद्रशेखर क्या सपा की पीडीए रणनीति के लिए चुनौती ?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 19 Sep 2026 08:29:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Big news today]]></category>
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		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नगीना ने चंद्रशेखर को दिया सियासी आधार खतरा भांपकर सपा ने बदली रणनीति मेरठ: साल 2027 के चुनावी रण में पश्चिम यूपी में जहां गुर्जर बनाम जाट, अगड़े बनाम पिछड़े को&#8230; </p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<h3 class="wp-block-heading"><strong>नगीना ने चंद्रशेखर को दिया सियासी आधार</strong></h3>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>खतरा भांपकर सपा ने बदली रणनीति</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>मेरठ: </strong>साल 2027 के चुनावी रण में पश्चिम यूपी में जहां गुर्जर बनाम जाट, अगड़े बनाम पिछड़े को लेकर सियासी खींचतान दिख रही है, वहीं बड़ा सियासी मुद्दा दलित किसके? को लेकर भी बन रहा हैं। कभी बीएसपी के कोर वोटर कहे जाने वाले दलित मतदाताओं के सामने आज बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के अलावा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और अब चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (आसपा) है। इसलिए अखिलेश के पिछड़े-दलित अल्पसंख्यक (PDA) की चुनौती कांग्रेस के साथ होने के बावजूद सिर्फ भाजपा से मुकाबले की नहीं होगी। उसे अपने सामाजिक गठबंधन के भीतर मौजूद प्रतिस्पर्धा का भी सामना करना होगा। सियासी जानकार मान रहे हैं कि विधानसभा के चुनावी मैदान में वेस्ट यूपी में होने वाला दंगल अखिलेश और चंद्रशेखर के बीच देखने को मिल सकता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="584" height="347" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/chandr.png" alt="" class="wp-image-26104" style="width:766px;height:auto" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/chandr.png 584w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/chandr-300x178.png 300w" sizes="auto, (max-width: 584px) 100vw, 584px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">सियासी जानकार रिटायर्ड असिस्टेंड कमिश्नर सहकारिता एमबी जैदी का मानना है कि चंद्रशेखर सपा के पीडीए (PDA) फॉर्मूले की सबसे बड़ी अड़चन साबित होगे, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना जरूर कहा जा सकता है कि PDA के &#8216;D&#8217; यानी दलित हिस्से पर चंद्रशेखर की राजनीति का असर 2027 के समीकरण में महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि नगीना लोकसभा सीट की जीत ने उन्हें एक मजबूत राजनीतिक आधार दिया है। अब चंद्रशेखर के सामने चुनौती उस आधार को पूरे यूपी में फैलाने की है।<a href="https://navbharattimes.indiatimes.com/state/rajasthan/jaipur/raees-khan-councillor-political-drama-bjp-congress-u-turn-jaipur-mayor-elections/articleshow/134348537.cms" target="_blank" rel="noopener"></a></p>



<p class="wp-block-paragraph">सियासी विश्लेषक डाक्टर रवींद्र राणा का कहना है कि वेस्ट यूपी में दलितों को लेकर बन रही नई सियासी तस्वीर में सपा की चुनौती है कि वह दलितों को अपने पीडीए में कितना मजबूत स्थान देती है और चंद्रशेखर की चुनौती है कि वह दलित राजनीति को कितनी दूर तक स्वतंत्र राजनीतिक शक्ति में बदल पाते हैं।सियासी जानकारों का मानना है कि सवाल सिर्फ यह नहीं है कि छोटे दल वाले चंद्रशेखर 2027 में कितनी सीटें जीतेंगे, बल्कि सवाल यह है कि वह पीडीए के कितने दलितों को अपने साथ ले जाएंगे?</p>



<p class="wp-block-paragraph">साल 2024 के लोकसभा चुनाव में नगीना से चंद्रशेखर आजाद की जीत ने यूपी की राजनीति में एक नया संकेत दिया। उन्होंने अपनी पार्टी आसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और बड़ी जीत हासिल की। इसका राजनीतिक संदेश यह माना गया कि दलित मतदाता का एक हिस्सा किसी बड़े गठबंधन से जुड़ने के बजाए स्वतंत्र दलित नेतृत्व (चंद्रशेखर) के पीछे भी लामबंद हो सकता है। इसे सपा के पीडीए पर खतरे के तौर पर भी देखा जा रहा है। यदि PDA का D, यानी दलित अगर पूरी तरह सपा के साथ नहीं आता, तो पीडीए के सामाजिक समीकरण के अधूरा रहने का खतरा तय है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सियासी विश्लेषक डाक्टर रवींद्र राणा और हरिशंकर जोशी का कहना है कि सपा अब दलितों को केवल गठबंधन के एक हिस्से के रूप में नहीं देख रही, बल्कि 2027 के चुनाव में पार्टी दलित प्रतिनिधित्व बढ़ाने, दलित नेताओं को आगे लाने और सामान्य सीटों पर भी दलित उम्मीदवारों को उतारने की रणनीति पर काम कर रही है। इसका एक कारण यह भी है कि भाजपा, बसपा, कांग्रेस और आसपा सभी दलित मतदाताओं के बीच अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सभी दल मान रहे हैं कि 2027 में दलित वोट सिर्फ चुनावी गणित तक सीमित नहीं रहेगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ऐसे में चंद्रशेखर की रणनीति भी अब सिर्फ दलितों तक सीमित नहीं रह गई है। वे बहुजनों को एकजुट कर रहे हैं। ओबीसी, मुस्लिमों में भी राजनीतिक पहुंच बनाने की कोशिश में जुटे हैं। ऐसे में अगर चंद्रशेखर दलितों के साथ पिछड़ों-मुस्लिमों के एक हिस्से को भी अपने साथ जोड़ने में सफल होते हैं, तो उनका मुकाबला केवल सपा के साथ दलित वोट को लेकर नहीं रहेगा। ऐसे में चंद्रशेखर का वोट कुछ सीटों पर किसी जीत का आधार बने या न बने, लेकिन वह चुनावी मुकाबले के अंतर को प्रभावित कर सकता है।</p>



<h3 class="wp-block-heading"><strong>टकराव ही नहीं सहयोग की संभावना भी बरकरार</strong></h3>



<p class="wp-block-paragraph">जानकार मान रहे हैं कि वेस्ट यूपी में सपा और चंद्रशेखर की राजनीति में टकराव के साथ-साथ संभावित सहयोग की गुंजाइश भी बनी हुई है। चंद्रशेखर कई मौकों पर विपक्षी दलों के साथ राजनीतिक तालमेल की संभावनाओं की बात कर चुके हैं। अगर चंद्रशेखर सपा के PDA के बाहर खड़े दिखाई देते हैं, तो कल वही चंद्रशेखर किसी व्यापक विपक्षी गठबंधन का हिस्सा भी हो सकते हैं। यानी सवाल सिर्फ यह नहीं है कि चंद्रशेखर पीडीए को कितना नुकसान पहुंचाएंगे, सवाल यह भी है कि क्या सपा उन्हें पीडीए के भीतर लाने की कोशिश करेगी। सन 2022 में यह कोशिश हो चुकी हैं। तब सपा से दोस्ती परवान चढ़ते-चढ़ते रह गई थी।</p>
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		<title>यूपी: कैबिनेट के 23 प्रस्ताव पास</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 15 Sep 2026 17:26:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[Big news today]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh Government]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh Police]]></category>
		<category><![CDATA[Yogi Sarkar]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>परिवहन टेस्टिंग सेंटरों में नई व्यवस्था लागू लखनऊ।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में छाता में&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%87-23-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b5/">यूपी: कैबिनेट के 23 प्रस्ताव पास</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>परिवहन टेस्टिंग सेंटरों में नई व्यवस्था लागू</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>लखनऊ।</strong>  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में छाता में इथेनॉल प्लांट, अलीगढ़ में नई यूनिवर्सिटी की स्थापना, मकान किराये पर देने-लेने की प्रक्रिया आसान करने और परिवहन विभाग से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मथुरा के छाता में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से इथेनॉल प्लांट स्थापित किया जाएगा। प्लांट गन्ने, मक्का और धान से इथेनॉल तैयार करेगा। इसकी सालाना क्षमता 3.96 करोड़ लीटर होगी और यह साल में करीब 11 महीने चलेगा। यह एक्सटेंशन प्लांट के तौर पर विकसित किया जाएगा। <em><strong>पढ़ें कैबिनेट के पढ़ें फैसले&#8230;</strong></em></p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="678" height="511" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yogi-g1.png" alt="" class="wp-image-26099" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yogi-g1.png 678w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yogi-g1-300x226.png 300w" sizes="auto, (max-width: 678px) 100vw, 678px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>छाता में 200 करोड़ से बनेगा इथेनॉल प्लांट</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">कैबिनेट ने मथुरा के छाता में इथेनॉल प्लांट स्थापित करने को भी मंजूरी दी है। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्लांट में गन्ने के साथ मक्का और धान से इथेनॉल तैयार किया जाएगा। इसकी सालाना उत्पादन क्षमता 3.96 करोड़ लीटर होगी। यह एक्सटेंशन प्लांट के रूप में विकसित किया जाएगा और साल में करीब 11 महीने संचालित होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>19 साल पहले बंद हुई थी शुगर फैक्ट्री</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">छाता में करीब 19 साल पहले शुगर फैक्ट्री बंद हो गई थी। सरकार की ओर से बताया गया कि फैक्ट्री के लिए करीब 50 लाख क्विंटल गन्ने की जरूरत थी। इस दौरान भुगतान न होने के कारण फैक्ट्री बंद होने की बात कही गई।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>96 एकड़ जमीन पर बनेगा प्लांट और कॉम्प्लेक्स</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रस्तावित परियोजना के लिए करीब 96 एकड़ जमीन उपलब्ध है। छाता राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है और नोएडा एयरपोर्ट से करीब 40 मिनट की दूरी पर है। यहां गोदाम और अन्य कॉम्प्लेक्स भी विकसित किए जाएंगे। परियोजना से हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>गन्ना उपलब्धता बढ़ी तो शुगर फैक्ट्री भी लगेगी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार के मुताबिक, भविष्य में क्षेत्र में गन्ने की उपलब्धता बढ़ने पर यहां शुगर फैक्ट्री और ऊर्जा प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसी वर्ष इथेनॉल प्लांट का शिलान्यास करेंगे।कैबिनेट में अयोध्या में नेशनल सिक्योरिटी गार्डस के क्षेत्रीय केंद्र (रीजनल हब) के लिए करीब 65 एकड़ भूमि गृह मंत्रालय के पक्ष में निशुल्क हस्तांतरित करने के गृह विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। राज्य सरकार द्वारा इससे पहले भी एनएसजी के हब के लिए भूमि दी जा चुकी है।<br><br>गृह विभाग के हालिया प्रस्ताव में मिल्कीपुर तहसील के ग्राम पूरे लालखां में से 26 हेक्टेयर (करीब 65 एकड़) बंजर भूमि को भी गृह मंत्रालय के पक्ष में हस्तांतरित करने की सिफारिश की गई थी जिसे कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>अलीगढ़ में सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय की होगी स्थापना</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">प्रदेश में एक और निजी विश्वविद्यालय खोले जाने का रास्ता साफ हो गया है। अलीगढ़ के सारसौल गांव में साईं ग्लोबल विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। यह विश्वविद्यालय 9.53 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। प्रायोजक संस्था को विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने के लिए आशय पत्र निर्गत करने पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है।<br><br>उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि उप्र निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत इस निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रायोजक संस्था को आशय पत्र निर्गत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्राम सारसौल, तहसील कोल, अलीगढ़ में 9.530 हेक्टेयर (23.550571 एकड़) भूमि पर सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय की स्थापना प्रायोजक संस्था द्वारा की जाएगी।<br><br>इससे अलीगढ़ व आसपास के क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसरों का विस्तार होगा। छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर संस्थागत विकल्प मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य निजी व सार्वजनिक क्षेत्र के उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक, कौशल आधारित व रोजगारपरक उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनाना है। इसी क्रम में निजी क्षेत्र में नए विश्वविद्यालयों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है।<br></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सिद्धार्थनगर और हरदोई में तीन बस स्टेशन बनाने की मंजूर</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">कैबिनेट ने सिद्धार्थनगर जिले में दो और हरदोई में एक नया बस स्टेशन बनाने के परिवहन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। कैबिनेट में लिए गए फैसले के मुताबिक सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ और बढ़नी कस्बे में बस स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा। इसी तरह हरदोई के सवायजपुर कस्बे में भी नया बस स्टेशन बनेगा। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि बस स्टेशन बनने से स्थानीय निवासियों को आवागमन में सुविधा होगी।</p>



<h3 class="wp-block-heading">यह हैं कैबिनेट के सबसे बड़े फैसले&nbsp;</h3>



<p class="wp-block-paragraph">कैबिनेट में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को विकसित करने के लिए संशोधित परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। 15.172 किलोमीटर लंबे प्रवेश नियंत्रित छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण ईपीसी मोड पर कराया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 1,008.67 करोड़ रुपये है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। निर्माणकर्ता के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। इससे बुंदेलखंड से चित्रकूट धाम तक आवागमन सुगम होने और पर्यटन को गति मिलने की उम्मीद है।<br><br><strong>परिषदीय विद्यालय बनेंगे स्मार्ट स्कूल</strong><br>बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रण वाले परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा।<br><br><strong>किसानों को छह प्रतिशत ब्याज पर छह लाख तक ऋण</strong><br>मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को रियायती ब्याज दर पर दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने का फैसला किया गया। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर लंबी अवधि के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को कृषि और ग्रामीण जरूरतों के लिए सस्ती दर पर वित्तीय सहायता मिल सकेगी।</p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%87-23-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b5/">यूपी: कैबिनेट के 23 प्रस्ताव पास</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
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		<title>लिफ्ट खराब, 1 फ्लोर पर शौचालय बंद, कई दवाएं नदारद&#8230;काहें का लोकबंधु अस्पताल ?</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Sep 2026 05:18:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[स्पेशल स्रोरी]]></category>
		<category><![CDATA[Big news today]]></category>
		<category><![CDATA[brijesh pathak health minister]]></category>
		<category><![CDATA[first-floor toilet closed]]></category>
		<category><![CDATA[lokbandhu hospitel]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>एक वार्ड से दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना है तो साहेब चाय-पानी का खर्चा तो दे दो&#8230; &#160; &#160;नवीन यादव Lokbandhu Hospital news:राजधानी का लोकबंधु अस्पताल&#8230;। देश के नायक,स्वतंत्रता सेनानी&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/lift-out-of-order-first-floor-toilet-closed-many-medicines-unavailable-what-kind-of-lokbandhu-hospital-is-this-the-sunday-views-hindi/">लिफ्ट खराब, 1 फ्लोर पर शौचालय बंद, कई दवाएं नदारद&#8230;काहें का लोकबंधु अस्पताल ?</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>एक वार्ड से दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना है तो साहेब चाय-पानी का खर्चा तो दे दो&#8230;</strong></p>



<figure class="wp-block-image is-resized"><img decoding="async" src="http://www.indiaexpressnews.com/wp-content/uploads/2026/09/naveen-yadev-237x300.jpg" alt="" class="wp-image-12754" style="aspect-ratio:0.7876712328767124;width:115px;height:auto"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>&nbsp; &nbsp;नवीन यादव</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>Lokbandhu Hospital news:</strong>राजधानी का लोकबंधु अस्पताल&#8230;। देश के नायक,स्वतंत्रता सेनानी के नाम से बनाया गया अस्पताल डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से मरीजों के लिये परेशानियों का सबब बन चुका है। फस्ट फ्लोर पर शौचालय बंद है&#8230;। लिफ्ट खराब है&#8230;। कई दवाएं नदारद&#8230;मिलती है बाहरी मेडिकल स्टोर में&#8230;। मरीज को दूसरे वार्ड में शिफ्ट कराना हो तो देयो चाय-पानी खर्चा&#8230;। सीएमएस महोदय, काहें क्रान्तिकारी लोकबंधु राजनारायण जी का नाम बदनाम करा रहे हैं। <strong>आशियाना स्थित लोकबंधु अस्पताल में मरीजों को सही तरीके से दवाएं,इलाज मिल रहा है या नहीं,इसकी पड़ताल के लिये शनिवार को &#8216;द संडे व्यूज़&#8217; की टीम पहुंची</strong>। <strong>वहां मरीजों के परिजनों ने जो बताया उसे सुन-देख आप भी चौंक जायेंगे कि जिस अस्पताल को चिकित्सा मंत्री बृजेश पाठक और विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सभी सुविधाओं से लाभान्वित किया लेकिन उसके बाद भी अस्पताल में मरीजों को सही ढंग से इलाज नहीं मिल पा रहा है।</strong></p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter is-resized"><img decoding="async" src="http://www.indiaexpressnews.com/wp-content/uploads/2026/09/99u-834x1024.jpg" alt="" class="wp-image-12760" style="aspect-ratio:0.8142493638676844;width:640px;height:auto"/></figure>
</div>


<p class="wp-block-paragraph">राजधानी के लोकबंधु अस्पताल में मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी होती है। वहीं, परिजनों के बैठने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था ना होने की शिकायत सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि मरीजों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर चाय-पानी के नाम पर पैसे की मांग की जाती है । हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रशासन की तरफ से उक्त शिकायतों पर क्या कार्रवाई की जा रही है ,यह भी स्पष्ट नहीं है। मरीजों और परिजनों के बताया कि अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित शौचालय में ताला लगा रहता है,जिसकी वजह से हमलोगों को दूसरे फ्लोर पर जाना पड़ता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">इसके अलावा अस्पताल की लिफ्ट भी खराब पड़ी है,जिसकी वजह से बुजुर्ग या गंभीर रुप से बीमारी कारण मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। इसी तरह, मरीजों को दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों ने बताया कि क्लोनाज़ेपम 0.5 एमजी, थायरोक्सिन और मिथाइलकोबालामिन जैसी कुछ दवाओं की मांग अधिक है, जबकि अस्पताल में इनकी उपलब्धता पर्याप्त नहीं होने की शिकायत है ।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter is-resized"><img decoding="async" src="http://www.indiaexpressnews.com/wp-content/uploads/2026/09/994-1024x773.jpg" alt="" class="wp-image-12759" style="aspect-ratio:1.3250517598343685;width:640px;height:auto"/></figure>
</div>


<p class="wp-block-paragraph">अस्पताल में दवा ना मिलने की वजह बाहर से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के लिये आने वाले अधिकांश मरीज आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। ऐसे में अस्पताल की फ ार्मेसी में जरूरी दवाएं उपलब्ध न होने पर बाहर से दवाएं खरीदना उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता है। मरीजों और परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल में पर्याप्त बैठने की व्यवस्था की जाए, बंद शौचालय को मरीजों के लिए खोला जा, खराब लिफ्ट को जल्द से जल्द चालू कराया जाए और जरूरत के अनुसार आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, यदि मरीजों को शिफ्ट करने के नाम पर किसी कर्मचारी द्वारा पैसे की मांग किए जाने की शिकायत सही पाई जाती है तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाये।</p>
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		<item>
		<title>कूड़ा उठाने वाली कंपनी &#8216;लायन इनोरो&#8217; &#8216;सेक्टर एम-1&#8217; को कूड़ों से पाट रही है</title>
		<link>https://thesundayviews.com/the-waste-collection-company-lion-inoro-is-dumping-waste-in-sector-m-1-the-sunday-views-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Sep 2026 04:15:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[Big news today]]></category>
		<category><![CDATA[nager nigam]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सेक्टर एम के कूड़ों का पहाड़ कम करने के लिये कंपनी सेक्टर एम-1 को कूड़ों से पाट रही है विश्वनाथ अकादमी स्कूल आने-जाने बच्चों,मोहल्ले वालों का जीना मुहाल सभासद की&#8230; </p>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>सेक्टर एम के कूड़ों का पहाड़ कम करने के लिये कंपनी सेक्टर एम-1 को कूड़ों से पाट रही है</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>विश्वनाथ अकादमी स्कूल आने-जाने बच्चों,मोहल्ले वालों का जीना मुहाल</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सभासद की निष्क्रियता से कूड़ों के ढेर,अंधरे में डूबा सेक्टर एम-1 कालोनी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>लायन इनोरो कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया-बाहरी व्यक्ति ट्रैक्टर से कूड़ा डलवा रहा था</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>नगर निगम के अधिकारियों ने बताया-ट्रैक्टर नंबर मिल गया है,कार्रवाई होगी</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="595" height="683" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/rehan.jpg" alt="" class="wp-image-26092" style="width:91px;height:auto" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/rehan.jpg 595w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/rehan-261x300.jpg 261w" sizes="auto, (max-width: 595px) 100vw, 595px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>    रेहान </strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>लखनऊ</strong>। पराग चौराहे के करीब सेक्टर एम-एम में आशियाना का सारा कूड़ा डंप किया जा रहा है,जिसकी वजह से यहां रहने वाले बुजुर्ग बीमारी की चपेट में आ गये हैं। सड़ास बदबू से लोगों को सांस की बीमारियां हो रही है। &#8216;<strong>द संडे व्यूज़&#8217;</strong> ने 12 सितंबर को कूड़ा घर पर धरने पर बैठे बुजुर्ग की खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो नगर निगम और कूड़ा डंप करने वाली लायन इनोरो कंपनी हरकत में आयी। दुर्भाग्य की बात ये है कि यहां के लोगों को बदबू की समस्या से बचाने के लिये सारा कूड़ा सेक्टर एम वन में गिराया जाने लगा। वो भी ऐसी जगह जहां स्कूल है,जिसकी वजह से बच्चों और कालोनी में रहने वालों को दिक्कतें हो रही है। कालोनी वालों के विरोध करने पर कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर दिलीप ने बताया कि यहां पर कूड़ा प्राइवेट टै्रक्टर से गिराया गया है,उसकी शिनाख्त हो गयी है। वहीं नगर निगम केे अफसरों ने बताया कि ट्रैक्टर की शिनाख्त हो गयी है,जब्त करने की कार्रवाई की जायेगी।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="396" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yy8-1024x396.jpg" alt="" class="wp-image-26086" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yy8-1024x396.jpg 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yy8-300x116.jpg 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yy8-768x297.jpg 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yy8-1536x594.jpg 1536w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yy8.jpg 1586w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">बता दें कि सेक्टर एम,जहां सब्जी मंड़ी लगती है,वहां पर लायन इनोरो कंपनी आशियाना के सभी सेक्टर का कूड़ा डंप करती चली आ रही है। इस वजह से यहां रहने वालों को जीना दूभर हो गया है। एक दिन पहले यहीं रहने वाले एक बुजुर्ग अपनी पत्नी के साथ कूड़े के ढेर पर ही धरने पर बैठ गये। हालांकि पुलिस-प्रशासन के आश्वासन के बाद कुछ घंटों बाद उठ गये। ठेकेदारों ने वहां से कूड़ा उठाकर सेक्टर एम वन में स्कूल के पीछे गेट की तरफ गिराने लगे। इसका भी विरोध हुआ तो पता चला कि किसी प्राइवेट ट्रैक्टर से यहां पर कूड़ा डंप किया जा रहा था।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर दिलीप ने बताया कि</strong> सेक्टर एम वन में प्राइवेट ट्रैक्टर से कूड़ा गिराया गया है,हमलोगों का इसमें कोई रोल नहीं है। बताया जाता है कि अज्ञात व्यक्ति ने अपने को अंसल आंगन योजना का अध्यक्ष बताते हुये ट्रैक्टर छुड़ाकर भाग गया। बता दें कि अंसल आंगन योजना के अध्यक्ष की मृत्यु हो चुकी है। फिलवक्त यहां कोई अध्यक्ष नहीं है। <strong>वहीं नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि</strong> ट्रैक्टर की शिनाख्त हो गयी है,जब्त करने की कार्रवाई की जायेगी।</p>
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		<title>यूपी चुनाव 2027: ‘अखिलेश से बेहतर योगी’ के नारे पर दांव लगाएगी भाजपा</title>
		<link>https://thesundayviews.com/up-elections-2027-bjp-to-bank-on-the-slogan-yogi-is-better-than-akhilesh-the-sunday-views-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Sep 2026 14:23:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Big news today]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh Government]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>मैराथन बैठक में हुआ मंथन UP Elections 2027 news: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा ‘अखिलेश से बेहतर योगी’ के नैरेटिव को लेकर मैदान में&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/up-elections-2027-bjp-to-bank-on-the-slogan-yogi-is-better-than-akhilesh-the-sunday-views-hindi/">यूपी चुनाव 2027: ‘अखिलेश से बेहतर योगी’ के नारे पर दांव लगाएगी भाजपा</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>मैराथन बैठक में हुआ मंथन</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>UP Elections 2027 news: </strong>उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा ‘अखिलेश से बेहतर योगी’ के नैरेटिव को लेकर मैदान में उतरेगी। पार्टी का सुझाव है कि विपक्ष द्वारा सरकार को लेकर प्रचारित नकारात्मक बातों का तथ्यों के साथ जवाब दिया जाएगा। ये सुझाव शनिवार को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में चुनाव की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में सामने आए।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="945" height="703" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yogi-and-akhilesh.png" alt="" class="wp-image-26082" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yogi-and-akhilesh.png 945w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yogi-and-akhilesh-300x223.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/yogi-and-akhilesh-768x571.png 768w" sizes="auto, (max-width: 945px) 100vw, 945px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और सह प्रभारी जगदीश ईश्वर भाई पटेल ने अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और पार्टी पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठक कर वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से सुझाव लिए। ज्यादातर पदाधिकारियों ने सुझाव दिए कि विपक्ष के नैरेटिव में उलझने के बजाय पार्टी को विकास और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर काम करना चाहिए। खासकर सपा के पीडीए को लेकर विपक्ष जिस तरह से आक्रामक है, उसका जवाब सोशल मीडिया से दिया जाए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">करीब चार घंटे तक चली बैठक में बीएल संतोष ने कहा कि अब चुनाव होने में कम ही समय बचा है, इसलिए सरकार क्या-क्या कर सकती है इस पर फोकस होना चाहिए। पदाधिकारियों ने सुझाव दिया कि विपक्ष जिस तरह से सरकार के खिलाफ नैरेटिव बना रही है उसका जवाब देने के लिए जनता को सपा सरकार की कमियों को प्रमाणिक तरीके से जनता को बताना होगा। वहीं, भाजपा सरकार के अच्छे कामों, कानून-व्यवस्था, जनसुविधाओं, महिला सुरक्षा, औद्योगिक विकास, सड़क बिजली और रोजगार के लिए किए गए बेहतर कार्यों के जरिये समझाना होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जातियों को लेकर विपक्ष के नैरेटिव से भी निपटने पर चर्चा हुई। नेताओं ने सुझाव दिए कि सपा के पीडीए फॉर्मूले के जवाब में भाजपा सभी जातियों को हिंदू समाज के तौर पर पेश करेगी। बैठक में सभी प्रदेश महामंत्रियों के अलावा चार पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही और राम रमापति त्रिपाठी भी शामिल थे। तीन पूर्व उपाध्यक्षों संतोष सिंह, त्रयंबक त्रिपाठी और धमेंद्र सिंह को भी बैठक में बुलाया गया था।</p>



<h3 class="wp-block-heading">थानों व तहसीलों पर सुनवाई हो</h3>



<p class="wp-block-paragraph">पदाधिकारियों ने सुझाव दिए कि थाने-तहसील पर सुनवाई न होने से जनता में नाराजगी है। इसे दुरुस्त करने की जरूरत है। क्षेत्रीय व स्थानीय पार्टी के पदाधिकारियों की भी अधिकारी नहीं सुनते, जिससे जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है। बैठक में बताया गया कि कई ऐसे अधिकारी हैं जो अंदरखाने से सपा के पक्ष माहौल बनाने में जुटे हैं। ऐसे अधिकारियों को चिह्नित करने की जरूरत है।<br><br><strong>महामंत्रियों को दिया जीत का टास्क</strong><br>बीएल संतोष ने सभी महामंत्रियों के साथ अलग से भी बैठक की जिसमें उन्होंने एक महीने तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने के साथ ही विधानसभा चुनाव जीतने का भी टास्क दिया है। उन्हें क्षेत्र में प्रवास करने और जनता से नियमित संवाद करने को भी कहा गया है। संतोष ने मोर्चा और प्रकोष्ठों के गठन का काम भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।</p>
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		<title>न गुरूर, न लहजे में बनावट , उनकी सादगी का ज़िक्र महफ़िल में बार-बार हुआ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 13 Sep 2026 07:32:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[एक्सक्लूसिव]]></category>
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		<category><![CDATA[न गुरूर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शाश्वत तिवारी Dr. Dinesh Sharma news : सार्वजनिक जीवन में ऐसे लोग कम ही दिखाई देते हैं, जिनके बारे में राजनीतिक मतभेद तो हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत आचरण, सहजता&#8230; </p>
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<figure class="wp-block-image is-resized"><img decoding="async" src="http://www.indiaexpressnews.com/wp-content/uploads/2026/05/shashwatttt-226x300.jpg" alt="" class="wp-image-12096" style="aspect-ratio:0.7545454545454545;width:83px;height:auto"/></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>शाश्वत तिवारी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>Dr. Dinesh Sharma news :</strong> सार्वजनिक जीवन में ऐसे लोग कम ही दिखाई देते हैं, जिनके बारे में राजनीतिक मतभेद तो हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत आचरण, सहजता और उपलब्धता को लेकर समाज में बहुत कम शिकायतें सुनाई देती हैं। डॉ. दिनेश शर्मा का सार्वजनिक जीवन इसी श्रेणी का उदाहरण प्रस्तुत करता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="748" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/dinesh-s-21-1024x748.png" alt="" class="wp-image-26077" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/dinesh-s-21-1024x748.png 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/dinesh-s-21-300x219.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/dinesh-s-21-768x561.png 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/09/dinesh-s-21.png 1163w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">राजनीति में पद मिलना बड़ी बात नहीं, पद पर रहते अपनी पहचान को पद से बड़ा बना लेना असली उपलब्धि।&nbsp; एक शिक्षक, एक प्रोफेसर, एक संगठनकर्ता, लखनऊ के लंबे समय तक महापौर, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय वरिष्ठ नेता, डॉ. दिनेश शर्मा की यात्रा केवल पदों की सूची नहीं है। यह उस राजनीतिक संस्कार की कहानी है जिसमें शिक्षा, संगठन, संवाद, अनुशासन और सहज व्यवहार एक साथ दिखाई देते हैं। डॉ. दिनेश शर्मा की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में एक यह है कि उनकी राजनीतिक पहचान के पीछे उनका अकादमिक व्यक्तित्व हमेशा मौजूद रहा। वे लखनऊ विश्वविद्यालय से जुड़े रहे और वाणिज्य के प्रोफेसर के रूप में विद्यार्थियों के बीच अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 1988 में विश्वविद्यालय में अध्यापन शुरू किया और बाद में वाणिज्य विभाग में प्रोफेसर रहे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह बात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राजनीति और शिक्षा, दोनों की अपनी अलग-अलग कसौटियां हैं। शिक्षा व्यक्ति को तर्क करना सिखाती है, जबकि राजनीति उसे समाज को समझना सिखाती है। शिक्षक के सामने विद्यार्थी होता है और राजनेता के सामने पूरा समाज। शिक्षक ज्ञान देता है, राजनेता को जनभावनाओं और जनअपेक्षाओं को समझकर निर्णय लेने पड़ते हैं। डॉ. शर्मा के सार्वजनिक जीवन में इन दोनों भूमिकाओं का मेल दिखाई देता है। पद से बड़ा व्यक्तित्व होता है, व्यक्तित्व से बड़ा चरित्र होता है, और चरित्र से बड़ी कोई राजनीतिक पूंजी नहीं होती, डॉ. दिनेश शर्मा का जीवन इसी संदेश को सामने रखता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत विद्यार्थी परिषद से हुई और वे धीरे-धीरे संगठन में आगे बढ़ते गए। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर पार्टी के विभिन्न दायित्वों तक पहुंचने का उनका सफर बताता है कि संगठन में स्थायी स्थान केवल बड़े पद से नहीं, बल्कि लगातार काम करने से बनता है। आज की राजनीति में अक्सर लोग सीधे परिणाम चाहते हैं। लेकिन संगठन की राजनीति धैर्य मांगती है। वर्षों तक कार्यकर्ताओं के साथ रहना, छोटे-बड़े कार्यक्रमों में भाग लेना, लोगों से संवाद करना और संगठन की विचारधारा को जमीन तक पहुंचाना, यही वह प्रक्रिया है जो किसी नेता को केवल चुनावी चेहरा नहीं रहने देती, बल्कि संगठन का हिस्सा बनाती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डॉ. दिनेश शर्मा का राजनीतिक जीवन इस दृष्टि से भी अध्ययन का विषय है, लखनऊ जैसे ऐतिहासिक और संवेदनशील शहर की राजनीति को समझना आसान नहीं है। नवाबी तहजीब, गंगा-जमुनी सामाजिक परंपरा, तेजी से बढ़ता महानगर, पुरानी बस्तियां, नई कॉलोनियां, व्यापारिक क्षेत्र, प्रशासनिक प्रतिष्ठान और बदलती नागरिक अपेक्षाएं, लखनऊ हमेशा से एक जटिल शहर रहा है। ऐसे शहर की नगर राजनीति में लंबे समय तक नेतृत्व करना अपने आप में बड़ी जिम्मेदारी है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डॉ. दिनेश शर्मा वर्ष 2006 में पहली बार लखनऊ के महापौर चुने गए और 2012 में दोबारा इस पद पर पहुंचे। वे 2006 से 2017 तक महापौर रहे। महापौर का पद भले ही राज्य सरकार के किसी बड़े राजनीतिक पद जितना चर्चित न हो, लेकिन जनता के रोजमर्रा के जीवन से उसका सीधा संबंध होता है। सड़क, सफाई, प्रकाश, जल निकासी, नगर नियोजन, नागरिक सुविधाएं और शहर की मूलभूत समस्याएं, इन सबका सामना सीधे नगर नेतृत्व को करना पड़ता है। यही कारण है कि किसी नेता की वास्तविक प्रशासनिक समझ का एक बड़ा परीक्षण स्थानीय निकाय से भी होता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डॉ. दिनेश शर्मा के व्यक्तित्व की चर्चा करते समय उनकी सहजता और सरल व्यवहार का उल्लेख बार-बार सामने आता है। उन्हें सार्वजनिक जीवन में सहज उपलब्ध नेता के रूप में भी वर्णित किया गया है। यह गुण आज की राजनीति में और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि राजनीति केवल भाषणों से नहीं चलती। राजनीति संवाद से चलती है, और संवाद तभी संभव है जब नेता और कार्यकर्ता के बीच दूरी कम हो। एक ऐसा नेता जो अपने कार्यकर्ता की बात सुन सके, विरोधी विचार रखने वाले व्यक्ति से भी संवाद कर सके और आम नागरिक की समस्या को अपनी प्राथमिकता समझ सके, वह राजनीति को केवल सत्ता का माध्यम नहीं रहने देता, बल्कि उसे समाजसेवा का माध्यम बनाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डॉ. दिनेश शर्मा के व्यक्तित्व का सबसे प्रेरक पक्ष शायद यही है कि राजनीति में आने के बाद भी उनके भीतर का शिक्षक समाप्त नहीं हुआ।एक शिक्षक का मूल स्वभाव होता है, समझाना, सुनना, प्रश्नों का उत्तर देना और नई पीढ़ी को तैयार करना।राजनीति में भी यही गुण उपयोगी होते हैं। एक अच्छा नेता केवल अपने लिए रास्ता नहीं बनाता। वह अपने बाद आने वाली पीढ़ी के लिए भी रास्ता तैयार करता है। यही वह अंतर है जो किसी पदाधिकारी और मार्गदर्शक में होता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डॉ. शर्मा का अकादमिक जीवन और संगठनात्मक अनुभव इस बात का उदाहरण है कि राजनीति में शिक्षा की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद डॉ. दिनेश शर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। उनके पास शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग भी रहे।एक शिक्षक के लिए शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिलना विशेष महत्व रखता है। जिस व्यक्ति ने स्वयं विश्वविद्यालय में अध्यापन किया हो, उसे राज्य की शिक्षा व्यवस्था को देखने का अवसर मिलना निश्चित रूप से एक अलग प्रकार की जिम्मेदारी थी। यहां भी उनका अकादमिक अनुभव और प्रशासनिक दायित्व एक-दूसरे से जुड़ते दिखाई दिए।लोकतंत्र में किसी भी राजनेता की आलोचना हो सकती है। यह लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">लेकिन आलोचना और व्यक्तिगत कटुता के बीच एक स्पष्ट अंतर होना चाहिए। डॉ. दिनेश शर्मा के सार्वजनिक जीवन को देखने का एक उपयोगी तरीका यही है कि राजनीति में वैचारिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत गरिमा, संवाद और शालीनता को बनाए रखना कितना आवश्यक है।आज जब राजनीतिक भाषा लगातार अधिक आक्रामक होती जा रही है, तब ऐसे नेताओं का सार्वजनिक आचरण नई पीढ़ी को यह संदेश दे सकता है कि राजनीति में दृढ़ता और विनम्रता एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। आप अपने विचारों पर दृढ़ रह सकते हैं और फिर भी सामने वाले का सम्मान कर सकते हैं। यही लोकतांत्रिक संस्कार है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">किसी सार्वजनिक व्यक्ति के बारे में यह कहना कि उसका जीवन &#8220;निर्विवाद&#8221; रहा है, बहुत सावधानी से कहा जाना चाहिए। राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले किसी भी व्यक्ति के विचारों, बयानों या राजनीतिक निर्णयों पर बहस होना स्वाभाविक है। इसलिए डॉ. दिनेश शर्मा की सबसे बड़ी विशेषता को केवल &#8220;विवादों से परे&#8221; कहने के बजाय उनकी दीर्घ सार्वजनिक यात्रा, संगठनात्मक स्वीकार्यता और व्यक्तिगत सरलता के संदर्भ में देखना अधिक उचित होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">सार्वजनिक अभिलेखों में उनके चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की संख्या शून्य दर्ज थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">यह तथ्य भी उनके सार्वजनिक जीवन की चर्चा में उल्लेखनीय है।आज राजनीति में आने वाली युवा पीढ़ी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह प्रसिद्धि और उपलब्धि के बीच अंतर समझे। सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होना और समाज में स्वीकार्यता हासिल करना अलग-अलग बातें हैं। कुछ मिनट का वायरल वीडियो किसी व्यक्ति को चर्चित बना सकता है, लेकिन दशकों का सार्वजनिक जीवन ही किसी नेता की वास्तविक परीक्षा करता है।डॉ. दिनेश शर्मा की यात्रा से युवा राजनीति कई बातें सीख सकती है, पहली बात, पद के पीछे मत भागिए, काम के पीछे भागिए। दूसरी बात, शिक्षा को कभी मत छोड़िए। तीसरी बात, संगठन में छोटे दायित्व को भी ईमानदारी से निभाइए। चौथी बात, कार्यकर्ताओं और आम लोगों से संवाद बनाए रखिए। पांचवीं बात, विरोधी विचार रखने वाले व्यक्ति को भी सम्मान दीजिए और सबसे महत्वपूर्ण बात, छवि बनाने से ज्यादा जरूरी है चरित्र बनाना।लखनऊ के महापौर से उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और फिर राज्यसभा तक की यात्रा डॉ. दिनेश शर्मा के राजनीतिक विस्तार को दर्शाती है। 2023 में वे राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए, लेकिन किसी भी राजनेता की सबसे बड़ी उपलब्धि उसके पदों की संख्या नहीं होती।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आज राजनीति में तेज आवाज को अक्सर मजबूत नेतृत्व समझ लिया जाता है। सोशल मीडिया की आक्रामकता को जनसमर्थन का पैमाना मान लिया जाता है, और पद को प्रतिष्ठा का पर्याय बना दिया जाता है। ऐसे समय में डॉ. दिनेश शर्मा जैसे राजनीतिक व्यक्तित्व यह याद दिलाते हैं कि सार्वजनिक जीवन की वास्तविक शक्ति संयम, संवाद और निरंतरता में भी होती है। शिक्षक का धैर्य, संगठनकर्ता का अनुशासन, जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और राजनेता की राजनीतिक समझ, इन चारों का संतुलन किसी भी व्यक्ति को विशिष्ट बनाता है।</p>



<p class="wp-block-paragraph">डॉ. दिनेश शर्मा की कहानी केवल भाजपा की राजनीति की कहानी नहीं है। यह उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणा है जो सार्वजनिक जीवन में आना चाहते हैं। राजनीति में सफलता के कई रास्ते हो सकते हैं, लेकिन सम्मान का रास्ता आज भी वही है, ईमानदार प्रयास, निरंतर श्रम, अध्ययन, संवाद और विनम्रता। पद आते हैं और चले जाते हैं। सरकारें आती हैं और बदलती हैं। संगठन में जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं। लेकिन व्यक्ति का व्यवहार लोगों की स्मृति में लंबे समय तक रहता है। यही कारण है कि डॉ. दिनेश शर्मा के सार्वजनिक जीवन को केवल उनके राजनीतिक पदों की सूची के रूप में देखना उनके व्यक्तित्व को छोटा कर देना होगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph">उनकी असली कहानी उस यात्रा में है जिसमें एक शिक्षक संगठनकर्ता बना, संगठनकर्ता जनप्रतिनिधि बना, जनप्रतिनिधि राज्य के नेतृत्व तक पहुंचा और फिर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका निभाता रहा। भारतीय राजनीति को आज केवल बड़े नेताओं की जरूरत नहीं है। उसे ऐसे सार्वजनिक व्यक्तित्वों की भी जरूरत है जो नई पीढ़ी को यह समझा सकें कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व है।&nbsp;</p>



<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ की धरती ने उन्हें शिक्षक के रूप में देखा, महापौर के रूप में देखा, संगठनकर्ता के रूप में देखा और प्रदेश के नेतृत्व में भी देखा।आज उनकी सार्वजनिक यात्रा को पीछे मुड़कर देखने का सबसे सार्थक तरीका यही है कि उससे आने वाली पीढ़ी क्या सीखती है।अगर कोई युवा नेता यह सीख ले कि राजनीति में आगे बढ़ने के लिए पहले अपने भीतर का इंसान, विद्यार्थी और कार्यकर्ता जीवित रखना जरूरी है, तो डॉ. दिनेश शर्मा की लंबी सार्वजनिक यात्रा का सबसे बड़ा संदेश शायद यही होगा</p>



<p class="wp-block-paragraph"></p>
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