मुख्यमंत्री जी, होमगार्ड विभाग में 20 प्रतिशत से अधिक जिला कमांडेंट का हुआ ‘ट्रांसफर’


पहली लिस्ट में 13 कमांडेंट, दूसरी और तीसरी लिस्ट में एक-एक कमांडेंट का हुआ ट्रांसफर

20 प्रतिशत के हिसाब से 13 का ट्रांसफर होना चाहिये,कर दिया 15 का ट्रांसफर

महाराजगंज के कमांडेंट को मिला कोर्ट से स्टे,अब कहां बैठेंगे मनोज सिंह बघेल ?

हास्यापद सवाल : मंत्री जी,क्या एक कुर्सी पर दो कमांडेंट बिठायेंगे ?

संजय श्रीवास्तव

Joke over transfer policy in Home Guard department: यूपी में योगी राज है…। यहां पर योगी के खौफ से माफिया या तो जमींदोज हो गये या फिर फरार हो गये…। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त तेवर और बुलडोजर एक्शन का असर भी खूब दिख रहा है लेकिन इनके सरकार के एक मंत्री हैं जो योगी के जीरो टॉलरेंस की धज्जियां उड़ाते हुये भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं होमगार्ड विभाग के राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार धर्मवीर प्रजापति की। राज्य सरकार ने 20 प्रतिशत अधिकारियों का ट्रांसफर करने का निर्देश दिया लेकिन मंत्री ने इससे भी अधिक जिला कमांडेंट का ट्रांसफर कर एक तरह से योगी सरकार को चुनौती देने का काम कर दिखाया है। खास बात ये है कि मंत्री के शातिराना चाल में ईमानदार आईपीएस डी.के.ठाकुर उलझ गये हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर प्रमुख सचिव, होमगार्ड ने श्री ठाकुर से जिला कमांडेंट के ट्रांसफर पर आख्या मांग लिया है।

बता दें कि ‘द संडे व्यूज’ ने खुलासा किया था कि 29 मई को 13 जिला कमांडेंट का ट्रांसफर किया गया था। उसके बाद दो और कमांडेंट मनीष दूबे और सतीश कुमार सिंह का भी मंत्री के दबाव में ट्रांसफर किया गया क्योंकि ट्रांसफर पालिसी में व्यवस्था है कि समूह ख के अधिकारियों का ट्रांसफर विभागाध्यक्ष यानि डीजी,विभागीय मंत्री के परामर्श से करेंगे, स्वत: स्पष्ट है कि 20 प्रतिशत के कोटे का उलंघन मंत्री द्वारा कराया गया है।

31 मई को 5 कमांडेंट के ट्रांसफर में संशोधन कर दिया गया। यानि, पांच कमांडेंट ओमप्रकाश सिंह,विजय कुमार सिंह, दिनेश ढिंगरा, मनोज सिंह बघेल और राजेश कुमार सिंह को मनचाही जिलों में तैनाती का आदेश जारी कर दिया। खुलासा के बाद के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस खबर को संज्ञान में लिया और प्रमुख सचिव,होमगार्ड राजेश कुमार सिंह ने डीजी डी. के ठाकुर से इस पर आख्या मांग लिया। मुख्यालय स्तर से इसका जवाब बनाकर भेजने की तैयारी चल रही है। ट्रांसफर पालिसी के खिलाफ पांच कमांडेंट के ट्रांसफर में संशोधन करना एक तरह से शासन के नियमावली का उल्लंघन तो है ही वहीं मंत्री ने अंधभक्त अफसरों के इशारे पर 20 प्रतिशत से अधिक कमांडेंट का ट्रांसफर कर दिया है। देखा जाये तो तानाशाही रवैये और मुख्यमंत्री के नीतियों की धज्जियां उड़ाने की सोच ने मंत्री धर्मवीर प्रजापति और मुख्यालय के आईजी,डीआईजी को बुरी तरह से फंसा दिया है।

अब बताते हैं कि मंत्री ने कैसे 20 प्रतिशत से अधिक कमांडेंट का ट्रांसफर किया। 13 जिला कमांडेंट की लिस्ट जारी करने के बाद मंत्री के निर्देश पर डीजी डी. के. ठाकुर ने महोबा के जिला कमांडेंट मनीष दूबे का ट्रांसफर शामली कर दिया है। ठीक इसी तरह एक पत्र और जारी किया गया जिसमे सतीश कुमार सिंह को महाराजगंज से महोबा ट्रांसफर किया गया। हालांकि सतीश कुमार सिंह का महाराजगंज में कार्यकाल 10 माह ही हुआ था। मनमाने तरीके से ट्र्रांसफर करने के विरोध में वे न्यायालय की शरण में गये और उन्हें स्टे मिल गया है। चौंकाने वाली बात ये है कि न्यायालय के चाबुक चलने के बाद जब सतीश कुमार सिंह पुन: महाराजगंज के कमांडेंट बन गये तो यहां पर ट्रांसफर होकर आजमगढ़ के कमंाडेंट मनोज सिंह बघेल कहां जायेंगे ? मंत्री जी क्या अब एक जिले में कमांडेंट की एक कुर्सी पर दो कमांडेंट बिठाओगे ? शर्मनाक…शर्मनाक और बेहद शर्मनाक और हास्यापद बात है माननीय।

अब बताते हैं कि इस विभाग में कितने जिला कमांडेंट हैं और कैसे क्या हुआ…। इस विभाग में कुल 67 जिला कमांडेंट हैं, जिसमें से 1 का प्रमोशन हो गया। दो नये कमांडेंट ने हाल ही कार्यभार ग्रहण किया है। नये दोनों कमांडेंट फिलहाल (स्थानांतरण नीति से बाहर हैं) इस तरह मौजूदा समय कुल 68 जिला कमांडेेंट कार्यरत हैं। इस हिसाब से कुल 13 जिला कमांडेंट का ट्रांसफर करना चाहिये लेकिन मंत्री ने 15 कमांडेंट का ट्रांसफर कर खूब… है। देखा जाये तो जिन पांच कमांडेंट का ट्रांसफर के बाद दुबारा जिले बदले गये,उसे भी तो ट्रांसफर ही माना जायेगा…जो कि स्थानांतरण नीति के विपरित है। अब आप ही लोग गुणा-भाग करिये कि मंत्री धर्मवीर प्रजापति और मुख्यालय पर बैठे काबिल अफसरों ने योगी सरकार की किरकिरी की या फिर वाहवाही बटोरने वाला काम।

अगले अंक में जरुर देखियेगा

1- डीआईजी आर.के.वर्मा और एसएसओ आर.के.आजाद ने रात के अंधेरे अंखियां दबाकर कैसे रचा याचना का करिश्माई खेल ?

2-  डीआईजी आर.के.वर्मा के इस गंदे खेल को देख शासन बचा पायेगा या मंत्री जी देंगे भरपूर आशीर्वाद ?

3- क्या प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री से अपने को बड़ा मानते हैं डीआईजी आर.के.वर्मा ?

4- क्या मुख्यमंत्री की नीतियों को ध्वस्त कर होमगार्ड विभाग में नटुए बन रहे हैं होमगार्ड ?

5 -कमांडेंट के अत्याचार से श्री कृष्ण की नगरी मथुरा में हाहाकार,परेशान जवाब उठा सकते हैं कठोर कदम ?


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