कमांडेंट ने चारों पियक्कड़ होमगार्डों की थाने में लगायी ड्यूटी
डीजी,जेसीपी-ट्रैफिक द्वारा प्रतिबंधित करने के बाद भी माल देकर सभी होमगार्ड ट्रैफिक में करा लिये थे आमद

संजय श्रीवास्तव
लखनऊ। वर्ष 2024 में जेसीपी पियूष मोर्डिया ने अटल कन्वेंशन सेंटर के पास बने ट्रैफिक पुलिस बूथ में औचक छापेमारी की तो वहां पर शराब पीते हुये चार होमगार्ड अभिषेक त्रिपाठी,सर्वेश अवस्थी, अनूप सिंह और कोमल यादव पकड़े गये। बूथ में शराब और बीयर की बोतलें भी बरामद की गयी थी। श्री मोर्डिया की रिपोर्ट पर तात्कालीन जिला कमांडेंट अनूप सिंह ने चारों होमगार्ड को निलंबित कर जांच बिठा दी। तात्कालीन डीजी विजय कुमार और पियूष मोर्डिया ने आजीवन कामर्शियल ड्यूटी के लिये प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बावजूद एक मई को मुख्यालय के अफसरों को मिलाकर चारों होमगार्ड ट्रैफिक में अपनी डयूटी लगाने के लिये जिला कमांडेंट द्वारा आदेश करा लिया था। इस बात की भनक जब ‘द संडे व्यूज़‘ को लगी तो खबर प्रकाशित की गयी,जिस पर जिला कमांडेंट अमरेश कुमार ने तत्काल प्रभाव से यातायात से उनकी ड्यूटी हटाते हुये थानों में तैनात करने का आदेश जारी कर दिया है।

अभिषेक त्रिपाठी और सर्वेश अवस्थी को हजरतगंज थाने में,कोमल यादव और अनूप सिंह को भी यहां से हटा दिया गया है। सवाल फिर से वही है कि आखिर डीजी,जेसीपी के आदेश का क्या हुुआ? थाने में डयूटी भी कामर्शियल के दायरे में आता है ? फिलवक्त चारों पियक्कड़ का टैग लगाने वाले होमगार्डों को सूझ नहीं रहा कि अब वे क्या करें माल भी गया और थाने की ड्यूटी में एक रुपईया की कमाई भी…।