होली के आध्यात्मिक उल्लास में दयालबाग में मनाया गया परम पूज्य हुजूर सतसंगी साहब का पावन जन्मोत्सव
– सेवा, सतसंग और कृषि कार्य के साथ दिनभर चला उत्सव, देश-विदेश के 580 से अधिक केन्द्रों पर हुआ सजीव प्रसारण

ज्योति एस.
दयालबाग (आगरा)। मेरे हिये में बजत बधाई। संत सँग पाया रे ॥ 1 ॥
ढूँढ़ फिरी जग में बहुतेरा। भेद कहीं नहीं पाया रे ॥ 2॥

रा धा,धः स्व आ मी सतसंग दयालबाग के आठवें आचार्य परम पूज्य हुजूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी साहब का पावन जन्म दिवस आज होली उत्सव के पावन क्रम में अत्यंत श्रद्धा, सेवा एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समस्त सतसंगी भाई-बहनों एवं बच्चों ने सेवा, सतसंग तथा कृषि कार्य में अत्यंत उत्साह, उमंग और जोश के साथ कार्य किया। कृषि कार्य में परम पूज्य गुरु महाराज एवं परम आदरणीय रानी साहिबा जी की भी गरिमामयी सहभागिता रही।
आज प्रातः से शाम तक तीन शिफ्टों में कृषि कार्य बहुत जोश और उमंग के साथ संपन्न हुआ। सभी शिफ्टों में “जेंडर-फ्री सुपरह्यूमन बच्चों” द्वारा गुरु महाराज के पावन जन्मोत्सव पर अत्यंत मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ पेश की गईं, जिन्हें उपस्थित संगत ने अत्यंत सराहा।
विशेष बात यह रही कि आज सुबह परम पूज्य हुजूर सतसंगी साहब की पावन कोठी, 3/23 प्रेम नगर पर भी जन्म दिवस के उपलक्ष्य में लगभग 21 मिनट के विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

इस पावन अवसर पर समस्त संगत को नमकीन प्रसाद के साथ विशेष प्रसाद स्वरूप गुजिया भी वितरित की गई। आज के सम्पूर्ण कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देश-विदेश के 580 से अधिक केन्द्रों पर किया गया।