योगेश श्रीवास्तव
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के फ ायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर 25 मार्च को अपने 8 साल का कार्यकाल पूरा किया। प्रदेश की राजनीति में संभवत: यह पहला मौका है जब किसी मुख्यमंत्री ने निरतंर पद पर बने रहकर 8 साल का कार्यकाल पूरा किया हो। हालांकि इससे पूर्व नारायण दत्त तिवारी,चन्द्रभानु गुप्त और मायावती को चार- चार बार मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला लेकिन इनमें से कोई भी आठ साल तो दूर पांच साल का कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाया। योगी से पहले सबसे लंबा कार्यकाल इससे पूर्व संपूर्णानंद का रहा। वे पांच साल 345 दिन सीएम की कुर्सी पर रहें। उन्होंने यह कार्यकाल दो बार में पूरा किया था। इस लिहाज से सबसे लंबा और निरंतर इस पद पर बने रहने का रिकार्ड योगी आदित्यनाथ के नाम दर्ज हो गया है। 8 साल पूरा करने के बाद वे नवे वर्ष में प्रवेश कर रहे है और दूसरा कार्यकाल पूरा करने की ओर अग्रसर हैं।

योगी आदित्यनाथ ने अपने इन 8 साल के कार्यकाल में अपनी कार्यशैली से देश ही नहीं पड़ोसी राज्य तक में सुर्खिया बटोरी है। माफि याओं, भू-माफि याओं के खिलाफ योगी सरकार का बुलडोजर एक्शन देश के दूसरे राज्यों उत्तराखण्ड, महाराष्ट्र, असम, हरियाणा के अलावा पाकिस्तान में भी रोल माडल बना हुआ है। प्रदेश की कानून व्यवस्था के मामले में उत्तर प्रदेश ने जो कीर्तिमान बनाये वह भी मिसाल बनती जा रही है। बुलडोजर एक्शन और धारदार हिन्दुत्ववादी छवि के चलते चाहें किसी भी राज्य में चुनाव हो, मोदी, अमित शाह के बाद सबसे ज्यादा डिमाण्ड योगी आदित्यनाथ की रहती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार 19 मार्च 2017 को देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की बागडोर संभाली थी। 24 मार्च 2022 को पहला कार्यकाल पूरा करने के बाद 25 मार्च 2022 को दोबारा सूबे के मुख्यमंत्री बने और अब तक 8 वर्ष का अपना कार्यकाल पूरा किया। इससे पहले यूपी में भारतीय जनता पार्टी से तीन मुख्यमंत्री हुये जिनमे कोई भी अपना कार्यकाल पूरा नही कर पाया।
यूपी में पहली बार भाजपा की सरकार बनने पर जून 1991 में कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने थे। उनके बाद रामप्रकाश और राजनाथ सिंह को भी इस कुर्सी पर आसीन होने का मौका मिला, लेकिन इनमें से कोई भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया। योगी आदित्यनाथ इस मामले में भाजपा के ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने इतना लंबा कार्यकाल पूरा किया। इससे पूर्व प्रदेश में लंबे समय तक कांग्रेस और सपा का शासन रहा लेकिन कोई भी मुख्यमंत्री लगातार 8 साल तक मुख्यमंत्री नहीं रह पाया। पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वालों में मुख्यमंत्रियों में अखिलेश यादव और मायावती का शुमार है। यदि योगी आदित्यनाथ अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर लेते हैं तो यह एक अलग इतिहास होगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपना पहला कार्यकाल विधान परिषद सदस्य के रूप में पूरा किया था। जबकि 2022 के चुनाव में उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। हालांकि इससे पूर्व गोरखपुर संसदीय क्षेत्र से पांच बार निर्वाचित होकर संसद पहुंचे थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व ने उन्हें ही सीएम का चेहरा प्रस्तुत करके चुनाव मैदान में उतारा था। हालांकि 2017 की अपेक्षा 2022 में भाजपा की सीटें कम हुई लेकिन बहुमत की जादुई संख्या से कहीं ज्यादा थी। लोकसभा चुनाव में भाजपा को जो अपेक्षित सफ लता नहीं मिल पायी उसकी भरपाई योगी ने विधानसभा के उप-चुनाव में कर ली। 11 सीटों पर हुये उप-चुनावों में भाजपा ने 9 सीटों पर कब्जा करके लोकसभा चुनाव में हुयी हार की भरपाई कर ली।
इस समय योगी आदित्यनाथ का पूरा ध्यान प्रदेश के चतुर्दिक विकास के साथ आगामी 2027 के चुनावों को लेकर है। आत्मविश्वास से लबरेज सीएम योगी आदित्यनाथ सदन से सड़क तक यह दावा है कि प्रदेश की जनता एक बार भाजपा को मौका जरूर देगी।