यूपी चुनाव 2027: ‘अखिलेश से बेहतर योगी’ के नारे पर दांव लगाएगी भाजपा


मैराथन बैठक में हुआ मंथन

UP Elections 2027 news: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा ‘अखिलेश से बेहतर योगी’ के नैरेटिव को लेकर मैदान में उतरेगी। पार्टी का सुझाव है कि विपक्ष द्वारा सरकार को लेकर प्रचारित नकारात्मक बातों का तथ्यों के साथ जवाब दिया जाएगा। ये सुझाव शनिवार को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में चुनाव की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में सामने आए।

पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और सह प्रभारी जगदीश ईश्वर भाई पटेल ने अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और पार्टी पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठक कर वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से सुझाव लिए। ज्यादातर पदाधिकारियों ने सुझाव दिए कि विपक्ष के नैरेटिव में उलझने के बजाय पार्टी को विकास और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर काम करना चाहिए। खासकर सपा के पीडीए को लेकर विपक्ष जिस तरह से आक्रामक है, उसका जवाब सोशल मीडिया से दिया जाए।

करीब चार घंटे तक चली बैठक में बीएल संतोष ने कहा कि अब चुनाव होने में कम ही समय बचा है, इसलिए सरकार क्या-क्या कर सकती है इस पर फोकस होना चाहिए। पदाधिकारियों ने सुझाव दिया कि विपक्ष जिस तरह से सरकार के खिलाफ नैरेटिव बना रही है उसका जवाब देने के लिए जनता को सपा सरकार की कमियों को प्रमाणिक तरीके से जनता को बताना होगा। वहीं, भाजपा सरकार के अच्छे कामों, कानून-व्यवस्था, जनसुविधाओं, महिला सुरक्षा, औद्योगिक विकास, सड़क बिजली और रोजगार के लिए किए गए बेहतर कार्यों के जरिये समझाना होगा।

जातियों को लेकर विपक्ष के नैरेटिव से भी निपटने पर चर्चा हुई। नेताओं ने सुझाव दिए कि सपा के पीडीए फॉर्मूले के जवाब में भाजपा सभी जातियों को हिंदू समाज के तौर पर पेश करेगी। बैठक में सभी प्रदेश महामंत्रियों के अलावा चार पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही और राम रमापति त्रिपाठी भी शामिल थे। तीन पूर्व उपाध्यक्षों संतोष सिंह, त्रयंबक त्रिपाठी और धमेंद्र सिंह को भी बैठक में बुलाया गया था।

थानों व तहसीलों पर सुनवाई हो

पदाधिकारियों ने सुझाव दिए कि थाने-तहसील पर सुनवाई न होने से जनता में नाराजगी है। इसे दुरुस्त करने की जरूरत है। क्षेत्रीय व स्थानीय पार्टी के पदाधिकारियों की भी अधिकारी नहीं सुनते, जिससे जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है। बैठक में बताया गया कि कई ऐसे अधिकारी हैं जो अंदरखाने से सपा के पक्ष माहौल बनाने में जुटे हैं। ऐसे अधिकारियों को चिह्नित करने की जरूरत है।

महामंत्रियों को दिया जीत का टास्क
बीएल संतोष ने सभी महामंत्रियों के साथ अलग से भी बैठक की जिसमें उन्होंने एक महीने तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने के साथ ही विधानसभा चुनाव जीतने का भी टास्क दिया है। उन्हें क्षेत्र में प्रवास करने और जनता से नियमित संवाद करने को भी कहा गया है। संतोष ने मोर्चा और प्रकोष्ठों के गठन का काम भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *