
प्रतीक पाठक
Dehradun news : हल्द्वानी के शुद्धिकरण विवाद ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता तेज बारिश के बीच सीएम आवास घेराव के लिए कूच करते नजर आए। बारिश तेज थी, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश कम नहीं हुआ। बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े।

कांग्रेस के इस प्रदर्शन में पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा भी शामिल हुईं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाना चाहती है और इसी उद्देश्य से सीएम आवास घेराव का कार्यक्रम रखा गया।हालांकि, प्रदर्शनकारियों को हाथीबड़कला के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। यहां पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
दरअसल, पूरा विवाद 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद शुरू हुआ। कांग्रेस का आरोप है कि रैली के बाद कार्यक्रम स्थल का कथित तौर पर शुद्धिकरण किया गया। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर प्रदेश के अलग-अलग पुलिस थानों में तहरीर दी, लेकिन पार्टी का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई।
वहीं, कांग्रेस इस बात को लेकर भी सरकार पर हमलावर है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कानून व्यवस्था और कार्रवाई में दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी अब सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।
अब देखना होगा कि कांग्रेस के इस आंदोलन के बाद सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और शुद्धिकरण विवाद को लेकर पुलिस की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।