होमगार्ड विभाग: एक बार फिर महिलाओं की आबरु से खेल रहा गाजियाबाद का बीओ प्रीतम सिंह
दोनों महिलाकर्मियों ने कमांडेंट अमित वर्मा से की शिकायत,नहीं हुयी कार्रवाई तो मुख्यमंत्री से की फरियाद
मामले को दबाने वाले कमांडेेेंट, मोबाइल पर सैक्सी बातें करने वाले बीओ प्रीतम सिंह पर होगी कार्रवाई ?
क्या निधि शर्मा और जरीना को मुख्यमंत्री देंगे इंसाफ,क्या गुनहगारों को मिलेगी सजा ?

संजय श्रीवास्तव
लखनऊ। होमगार्ड विभाग में एक बार फिर से इसी विभाग के ब्लाक आर्गनाइजर महिलाओं के आबरु के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ताजा प्रकरण गाजियाबाद का है। ब्लाक आर्गनाइजर द्वारा सैक्सुअल हरासमेंट करने की बातें जब महिलाओं ने जिला कमंाडेंट,गाजियाबाद अमित कुमार वर्मा को बतायी तो उन्होंने अनसुनी कर दी। बेबस दोनों महिलाकमियों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री,अपर प्रमुख सचिव, होमगार्ड, डीजी, होमगार्ड और डीआईजी, आगरा परिक्षेत्र से की। मुख्यमंत्री को लिखे गये पत्र में गाजियाबाद में तैनात कनिष्ठ सहायक निधि शर्मा ने बीओ प्रीतम सिंह पर गंभीर आरोप लगाया है। पत्र में लिखा है कि प्रीतम सिंह रात में एक बजे कॉल कर मुझसे गंदी बातें करता है। कहता है ‘तुमसे बात करता हूं तो मेरा’…। एक बार अगर नौकरी ठीक से करनी है तो मुझसे जुड़ जाओ…मेरे साथ होटल चली चलो,वहीं रहेंगे पूरा दिन और तुमको पूरा मजा दुंगा…मेरे जैसा मर्द पूरी दुनिया में तुम्हें नहीं मिलेगा…हमसे जो एक बार मिल लेता है बार-बार मिलता है। मामले की गंभीरता को देख डीआईजी संजीव शुक्ला ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग कर सभी कमांडेंट को हिदायत दी कि महिलाओं का उत्पीडऩ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। फिलहाल दोनों महिलाकर्मियों को मुख्यमंत्री से इंसाफ की दरकार है।

बता दें कि होमगार्ड विभाग में पूर्व में भी मुख्यालय पर तैनात एक ब्लाक आर्गनाइजर राधेश मिश्रा द्वारा एक महिला होमगार्ड के साथ सैक्सुअल बातें करने का प्रकरण ‘द संडे व्यूज़’ ने उठाया था,जिस पर पूर्व डीजी ने गंभीर रुख अपनाते हुये बीओ से कनिष्ठ प्रशिक्षण बना दिया। देखना है कि इस प्रकरण में मुख्यालय क्या एक्शन लेता है।
मुख्यमंत्री को लिखे गये पत्र में गाजियाबाद में तैनात कनिष्ठ सहायक निधि शर्मा ने बीओ प्रीतम सिंह पर गंभीर आरोप लगाया है। पत्र में लिखा है कि प्रीतम सिंह रात में एक बजे कॉल कर मुझसे गंदी बातें करता है। कहता है तुमसे बात करता हूं तो मेरा…। एक बार अगर नौकरी ठीक से करनी है तो मुझसे जुड़ जाओ…मेरे साथ होटल चली चलो,वहीं रहेंगे पूरा दिन और तुमको पूरा मजा दुंगा…मेरे जैसा मर्द पूरी दुनिया में तुम्हें नहीं मिलेगा…हमसे जो एक बार मिल लेता है बार-बार मिलता है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि देर रात प्रीतम ने रात में काल कर कहा कि मेरी बीबी से झगड़ा हो गया है। फुल लोडेड पिस्टल है। अभी सुसाइट करूंगा और तीन लोगों को मर्डर होना तय है। इस बात की सूचना में मैंने कमांडेंट को 5 जुलाई को ही दे दी थी। सूचना के बाद प्रीतम सिंह अपनी पत्नी और एक अंजान व्यक्ति के साथ मेरी सोसाइटी में आकर घंटों खड़े रहें। प्रीतम सिंह गाजियाबाद में 23 साल से जमा है और कहता है कि यहां मेरी सभी सीनियर अफसरों से सांठगांठ है। यदि मेरी बात जो नहीं मानेगा उस पर एससीएसटी एक्ट लगाकर जेल भिजवा दूंगा।

इसी तरह कमांडेंट कार्यालय पर ही तैनात रनर जरीना के साथ भी बीओ प्रीतम सिंह ने सैक्सी बातें कर साथ चलने का आफर दिया जिसे जरीना ने साफ तौर पर मना कर दिया। उसके बाद उसे फोन,मोबाइल पर गंदी-गंदी बातें कर इतना परेशान कर दिया कि जरीना ने इसकी शिकायत कमांडेंट अमित वर्मा से की। कोई कार्रवाई ना होने पर जरीना ने भी मुख्यमंत्री पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कर इंसाफ की गुहार लगायी। खैर,इस पत्र ने महिला सरकार के सशक्तिकरण की हवा निकाल दी है।
वैसे भी होमगार्ड विभाग महिला उत्पीडऩ और शारीरिक शोषण की कहानियों को लेकर हमेशा चर्चा में रहा और आज इस पत्र ने एक बार फिर से होमगार्ड मंत्री धर्मवीर प्रजापति की महिला सशक्तिकरण की सोच की हवा निकल गयी है। गाजियाबाद के कमांडेंट अमित कुमार वर्मा भी मंत्री के दुलारे अफसरों में गिने जाते हैं,तभी तो अपने दोनों सहकर्मियों की मान प्रतिष्ठा को नहीं बचा पा रहे हैं। क्या कमांडेंट ने अपने दुलारे मंत्री जी या डीजी होमगार्ड को इस बात की सूचना दी थी ? यदि नहीं तो क्यों ? क्या कमांडेंट और बीओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं बनती ?