नई दिल्ली: रणजी ट्रॉफी 2026-27 के मुकाबले में मिजोरम और नागालैंड के बीच खेले गए मैच में 29 वर्षीय बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नाबाद 400 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। अपनी इस मैराथन पारी में उन्होंने 517 गेंदों का सामना करते हुए 46 चौके और 7 शानदार छक्के लगाए। इस विशाल पारी के साथ ही वे प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 400 या उससे अधिक रन बनाने वाले भारत के महज दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले साल 1948 में बीबी निंबालकर ने नाबाद 443 रनों की रिकॉर्ड पारी खेली थी। विश्व क्रिकेट के स्तर पर देखें तो चिन्मय इस दुर्लभ मुकाम को छूने वाले दुनिया के केवल 10वें खिलाड़ी हैं।

कैसा रहा है चिन्मय का करियर?
दाएं हाथ के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने इसी रणजी सत्र में मिजोरम की ओर से अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया है। मणिपुर के खिलाफ खेले गए अपने पहले ही मैच की दूसरी पारी में उन्होंने 99 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर फॉर्म के संकेत दे दिए थे। मिजोरम से जुड़ने से पहले वे मुंबई के घरेलू क्रिकेट सेटअप का हिस्सा थे। उन्होंने इस साल विजय हजारे ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ मुंबई के लिए अपना एकमात्र लिस्ट-ए मुकाबला खेला था, जिसमें वे 2 रन बनाकर रन आउट हो गए थे। इसके बाद मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल करने के बाद वे मिजोरम की टीम में शामिल हो गए।
पिता भी रह चुके हैं क्रिकेटर
चिन्मय का क्रिकेट से रिश्ता नया नहीं है, उनका पूरा पारिवारिक पृष्ठभूमि ही खेल से जुड़ा रहा है। उनके पिता राजेश जनार्दन सुतार भी मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं। वे एक ऑलराउंडर खिलाड़ी थे जो दाएं हाथ से बल्लेबाजी और ऑफ-स्पिन गेंदबाजी करते थे। राजेश सुतार ने अपने करियर में 7 प्रथम श्रेणी और 30 लिस्ट-ए मैच खेले हैं जिनमें उनके नाम 2 शतक और 4 अर्धशतक दर्ज हैं। संन्यास लेने के बाद उन्होंने क्रिकेट प्रशासन, कोचिंग और टैलेंट सेलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं।
ओमान भी जा चुके हैं चिन्मय
चिन्मय के शुरुआती सफर और अनुभवों पर नजर डालें तो वे साल 2021 में ओमान दौरे पर गई मुंबई की सीमित ओवरों की टीम का भी हिस्सा रहे थे। उस दौरे पर उन्होंने मुंबई के लिए 4 गैर-आधिकारिक एकदिवसीय मैच खेले थे। हालांकि, उस दौरान वे 60 रन ही बना सके थे, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 37 रन था। ओवरऑल करियर की बात करें तो उन्होंने अब तक खेले 5 लिस्ट-ए मुकाबलों में एक शतक की मदद से 67.00 के औसत और 98.52 के स्ट्राइक रेट से 134 रन बनाए हैं।
नागालैंड के खिलाफ मिजोरम ने अपनी पहली पारी 581/9 के स्कोर पर घोषित की, जिसकी पूरी नींव चिन्मय की इस 400 रनों की नाबाद यादगार पारी पर टिकी थी। घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर इतिहास रचने वाले इस युवा बल्लेबाज ने यह साबित कर दिया है कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं और सही मार्गदर्शन मिलने पर किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने का माद्दा रखते हैं।