पवन पांडेय तारीख निकलवाइए हम सब पहुंचेंगे- अखिलेश


अयोध्या: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को अयोध्या में पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के पैतृक घर कृष्णापुर में श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। इस दौरान अखिलेश पूरी तरह भागवत कथा के रंग में नजर आए। अखिलेश यादव कथा स्थल पर भगवान कृष्ण के जीवन में सामाजिक न्याय, समानता, प्रेम, दया और बंधुत्व का संदेश दिया, हालांकि अखिलेश ने एक बार फिर राम मंदिर से दूरी बनाए रखी।


अखिलेश ने अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन को लेकर चल रही अटकलों पर ​भी विराम लगाते हुए ऐलान किया कि वे जल्द ही अपनी टीम के साथ अयोध्या में राम लला के दर्शन के लिए आएंगे। अखिलेश ने कहा कि उन्होंने पूर्व में संकल्प लिया था कि केदारेश्वर धाम के पूर्ण होने के बाद ही वे अयोध्या दर्शन के लिए आएंगे।  

राम मंदिर दर्शन को लेकर क्या कहा

उन्होंने बताया कि केदारेश्वर में भगवान शिव का मंदिर का निर्माण हो रहा है। जिस पर रामेश्वरम, केदारनाथ, उज्जैन महत्वपूर्ण स्थान है। अखिलेश ने कहा कि पवन पांडेय से कहूंगा एक तारीख निकलवाइए हम सब राम मंदिर के दर्शन पर पहुंचेंगे। बता दें कि अखिलेश ने वर्ष 2022 से 2026 चार साल में तीसरी बार अयोध्या का दौरा किया लेकिन राम मंदिर से दूरी बनाकर रखी। सबसे पहले अखिलेश यादव 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान अयोध्या में रोड शो करने पहुंचे थे।

राम मंदिर से क्यों बनाई दूरी

इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी अखिलेश यादव फैजाबाद क्षेत्र में चुनावी कार्यक्रम में पहुंचे थे। जनवरी 2024 में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण को लेकर अखिलेश ने कहा था कि समारोह के बाद दर्शन के लिए आएंगे। अब 2026 में एक बार फिर वह अयोध्या में भागवत कथा में शामिल हुए, लेकिन रामलला के दर्शन के लिए नहीं पहुंचे। जिसको लेकर सियासत गरमाई हुई है। अब अखिलेश ने खुद कहा कि वे केदारेश्वर का निर्माण पूरा करने के बाद रामलला के दर्शन करेंगे।

कब तक होगा केदारेश्वर धाम का निर्माण

अखिलेश यादव यूपी के इटावा (सैफई क्षेत्र) में यमुना नदी के किनारे केदारेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण करवा रहे हैं। जो कि 50 बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है। इस मंदिर का शिलान्यास अखिलेश यादव ने 7 मार्च 2021 को किया था। इसका मुख्य भवन उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर डिजाइन किया गया है, जबकि इसका परिसर तमिलनाडु के तंजोर (तंजानूर) के बृहदेश्वर मंदिर जैसा है। मंदिर का मुख्य भवन और गर्भगृह लगभग बनकर तैयार हो चुका है। माना जा रहा है कि चुनाव से ठीक पहले इसका ​उद्घाटन किया जा सकता है।


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