CM Yogi News:मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंध्र प्रदेश के वेंकटचलम (नेल्लोर) में सोमवार को हुए स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25वें स्थापना दिवस समारोह में कहा कि विदेशी आक्रमणों और औपनिवेशिक दौर ने देश की स्वावलंबी ग्रामीण व्यवस्था को कमजोर किया, लेकिन गांवों की आत्मा कभी समाप्त नहीं हुई। स्वर्ण भारत ट्रस्ट का ब्रिज स्कूल और यूपी के अटल आवासीय विद्यालय समान सोच के साथ वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है, जो ग्लोबल और आधुनिक तकनीक से लैस हो। उसके हृदय में अपनी संस्कृति पर गर्व, संवेदनशीलता और नेशन फर्स्ट की भावना हो।

उन्होंने ट्रस्ट के संस्थापक पूर्व उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू को उत्तर व दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक व आध्यात्मिक सेतु बताया। कहा, भारत की सभ्यता की शक्ति गांव रहे हैं। सदियों तक अर्थव्यवस्था, सामाजिक जीवन और संस्कृति के केंद्र भी रहे। वे उत्पादन, ज्ञान और जल संरक्षण के साथ कला-शिल्प के केंद्र तथा सामाजिक मूल्यों की मूल इकाई भी रहे हैं। कृषि, पशुपालन, शिल्प, व्यापार, स्थानीय संस्थाएं, सभी एक दूसरे से जुड़ी थीं। गांव की अर्थव्यवस्था में एक का उत्पादन दूसरे की आजीविका बनता था। महात्मा गांधी का आह्वान था बैक टू विलेज। वे ग्राम स्वराज के माध्यम से ऐसा गांव चाहते थे जो आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और अपनी जरूरतों के लिए निर्णय लेने में समर्थ हो।
गांधीजी की सोच को आगे बढ़ाया
सीएम ने कहा, महात्मा गांधी की सोच को आगे बढ़ाते हुए वेंकैया नायडू ने 2001 में अपने आठ साथियों के साथ स्वर्ण भारत ट्रस्ट की शुरुआत की और स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर दंत एवं नेत्र चिकित्सा, पशु चिकित्सा से लेकर किसान प्रशिक्षण, महिला प्रशिक्षण से लेकर व्यावसायिक शिक्षा और कंप्यूटर प्रशिक्षण से लेकर विद्यालयों एवं ब्रिज स्कूलों तक सराहनीय कार्य किया। ट्रस्ट की ग्रामीण महिलाओं के लिए संचालित प्रशिक्षण व्यवस्था की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें महिलाओं के लिए अलग आवास की व्यवस्था भी है। जब तक व्यवस्था सुरक्षित नहीं होती, तब तक परिवार अपनी बेटी को बाहर नहीं भेजता।