ब्यूरो, गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में नागपंचमी के अवसर पर आयोजित प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने माफिया प्रवृत्ति को युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, पेशेवर, खेल या ड्रग माफिया, किसी भी प्रकार का माफिया युवाओं को क्षति पहुंचाता है। युवा शक्ति को बचाने के लिए डबल इंजन सरकार द्वारा बढ़ाई गई खेल संस्कृति को सार्थकता देना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर युवाओं और खेल को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें युवाओं का दुरुपयोग करती थीं और उन्हें माफिया की गिरफ्त में छोड़ देती थीं। योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि युवाओं के जीवन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी माफिया की संपत्ति जब्त कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पिछले 10-12 वर्षों में भारत की खेल संस्कृति में व्यापक परिवर्तन का उल्लेख किया। खेलो इंडिया, फिट इंडिया, सांसद व विधायक खेलकूद प्रतियोगिता और ग्रामीण लीग जैसी पहलें आगे बढ़ी हैं।
हाल ही के कॉमनवेल्थ खेलों में भारत के खिलाड़ी चौथे स्थान पर रहे और पदक जीते। उत्तर प्रदेश के नौ खिलाड़ियों में से तीन ने एक गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज पदक प्राप्त किए। प्रदेश सरकार ने खेल नीति लाकर पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की है। अब तक 500 से अधिक खिलाड़ियों को नौकरी दी जा चुकी है, जिसमें सहायक निदेशक से लेकर डिप्टी एसपी तक के पद शामिल हैं।
अगले एक महीने में 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को यूपी पुलिस व अन्य विभागों में नौकरी मिलेगी। ओलंपिक में गोल्ड पदक विजेता को 6 करोड़, सिल्वर को 4 करोड़ और ब्रॉन्ज विजेता को 2 करोड़ रुपये दिए जाते हैं। ओलंपिक में प्रतिभाग करने पर 10 लाख और कॉमनवेल्थ व एशियाड में 5-5 लाख रुपये की सहायता मिलती है।
खेल संस्कृति का विस्तार और सरकारी प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल संस्कृति को बढ़ाने के लिए सरकार के साथ समाज और स्वयंसेवी संगठनों को भी जुड़ना होगा। उन्होंने निजी एकेडमियों को सहायता देने की बात कही, क्योंकि वे युवाओं को तराशने का काम करती हैं। पुराने पहलवानों और उस्तादों के अखाड़ों का पंजीकरण, निर्माण और मैटिंग जैसी सहायता भी दी जाएगी। कोचेज और मैनेजरों को भी सहायता प्राप्त हो, इसकी व्यवस्था बनेगी। राज्य सरकार की खेल नीति निजी क्षेत्र के सहयोग का पूरा समर्थन करेगी। उन्होंने गाजीपुर के ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल का उदाहरण दिया, जो निजी स्टेडियम से आगे बढ़े। सरकार हर गांव में खेल का मैदान, ओपन जिम, हर विकास खंड में मिनी स्टेडियम और हर जनपद में स्टेडियम बनाने का प्रयास कर रही है।
नशा मुक्ति और आत्म-अनुशासन का महत्व
योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को ड्रग और स्मार्टफोन के नशे से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ड्रग माफिया युवा पीढ़ी को खोखला बनाना चाहता है, जिसके खिलाफ हर जागरूक नागरिक को लड़ना होगा। स्मार्टफोन पर खर्च होने वाले 90 फीसदी समय को फजूल बताया। युवाओं से 5-6 घंटे बचाकर कम से कम एक घंटा शरीर को देने का आग्रह किया। स्वस्थ शरीर से स्वस्थ मस्तिष्क और सशक्त भारत का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ी के लिए आत्म-अनुशासन और आत्म-संयम को पहला नियम बताया। उन्होंने समय पर जागने, सोने, खान-पान और गुरु-शिष्य परंपरा का पालन करने पर जोर दिया।
नई युवा नीति और पहलवानों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार बहुत जल्द नई ‘युवा नीति’ ला रही है। इस नीति में युवाओं के लिए कई आयोजन और कार्यक्रम होंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘अभ्युदय कोचिंग’ को हर कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंचाया जाएगा। हर जिले में एक एम्प्लॉयमेंट जोन बनेगा, जहां युवाओं की स्किलिंग और रोजगार दोनों मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने नागपंचमी की बधाई दी और इसका आध्यात्मिक महत्व समझाया। उन्होंने उत्तर प्रदेश केसरी, उत्तर प्रदेश कुमार और उत्तर प्रदेश वीर अभिमन्यु खिताब जीतने वाले पहलवानों को पुरस्कृत किया। गौतमबुद्ध नगर के आकाश को 1.01 लाख रुपये व गदा, गाजियाबाद के प्रशांत कुमार को 51 हजार रुपये दिए गए।