‘द संडे व्यूज़’ की ‘धारदार खबरों’ से से ‘डरे’ मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने अफसरों से कहा: ‘संजय पुरबिया का नंबर ब्लॉक कर दो’…


मुख्यालय पर डी. जी. के कमरे में मंत्री की ‘बौखलाहट’ से अफसर सकते में…

मंत्री जी, आचार संहिता लगने के बाद आप ‘हाशिये’ पर और ‘द संडे व्यूज़’ ‘बुलंदी’ पर होगा

मंत्री जी,प्रदेश की जनता,जवानों की ‘आवाज’ है ‘द संडे व्यूज’, आपके जाने के बाद क्या होगा ‘चरण वंदना’ करने वाले भ्रष्ट अफसरों का !

संजय श्रीवास्तव

लखनऊ। कल यानि शनिवार को होमगार्ड राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति होमगार्ड मुख्यालय पर वाटर कूलर का उदघाटन करने गये। मंत्री ने अपने सहयोग से जवानों को शुद्ध पानी के लिये वाटर कूलर लगाकर बेहतरीन काम किया लेकिन उनके और तथाकथित भ्रष्ट अफसरों की कहानियां क्रमवार ‘द संडे व्यूज़’, ‘इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ डॉट कॉम’ द्वारा खुलासा करने से राज्य मंत्री धर्मवीर प्रजापति पूरी तरह से ‘डरे’, ‘सहमे’ हैं। ‘डर’ का आलम ये है कि मंत्री धर्मवीर जिस जनपद में जाते हैं होमगार्डों से पूछते हैं संजय पुरबिया को जानते हो ? सभी की जुबां से ‘ना’ शब्द निकलता है…लेकिन मंत्री के ‘फुर्र’ होते ही वहां मौजूद होमगार्ड फोन कर बताते हैं कि ‘भईया मंत्री जी की हालत खराब है…लिखना बंद कर दो, बेचारे बहुत डरे हुये हैं…।’ धर्मवीर प्रजापति के चेहरे पर ‘डर’ का भाव कल डीजी के कक्ष में अफसरों को देखने को मिला। उस दौरान डीजी के कमरे में मंत्री धर्मवीर प्रजापति, आईजी, पुलिस धर्मवीर पार्ट 2, आईजी, होमगार्ड संतोष सुचारी, डीआईजी आर.के.वर्मा, डीआईजी ट्रेनिंग सेंटर अजय कुमार पाण्डेय, एसएसओ आर. के. आजाद, जे एस ओ अवनीश सिंह और जिला कमांडेंट अमरेश वर्मा मौजूद थे। मंत्री ने सवाल दागा, संजय पुरबिया मुख्यालय आता है ? डीजी डी. के. ठाकुर ने जवाब दिया नहीं सर, जबसे आपने कहा है, वे नहीं आते हैं…। अफसरों की तरफ मुखातिब होते हुये मंत्री ने दूसरा सवाल दागा, सभी लोग उसका नंबर ‘ब्लॉक’ कर दो और प्रदेश के सभी जवानों से बोलो उसे ‘ब्लॉक’ कर दें…। उसके बाद आईजी धर्मवीर प्रजापति ने मंत्री को बताया कि पुरबिया मुख्यालय पर संतोष सुचारी और अजय पाण्डेय के यहां आकर बैठता था? इस पर तमतमाये आईजी संतोष सुचारी ने करारा जवाब दिया कि पुरबिया तो सभी के यहां आकर बैठते थे,पूर्व डीजी के करीबी थे। पत्रकार हैं,आपसभी के यहां भी बैठते थे फिर मेरा नाम क्यों लिया जा रहा है ? सुचारी के तेवर को भांप मंत्री ने कहा कि वे तो मेरे यहां भी आकर बैठता था…। वहीं ‘छोटी सोच’ पर उतारू होते देख डीजी पत्रावलियों को निपटाने में जुट गये। दोनों धर्मवीर की ‘छोटी सोच’ की बातों पर कलमकार इतना ही कहेगा… शर्मनाक, शर्मनाक और शर्मनाक…। मंत्री के मुख्यालय से ‘फुर्र’ होते ही अफसरों के बीच कानाफूसी शुरु हो गयी। ‘फुर्र’ होते ही तीन अफसरों ने बताया ‘यार… संजय पुरबिया ने तो मंत्री की हालत खराब कर दी है…चेहरे पर डर साफ दिख रहा था…।’

मंत्री जी, ‘द संडे व्यूज़’ एक मिशन का नाम है…याद रखिये इस पर लोग रोक लगाने की हिमाकत करेंगे तो पूरी जनता आपके खिलाफत उतरेगी। सोचिये, बंद कमरे की बातें ‘द संडे व्यूज़’ तक कैसे पहुंची ? ये ‘ईमानदार’ अधिकारियों का ‘संजय पुरबिया’ के प्रति ‘भरोसा’ है, आपके प्रति नहीं…। ईमानदार अफसर और जवान जानते हैं कि चार माह बाद आचार संहिता लगने पर आप हाशिये पर आ जाओगे…इसी विभाग में जो अभी आपकी चाटुकारिता करते दिख रहे हैं, पूछने तक तक नहीं जायेंगे और ‘द संडे व्यूज़’ तेज रफ्तार से भ्रष्टïाचार से पर्दा उठाता रहेगा और पीडि़त अफसर और जवानों की ‘आवाज’ को बुलंद करता रहेगा।

आखिर में एक बात और, ‘द संडे व्यूज़’ पर रोक लगाने की गल्ती मत करना क्योंकि ये अखबार,पत्रिका और सोशल मीडिया एक आम आदमी से लेकर शुभ चिंतकों द्वारा ‘स्वेच्छा’ से ‘सहयोग राशि’ देने से चल रहा है। आर्थिक रुप से ‘द संडे व्यूज़’ कमजोर है लेकिन हौसला ‘फौलाद’ की तरह ‘बुलंद’ है इसलिये आपके हर ‘चुनौती’ को ‘डंके की चोट’ पर स्वीकार कर आपका ‘चरण वंदना’ करने वाले भ्रष्ट अफसरों के कारनामों को जनता के बीच पहुंचाने का काम करता रहेगा। ये भी बता दूं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘सोच’ ‘जीरो टालरेंस’ की नीतियों की धज्जियां उड़ाने की गल्ती आप या आपके ‘चरण वंदना’ करने वाले तथाकथित अधिकारी ना ही करें तो बेहतर होगा क्योंकि ‘द संडे व्यूज़’ की नजर आपलोगों की हर गतिविधियों पर लगी है। आखिर में आपके आवास पर जाकर चरण वंदना कर नौकरी करने वाले तथाकथित भ्रष्ट अफसरों से एक सवाल दागता हूं… प्रबल संभावना है कि चार माह बाद आचार संहिता लग जायेगी, आपके मंत्री हाशिये पर आ जायेंगे, उसके बाद आपलोगों का …? मंत्री धर्मवीर प्रजापति जी आखिर में आपसे यही कहना चाहता हूं…

शाखों से टूट जायें वो पत्ते नहीं हैं हम…

आंधी से कोई कह दे कि औकात में रहे।


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