यह कार्रवाई सबूत मिटाने की साजिश ?
आधी रात को जारी किया ध्वस्तीकरण का नोटिस
LDA wakes up after 15 deaths ! news : अलीगंज में 15 बेगुनाह जिंदगियां लेने वाले अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ( LDA ) ने देर रात ही आनन-फानन में इस अवैध बिल्डिंग को ध्वस्त करने का नोटिस जारी कर दिया। एलडीए की इस हड़बड़ी पर लोगों का आरोप है कि यह बिल्डिंग कोई रातों-रात खड़ी नहीं हुई, सालों से यहां नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थी। एलडीए के प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट) दस्ते और इंजीनियरों ने कभी इस तरफ मुड़कर भी नहीं देखा क्योंकि उनकी ‘महीने की सेटिंग’ चल रही थे। अब जब 15 लाशे उठ गई, तो विभाग खुद की पाक-साफ दिखाने की नौटंकी कर रहा है।

अलीगंज अग्निकांड इस पूरे मामले पर अब सियासत भी गरमा गई है। विपक्ष ने एलडीए की इस जल्दबाजी पर गंभीर सवाल उठाए है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब बिल्डिंग सालों से अवैध थी, तब कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या एलडीए 15 जिंदगियं खत्म होने का इंतजार कर रहा था। नेताओं ने आशंका जताई है कि कही बड़ी कार्रवाई की आड़ में एलडीए के भ्रष्ट अफसरों को बचाने और मौके से सबूत मिटाने के लिए तो आनन-फानन में बुलडोजर नहीं चलाया जा रहा?
अपर सचिव अध्यक्ष एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने जांच के लिए पाच सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दी है। प्राधिकरण के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। वीसी ने निर्देश दिए है कि जांच की रफ्तार तेज कर जल्द से जल्द रिपोर्ट दी जाए।
जांच टीम में ये अफसर शामिल-
- ज्ञानेंद्र वर्मा (अपर सचिव) की अगुवाई में बनाई गई जाच कमिटी
- के.के. गौतम मुख्य नगर नियोजक
- मानवेंद्र सिंह (मुख्य अभियता),
- मनोज सागर (अधिशासी अभियंता विद्युत
- एवं यात्रिका
- रवि नंदन सिंह (प्रभारी संपत्ति अधिकारी)
इन 3 सवालों का जवाब तलाशेगी कमिटी
नक्शा घोटालाः आवासीय प्लॉट पर व्यावसायिक इमारत और कोचिंग सेंटर कैसे खड़े हो गए
मानकों की अनदेखीः बिना फायर सेफ्टी, बिना वेंटिलेशन और बिना सेट बैंक (चारों तरफ खाली जगह) के बिल्डिंग को चलने की छूट किसने दी ?
प्रवर्तन की सेटिंगः इलाके में तैनात रही एलडीए की प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट) टीम की आंखे सालो से क्यों बंद थी?