मत्स्य विभाग में भ्रष्टाचार-कानपुर मंडल के 10 अधिकारी-कर्मचारी हटाए गए


ब्यूरो, लखनऊ। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषाद राज बोट योजना आदि में भ्रष्टाचार और लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की गई है।कानपुर मंडल की उपनिदेशक सुनीता वर्मा समेत 10 अधिकारी-कर्मचारियों को हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इनमें मंडलीय कार्यालय और सहायक निदेशक मत्स्य कानपुर के कार्यालय के सभी प्रथम श्रेणी से लेकर चतुर्थ श्रेणी तक के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। वहीं सहायक निदेशक मत्स्य कार्यालय में तैनात मत्स्य निरीक्षक सुनील कुमार को निलंबित किया गया है।

विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना में चयनित लाभार्थी मनोज कुमार कश्यप की डीबीटी अपलोड की गई। इसके साथ जो फोटोग्राफ लगाया गया, वो तालाब अब तक लाभार्थी के नाम आवंटित ही नही हुआ है।इसी तरह राम कुमार नामक आवेदक का चयन निजी भूमि पर बने तालाब पर जिला स्तरीय चयन समिति को गुमराह कर कराया गया, जबकि नियमानुसार पट्टाधारक का ही चयन किया जाता है।

वहीं निषादराज बोट योजना में तीरथ सिंह, उमा शंकर निषाद और पप्पू के भुगतान के लिए पोर्टल पर अपलोड बिल और जारी किए गए बिल में अंतर पाया गया। इसके अलावा अन्य प्रमाण पत्रों में कमियां और कार्यालय के अभिलेखों की गोपनीयता भंग करने का भी आरोप है।इसके अलावा उप निदेशक कार्यालय द्वारा लाभार्थी सविता निषाद के फीड मिल की प्रथम किस्त का भुगतान भी लंबित चल रहा है। इस मामले में मुख्यालय के पत्रों का उत्तर न देने और 13 फरवरी को मुख्यालय में बुलाई गई बैठक में गैरहाजिर रहने का भी आरोप है।

जिसके बाद मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने सहायक निदेशक प्रभार संभाल रहे मत्स्य निरीक्षक सुनील सिंह को निलंबित करने के निर्देश दिए थे।उनके अलावा मुख्यालय से संबद्ध होने वालों में उपनिदेशक कार्यालय के अपर सांख्यिकीय अधिकारी केसी वर्मा, उर्दू अनुवादक सह वरिष्ठ सहायक आयशा खातून व कनिष्ठ सहायक अमरीश अवस्थी और सहायक निदेशक कार्यालय की वरिष्ठ सहायक प्रतिमा उमराव, कनिष्ठ सहायक सोहन लाल व प्रबल कुमार, मछुआ सतीश निषाद व अजय सिंह शामिल हैं। वहीं लखनऊ मंडल की उपनिदेशक सृष्टि यादव को कानपुर मंडल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं सहायक निदेशक मत्स्य बुलंदशहर जितेंद्र कुमार को कानपुर सहित मंडल के सभी जिलों के आहरण-वितरण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।

मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने बताया कि सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की नीति के तहत काम कर रही है। कानपुर में अधिकारियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसकी प्रारंभिक जांच में पाया गया कि मत्स्य निरीक्षक सुनील कुमार की भ्रष्टाचार में संलिप्तता पाई गई।मंडलीय अधिकारी भी शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रहे थे। इसी के चलते मंडलीय एवं जनपदीय कार्यालयों के पूरे स्टाफ को मुख्यालय से अटैच किया गया है।


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