लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिल्म ‘धुरंधर’ का मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस फिल्म में दिखाया गया है कि माफिया डॉन अतीक अहमद की तरह दिखता किरदार प्रदेश में नकली नोटों और अवैध हथियार के कारोबार को बढ़ावा देने में जुटा हुआ था। इसके बाद से लगातार समाजवादी पार्टी फिल्म पर हमलावर दिखी है। अब देवरिया में नकली नोटों की फैक्ट्री चलाने के मामले में समाजवादी पार्टी नेता को पुलिस ने गिरफ्त में लिया है। इसके बाद भाजपा का इस मामले में जोरदार हमला सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने इस मुद्दे पर सपा को घेर लिया है। उन्होंने हमले में कहा है कि लाल टोपी वाले नकली नोटों के धुरंधर हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया एक्स पर किए गए लॉन्ग पोस्ट में सपा पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में नकली नोटों की फैक्ट्री चलाने के आरोप में सपा नेता की गिरफ्तारी ने समाजवादी पार्टी की चाल, चरित्र और चेहरा तीनों को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर रहे हैं, वे सिर्फ अपराधी नहीं, बल्कि राष्ट्रद्रोही हैं। उन्होंने लाल टोपी वालों को नकली नोटों का धुरंधर कहा है।
पंकज चौधरी ने कहा कि सपा के शीर्ष नेता खुलेआम कहते हैं कि उनकी सरकार बनने पर मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे। क्या इसका मतलब यह है कि नकली नोट छापने वाले, देश की जड़ों को कमजोर करने वाले लोगों को भी बचाया जाएगा? अपराधियों को खुली छूट और कानून का मजाक, क्या यही सपा की राजनीति है ? पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा सुप्रीमो को अब जनता को जवाब देना ही होगा। क्या ऐसे राष्ट्रविरोधी कृत्य में शामिल लोगों पर भी रहम किया जाएगा? या फिर सत्ता की लालसा में देशहित को बार-बार कुचला जाता रहेगा? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी देशहित को सर्वोपरि रखना होती है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सपा ने बार-बार साबित किया है, उसकी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ सत्ता है। चाहे इसके लिए देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और सम्मान ही क्यों न दांव पर लग जाए। लाल टोपी का काला इतिहास जनता बखूबी जानती है और 27 में इनको हार की हैट्रिक लगवाएगी।
प्रयागराज में सोमवार को पकड़े 1.18 लाख रुपये के नकली नोट के पीछे देवरिया के समाजवादी पार्टी नेता विवेक यादव का नाम सामने आया है। इसके बाद से राजनीति गरमाई हुई है। पकड़े गए चार आरोपितों से पूछताछ में पता चला है कि विवेक यादव ही गिरोह का सरगना है। वह देवरिया में नकली नोट बनाने की फैक्ट्री चला रहा था। पुलिस के अनुसार, फरार विवेक यादव की तलाश की जा रही है। आरोपितों के कब्जे से नकली नोटों के साथ ही इसे बनाने के उपकरण, लैपटाप, कार समेत अन्य सामान बरामद किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि देवरिया के रहने वाले विवेक यादव अपने घर पर धर्मेंद्र कुमार के साथ मिलकर नकली नोट बनाने का काम करता था। वहीं, नरेंद्र यादव उर्फ विराट अलग-अलग लोगों से डील करता था। इसके बाद भदोही का राहुल यादव एवं विवेक कुमार यादव नकली नोट खपाने का काम करते थे। प्रयागराज पुलिस ने खुफिया सूचना के आधार पर राहुल और विवेक कुमार यादव को गिरफ्तार किया। इसके बाद पूरे सिंडिकेट का खुलासा हुआ।