सतीश महाना ने पढ़कर सुनाया प्रधानमंत्री का संदेश-‘लोकतंत्र को मजबूत करेगा पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन’


Presiding Officers Conference: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के लिए शुभकामना संदेश देते हुए कहा कि यह सम्मेलन लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक प्रभावी व सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने प्रधानमंत्री का संदेश पढ़कर सुनाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 1921 में शिमला से शुरू हुआ यह सम्मेलन आज एक लंबी और समृद्ध यात्रा तय कर चुका है। उन्होंने 2021 में शिमला में आयोजित शताब्दी सम्मेलन में अपनी सहभागिता को स्मरण करते हुए कहा कि यह सम्मेलन देश की संसदीय परंपराओं का सशक्त प्रतीक है।

एक पेज के बधाई संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि बहस और विमर्श लोकतंत्र की आत्मा है, जो पारदर्शिता, निष्पक्षता और भिन्न मतों के प्रति सम्मान को बढ़ावा देते हैं। ऐसे में लोक सभा और विधान सभाओं के पीठासीन अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो सदन की कार्यवाही को निष्पक्ष, सुचारु और मर्यादित बनाए रखने का दायित्व निभाते हैं।सदन का संचालन, सदस्यों को बोलने का अवसर देना, व्यवस्था संबंधी निर्णय लेना और मतदान की प्रक्रिया की निगरानी करते हुए पीठासीन अधिकारी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की गरिमा और विश्वसनीयता को बनाए रखते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में तकनीक पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित विधायी प्रक्रियाओं को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। तकनीक के माध्यम से विधायकों की क्षमता बढ़ाने, विधायिकाओं को अधिक जवाबदेह बनाने और जनता से उनकी पहुंच को दुरुस्त करने में मदद मिल रही है।

चौथी बार यूपी कर रहा है सम्मेलन की मेजबानी

अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन की मेजबानी उत्तर प्रदेश में चौथी बार कर रहा है। इससे पहले वर्ष 2015 में समाजवादी पार्टी की सरकार के समय यह सम्मेलन हुआ था। उस समय माता प्रसाद पांडेय विधान सभा अध्यक्ष थे। उससे पहले अक्टूबर 1985 व दिसंबर 1961 में यह सम्मेलन आयोजित हो चुका है।

विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बताया कि इस सम्मेलन की मेजबानी मिलने का अभी उत्तर प्रदेश का नंबर नहीं था, किंतु विशेष आग्रह पर लोक सभा अध्यक्ष ने हमें ””आउट आफ टर्न”” यह मौका दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की छवि बदली है और लोगों का नजरिया प्रदेश को लेकर सकारात्मक हुआ है।उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय इस सम्मेलन में मंगलवार व बुधवार को दो दिन अलग-अलग सत्रों में विधायी प्रक्रियाओं में तकनीक का उपयोग, विधायकों का क्षमता-निर्माण तथा जनता के प्रति विधायिका की जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

सम्मेलन का समापन बुधवार 21 जनवरी को होगा। समापन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला संबोधित करेंगे। सम्मेलन के उपरांत तीन दिनों में हुई विभिन्न चर्चाओं के बारे में भी लोक सभा अध्यक्ष मीडिया को संबोधित करेंगे। 22 जनवरी को देश भर से आए अतिथियों को अयोध्या धाम के दर्शन कराए जाएंगे।

सम्मेलन आत्मनिरीक्षण व आत्मसुधार का मंच: माता प्रसाद

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सम्मेलन आत्मनिरीक्षण और आत्मसुधार का मंच है। लोकतंत्र केवल विजय का अवसर नहीं, बल्कि शासन और समाज के बीच निरंतर संवाद की प्रक्रिया है। संविधान सरकार से बड़ा है और नागरिक सत्ता से ऊपर हैं। जितना सदन को चलना चाहिए कार्यपालिका उसे नहीं चलने देती हैं।

लघु फिल्म में दिखी विरासत व विकास की झलक

कार्यक्रम के दौरान “उत्तर प्रदेश कैसे बन रहा है सर्वोत्तम प्रदेश” विषय पर लघु फिल्म दिखाई गई। इसमें विरासत व विकास की झलक दिखाई दी। प्रदेश के तीर्थ स्थलों, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, रानी लक्ष्मीबाई, रामप्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद, काशी की सांस्कृतिक परंपराओं, बिस्मिल्लाह खान, पंडित रविशंकर, पंडित बिरजू महाराज जैसी महान विभूतियों को दिखाया गया है। हालांकि फिल्म के प्रदर्शन के दौरान पहले आवाज ठीक से नहीं आई बाद में इसे दोबारा चलाया गया।

विधान भवन की गुंबद पर हुआ लाइट एंड साउंड शो

देश भर से आए पीठासीन अधिकारियों की उपस्थिति में सोमवार की शाम को विधान भवन के भव्य गुंबद पर अत्याधुनिक ‘प्रोजेक्शन मैपिंग’ तकनीक से लाइट एंड साउंड शो हुआ। इस भव्य प्रस्तुति में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक चेतना और राजनीतिक यात्रा का सजीव एवं दृश्यात्मक चित्रण किया गया। इस शो को देखने के लिए विधान भवन के समक्ष बैठने के एक बड़ा पंडाल बनाया गया था।

राजभवन में सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ रात्रिभोज

राजभवन में सोमवार की रात पीठासीन अधिकारियों व सचिवों को रात्रि भोज का आयोजन किया गया। राज्यपाल ने अतिथियों को राजभवन परिसर में स्थित कलाकक्ष, अन्नपूर्णा कक्ष, स्टांप कक्ष, गांधी सभागार, तृप्ति कक्ष व अन्य विविध स्थलों का भ्रमण भी कराया।रात्रिभोज कार्यक्रम के अवसर पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। इसमें प्रसिद्ध बांसुरी वादक एवं अंतरराष्ट्रीय ग्रैमी अवार्ड से सम्मानित राकेश चौरसिया तथा बनारस घराने के सुप्रसिद्ध भजन गायक, पद्म विभूषण पंडित साजन मिश्रा एवं पंडित राजन मिश्रा द्वारा भक्तिमय भजनों की मनोहारी प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित अतिथियों ने अत्यंत सराहा।


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