पीएम ‘मोदी’ हैं तो सब’संभव’ है,फंसे 600 भारतीयों को निकालने की तैयारी शुरू…


संजय श्रीवास्तव

Narendr modi : भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं तो सब कुछ संभव है। ये भरोसा अपने देश के साथ-साथ दूसरे देशों में फंसे भारतीयों के दिलों में है। श्री लंका की बात करें तो वहां पर चक्रवात दितवाह की वजह से सारी फ्लाइट कैंसिल कर दी गयी। जिसकी वजह से 600 भारतीय कोलंबो के भंडारनायके एयरपोर्ट पर ही फंस गये। तीन दिनों से फंसे भारतीयों को लाने के लिये वायुसेना की मदद से वहां पर फंसे 600 भारतीयों को अपने देश लाने की कवायद शुरू कर दी गयी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके लिये श्री लंका की मदद से ऑपरेशन सागर बंधु चलाया है। इसकी औपचारिक घोषणा पीएम मोदी ने की। पीएम ने श्रीलंका के साथ एक जुटता जाहिर की।

भारत लगातार हर तरह से आपदा पीडि़त पड़ोसी देश की मदद कर रहा है। भारत सरकार ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत मानवीय सहायता देने के लिए राहत सामग्री और अर्ध सैनिक बलों के कर्मियों के साथ भारतीय वायुसेना के दो परिवहन जहाज भी श्रीलंका भेजे हैं। श्रीलंका में चक्रवात की आपदा की वजह से फंसे भारतीयों को वहां से निकालने के लिये भारतीय वायुसेना रविवार सुबह इवैक्यूशन उड़ानें शुरू करेगी। चक्रवात दितवाह की वजह से फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण कई भारतीय नागरिक कोलंबो के भंडारनायके एयरपोर्ट पर ही फंसे है। ये लोग तीन दिन से वहां फंसे हैंए सरकार के सूत्रों के मुताबिक़ वायुसेना की मदद से वहां फंसे करीब 600 लोगों को सुरक्षित तौर निकाला जाएगा।

इससे पहले केरल से कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने एक पोस्ट में कहा था कि उनसे हुई बातचीत में श्रीलंका में भारतीय उच्यायुक्त ने भरोसा दिया कि सुबह पांच बजे से भारतीय वायुसेना उड़ानें शुरू करेगी। थरूर ने बताया कि इस दौरान उनके लोकसभा क्षेत्र तिरुंवतपुरम से संबंध रखने वाले यात्रियों के वहां फं से होने और उनकी वापसी के संबंध में चर्चा हुई । इस बीच एक्टिंग हाई कमिश्नर सत्यांजल पांडे ने एयरपोर्ट पर फं से भारतीयों के साथ मुलाक़ात की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार जल्द उनकी देश वापसी की व्यवस्था करेगी। इससे पहले तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने भी स्थिति का संज्ञान लेते हुए प्रशासन को भारतीय उच्चायोग से समन्वय स्थापित करने के लिये कहा था। बता दें कि श्रीलंका में भारतीय हाई कमीशन ने भारतीय नागरिकों की मदद के लिये एयरपोर्ट पर एक इमरजेंसी डेस्क बनाया है। श्रीलंका में किसी भी जगह मुश्किल में फंसे यात्री इमरजेंसी नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।


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