महानगरों में तैनात कमांडेंट और होमगार्ड ‘काली कमाई’ से बनें करोड़पति !


 अनिल शर्मा

Up HomeGuard news: उत्तर प्रदेश में होमगार्ड विभाग की गिनती सबसे कमाऊ विभागों में हो रही है। इस विभाग के अफसरों की दो नंबर की कमाई से बनायी गयी हैसियत आंकनी है तो उनके अकूत संपत्तियों की जांच करा ली जाये। ऐसा इसलिये नहीं होगा क्योंकि जब भी शासन स्तर से संपत्ति का ब्यौरा मांगी जाती है, मुख्यालय के अफसर फर्जी रिपोर्ट भेज अपने साथ-साथ सभी अफसरों की को बचा लेते हैं। ऐसा नहीं कि इसमें सिर्फ विभाग के मंडल,जिलों में तैनात कमांडेंट ही अव्वल हैं। यहां पर जिला कमांडेंट के गुर्गे भी करोड़पति हैं। होता क्या है कि वसूली की रकम जिलों में तैनात मंडल और कमांडेंट सीधे नहीं लेते, सभी अपने-अपने खास कारिंदों अवैतनिक होमगार्ड को पाल रखा है। ये करते हैं होमगार्डों की ड्यूटी लगाने से लेकर वर्दी में कमी,जूतों में पॉलिस ना लगा होना, वर्दी गंदी होना या फिर येन-केन प्रकारेण कमियां निकाल कर उनसे मोटी वसूली कर रहे हैं।

‘द संडे व्यूज’ की कोशिश रहेगी कि महानगरों में खासकर मेरठ,गाजियाबाद,वाराणसी,कानपुर और प्रयागराज में किस तरह से कमांडेंट अपने कारिंदों की मदद से प्रति माह कितने रुपये की वसूली कर रहे हैं। ऐसा नहीं कि महानगरों में तैनात मंडल और जिला कमांडेंट कमा रहे हैं,छोटे जनपदों में भी सजा के तौर पर भेजे गये अधिकांश मंडल या जिला कमांडेंट भी करोड़पति हैं। कईयों के खिलाफ आज भी विजिलेंस जांच चल रही है। कई तो पत्रावली ही गायब करवा दिये हैं। लेकिन मुद्दा आय से अधिक संपत्ति कमाकर बैठने वाले साहेबानों का है। ठीक है ईमानदारी का चोला ओढ़ लिये हों लेकिन संपत्तियां तो धरातल पर है। किसी ने अपने नाम,पत्नी के नाम या नाते-रिश्तेदारों के नाम से प्लॅाट,मकान या बिगहों में जमीन ले रखा है। सिलसिलेवार खबर दिखाने की कोशिश किया जायेगा।

टीम इस बात को भी बताने का प्रयास करेगी कि किस महानगर में महीने की वसूली कैसे की जा रही है। और भी खुलासा होगा लेकिन उसका खुलासा शीघ्र द संडे व्यूज़ करेगा क्योंकि मौजूदा डीजी श्री बशाल का कार्यकाल इसी माह तक है।देखते रहिये द संडे व्यूज़


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