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	<title>धर्मक्षेत्र Archives - The Sunday views</title>
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	<description>Daily Hindi News</description>
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	<title>धर्मक्षेत्र Archives - The Sunday views</title>
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		<title>ब्राह्मण सदा सबको साथ लेकर चलता है-राम महेश मिश्र</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 06:40:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मक्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>सभी जातियां मिलकर रहें, एक दूसरे की अनुचित आलोचना ठीक नहीं बौद्ध संस्थान में भाग्योदय प्रमुख राम महेश मिश्र ने कहा Ram Mahesh Mishra news : शुक्रवार संध्याकाल गोमतीनगर लखनऊ&#8230; </p>
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<p><strong>सभी जातियां मिलकर रहें, एक दूसरे की अनुचित आलोचना ठीक नहीं</strong></p>



<p><strong>बौद्ध संस्थान में भाग्योदय प्रमुख राम महेश मिश्र ने कहा</strong></p>



<p><strong>Ram Mahesh Mishra news </strong>: शुक्रवार संध्याकाल गोमतीनगर लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान सभागार में ब्राह्मण महासभा में भाग्योदय फाउंडेशन की भी भागीदारी हुई। मंच पर बड़े प्यारे, प्रखर उन और बहादुर सन्त श्री स्वामी अक्षयानन्द ब्रह्मचारी मौनीजी महाराज तथा तीन पूर्व न्यायमूर्तियों समेत विद्वतजन से मिलना बहुत सुखद था। सभा में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से प्यारे से विप्रजन का आगमन भारी संख्या में हुआ। </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="592" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/rr7-1024x592.jpg" alt="" class="wp-image-25209" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/rr7-1024x592.jpg 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/rr7-300x173.jpg 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/rr7-768x444.jpg 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/rr7.jpg 1345w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस विद्वत सभा में राष्ट्र के रचनात्मक नवनिर्माण, सामाजिक एकता, भेदभाव रहित समाज का निर्माण जैसे प्रमुख विषयों पर विभिन्न विद्वानों ने विचार रखे। एक बात प्रमुखता से सामने आई कि यूजीसी कानून के विरोध में समस्त समाज खड़ा है और इस अदूरदर्शी तथा निन्दनीय कानून ने भारतीय सनातन समाज को भीतर से दरका दिया है। दूसरे सवर्ण समाज, विशेष रूप से ब्राह्मण समाज को उन गलतियों के लिए दोषी इंगित करना सबने अत्यन्त आपत्तिजनक बताया, जो गलतियां उन्हीं के समाजों के लोग स्वयं करते हैं। वक्ताओं ने सरकार तथा समाज में बैठे ऐसे लोगों की मुक्तकंठ से मुखर आलोचना की तथा बिना देर किए गलती में सुधार कर लेने का आग्रह सभी से किया।</p>



<p>उदाहरण के लिए- आरक्षण जैसी मिली सुविधा का लाभ एक बहुत छोटा सा वर्ग अपने आपमें कब्जियाए हुए है। वह अपनों को तनिक भी आगे नहीं बढ़ने देना चाहता, ऊपर उठने नहीं देना चाहता। उस पर भी दु:खद स्थिति यह कि उन समाजों के पिछड़ेपन के लिए ब्राह्मण समाज तथा सवर्ण समाज को दोषी माना जाता है, जबकि प्रत्यक्ष दोषी उनके स्वयं के अपने लोग हैं। सभी ने अपेक्षा की कि इन स्थितियों में तत्काल बदलाव लाने के प्रयास समाज और सरकार दोनों को करने चाहिए।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="908" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/rr6-1024x908.jpg" alt="" class="wp-image-25210" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/rr6-1024x908.jpg 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/rr6-300x266.jpg 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/rr6-768x681.jpg 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/rr6.jpg 1187w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>इस महत्वपूर्ण सभा में राज्यपाल उत्तर प्रदेश के पूर्व विधि सलाहकार चन्द्र भूषण पाण्डेय, इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंगनाथ पाण्डेय, पूर्व जिला न्यायाधीश प्रमोद कुमार मिश्र, अमेठी से आए आचार्य डॉक्टर विनय शास्त्री, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजभूषण दूबे, कानपुर के विधायक आशुतोष बाजपेई, वरिष्ठ स्वयंसेवी कार्की तिवारी, वरिष्ठ आयुष चिकित्सक डॉ. मनोज तिवारी समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। भाग्योदय फाउंडेशन ने कार्यक्रम संयोजक पूर्व डिप्टी कमिश्नर श्री भूपेन्द्र शुक्ल तथा पूर्व सैन्य अफसर मेजर आशीष चतुर्वेदी एवं उनके सहचर-साथियों के प्रयासों की हार्दिक सराहना की। श्री मिश्र ने कहा कि हमारी कामना है कि सभी सुखी हों सबका हित हो, जन-जन पर उपकारी हो।</p>
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		<title>दयालबाग उत्पादों की प्रदर्शनी का शुभारंभ, स्वदेशी वस्तुओं की गुणवत्ता ने जीता दिल</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 25 Apr 2026 13:50:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[आस्था]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[स्पेशल स्रोरी]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>भाजपा विधायक संजय गोयल ने किया उद्घाटन, कपड़े से लेकर आयुर्वेदिक उत्पादों तक में दिखी विविधता     ज्योति एस. Dayalbagh news : नई दिल्ली : राधास्वामी सत्संग दयालबाग आगरा&#8230; </p>
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<p><strong>भाजपा विधायक संजय गोयल ने किया उद्घाटन, कपड़े से लेकर आयुर्वेदिक उत्पादों तक में दिखी विविधता</strong></p>



<figure class="wp-block-image is-resized"><img decoding="async" src="http://www.indiaexpressnews.com/wp-content/uploads/2026/03/anoop-bhab-273x300.jpg" alt="" class="wp-image-11860" style="aspect-ratio:0.9099479166666666;width:133px;height:auto"/></figure>



<p><strong>    ज्योति एस</strong>.</p>



<p><strong>Dayalbagh news :</strong> नई दिल्ली : राधास्वामी सत्संग दयालबाग आगरा की विवेक विहार स्थित डीडीए कम्युनिटी हाल में आयोजित दो दिवसीय &#8216;दयालबाग मैन्युफैक्चर्स एग्जीबिशन&#8217; का शुभारंभ शनिवार को भाजपा विधायक संजय गोयल ने फीता काटकर किया। प्रदर्शनी का‌ समापन 26 अप्रैल को समापन होगा। , प्रदर्शनी में राधा स्वामी सत्संग सभा दयालबाग आगरा की विभिन्न इकाइयों द्वारा निर्मित स्वदेशी उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री की गई।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="466" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260425-WA0006-1024x466.jpg" alt="" class="wp-image-25201" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260425-WA0006-1024x466.jpg 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260425-WA0006-300x137.jpg 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260425-WA0006-768x350.jpg 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260425-WA0006.jpg 1280w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>प्रदर्शनी में देश के अलग-अलग शहरों की इकाइयों द्वारा तैयार उत्पाद जैसे बेडशीट, साड़ियां, सूती होजरी, शर्टिंग क्लाथ, तौलिए, साबुन, अगरबत्तियां, बैग, पर्स और दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं आकर्षण का केंद्र रहीं। साथ ही आयुर्वेदिक दवाएं और सत्संग दर्शन से संबंधित पुस्तकें भी प्रदर्शित की गईं।</p>



<p>कार्यक्रम में पहुंचे विधायक संजय गोयल उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता से काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने न केवल इनकी खुलकर सराहना की बल्कि व्यक्तिगत उपयोग के लिए कुछ उत्पाद खरीदे भी। आयोजन में डीआरएसए के अध्यक्ष दयाल रे, सचिव डा. एमएस भारद्वाज और शाखा सचिव भूपेश दीक्षित और प्रदर्शनी आयोजन अध्यक्ष अनुराग सत्संगी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="http://www.indiaexpressnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260425-WA0005-1024x466.jpg" alt="" class="wp-image-12023"/></figure>
</div>


<p>प्रदर्शनी का उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना और दयालबाग की विभिन्न इकाइयों के कार्यों को लोगों तक पहुंचाना है। पहले दिन लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली, जबकि आयोजकों को दूसरे दिन भी बेहतर प्रतिक्रिया की उम्मीद है।</p>
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		<item>
		<title>दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में 44वां दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन</title>
		<link>https://thesundayviews.com/dayalbagh-educational-institute-organised-its-44th-convocation-with-great-pomp-and-show-the-sunday-views-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Apr 2026 18:54:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मक्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>   ज्योति एस. Dayalbagh news:&#160; दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड यूनिवर्सिटी) ने 4 अप्रैल को अपना 44वां दीक्षांत समारोह बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया। समारोह इंस्टीट्यूट के दीक्षांत हॉल&#8230; </p>
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<figure class="wp-block-image is-resized"><img decoding="async" src="http://www.indiaexpressnews.com/wp-content/uploads/2026/03/anoop-bhab-273x300.jpg" alt="" class="wp-image-11860" style="aspect-ratio:0.9099479166666666;width:115px;height:auto"/></figure>



<p><strong>   ज्योति एस.</strong></p>



<p><strong>Dayalbagh news:</strong>&nbsp; दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड यूनिवर्सिटी) ने 4 अप्रैल को अपना 44वां दीक्षांत समारोह बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया। समारोह इंस्टीट्यूट के दीक्षांत हॉल में शुरू हुआ, जिसमें गवर्निंग बॉडी, एकेडमिक काउंसिल, फैकल्टी,स्टाफ और छात्रों के सदस्यों ने बड़े जोश और उत्साह के साथ भाग लिया। दीक्षांत समारोह में, 88 डायरेक्टर मेडल, 02 प्रेसिडेंट मेडल, 109 P h.D., 1560 अंडरग्रेजुएट डिग्री, 616 पोस्टग्रेजुएट डिग्री, 70 पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा, 543 इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक डिप्लोमा, 63 एलिमेंट्री एजुकेशन डिप्लोमा, 232 हाई स्कूल और 280 इंटरमीडिएट डिग्री, और 519 सर्टिफिकेट कोर्स की डिग्री योग्य और सफल छात्रों को वितरित की गईं। D E I विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार खुशी राम, मैनेजिंग डायरेक्टर, डेस्टर कंसल्टिंग, सिंगापुर को प्रदान किया गया, और S SI लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रो.एस.महेंद्र देव,अध्यक्ष, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (E AC-PM), भारत सरकार को प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट और राधास्वामी सत्संग सभा के अध्यक्ष श्री गुर सरूप सूद, I.D.A.S. (सेवानिवृत्त) ने की। इंस्टीट्यूट ने प्रो. एस. महेंद्र देव, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (E AC-PM), भारत सरकार के अध्यक्ष का दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत किया, जिन्होंने समारोह के दौरान अपना दीक्षांत भाषण दिया।&nbsp;</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="http://www.indiaexpressnews.com/wp-content/uploads/2026/04/IMG-20260404-WA0010-1024x472.jpg" alt="" class="wp-image-11909"/></figure>
</div>


<p>प्रो. एस. महेंद्र देव एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री हैं, और विकास अर्थशास्त्र तथा ग्रामीण अध्ययन के क्षेत्र में एक अनुभवी विशेषज्ञ हैं। अपनी वर्तमान नियुक्ति से पहले, प्रो. देव ने एक दशक से अधिक समय तक इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट रिसर्च (I G I D R), मुंबई के डायरेक्टर और वाइस चांसलर के रूप में कार्य किया। प्रो. एस. महेंद्र देव ने एक प्रेरणादायक दीक्षांत भाषण दिया, जिसमें उन्होंने समकालीन वैश्विक परिदृश्य की चुनौतियों और अवसरों पर प्रकाश डाला, और छात्रों से समाज में सार्थक योगदान देने का आग्रह किया। अपने संबोधन में, उन्होंने कहा कि वर्तमान युग की पहचान तीव्र तकनीकी प्रगति के साथ-साथ बढ़ती असमानताओं से होती है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह युवा मस्तिष्कों के लिए नवाचार और उद्देश्यपूर्ण कार्यों के माध्यम से दुनिया की पुनर्कल्पना करने, उसे नया आकार देने और उसका नवीनीकरण करने का एक अत्यंत अवसरपूर्ण समय भी है।</p>



<p>प्रो. देव ने दोहरे बाधाएँ-‘भू-राजनीतिक संघर्षों (Geo-political Wars) और व्यापारिक शुल्कों (Tariffs)’ से उत्पन्न व्यवधानों—के कारण बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। इस संदर्भ में, उन्होंने &#8216;विकसित भारत&#8217; की परिकल्पना पर चर्चा की और इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को साकार करने की भारत की क्षमता में विश्वास व्यक्त किया। प्रो. देव ने प्रमुख क्षेत्रों, जिनमें विनिर्माण और कृषि शामिल हैं, में ढांचागत बदलाव की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया। साथ ही, समावेशी विकास के ज़रूरी कारकों के तौर पर गुणवत्ता, मूल्यों पर आधारित शिक्षा और मज़बूत स्वास्थ्य प्रणालियों पर भी विशेष बल दिया गया।</p>



<p>पर्यावरण संबंधी चिंताओं को उजागर करते हुए, मुख्य अतिथि ने सतत विकास (Sustainable Development) , जलवायु अनुकूलन क्षमता और हरित औद्योगीकरण (Green In d u s t r i a l i s a t ion) के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि सततता (Sustainability) हासिल करने के लिए पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर जीवनशैली के प्रति अधिक समग्र दृष्टिकोण अपनाना ज़रूरी है। अपने संबोधन में, प्रो. देव ने दयालबाग और D E I को इस दृष्टिकोण के एक बेहतरीन उदाहरण के तौर पर पेश किया; जहाँ आध्यात्मिक और सहज चेतना का, कर्तव्यनिष्ठ कार्यों के साथ मेल कराने से &#8216;LIFE&#8217; (समग्र सतत विकास के लिए जीवनशैली) सिद्धांतों के दायरे को विस्तार देने में मदद मिली है। उन्होंने संस्थान का सामुदायिक जुड़ाव, जैव विविधता के संरक्षण और सतत कार्यों पर दिया जाने वाला विशेष ध्यान, समग्र और समावेशी विकास के एक आदर्श मॉडल के रूप में सराहा ।</p>



<p>स्नातक हो रहे विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए, मुख्य अतिथि ने उन्हें न केवल अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया, बल्कि इस बात पर भी सोचने के लिए प्रेरित किया कि वे समाज पर कितना व्यापक प्रभाव डाल सकते हैं। विद्यार्थियों से आग्रह किया गया कि वे स्वयं से यह प्रश्न पूछें, मैं क्या बदलाव ला सकता हूँ ? और अपने विचारों, ऊर्जा तथा आकांक्षाओं को एक बेहतर और अधिक समतापूर्ण विश्व के निर्माण की दिशा में समर्पित करें। भाषण का समापन, सभी स्नातकों के लिए एक सफल और सार्थक भविष्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ।</p>



<p>संस्थान की प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करते हुए, संस्थान के निदेशक प्रो. सी. पटवर्धन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि D E I विविधता, समानता और समावेशिता के मूल मूल्यों का प्रतीक है, जो एक समग्र और समावेशी शैक्षिक वातावरण को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान एक अद्वितीय रूप से तालमेल भरा और एकीकृत प्रणाली का मूर्त रूप है, जो शिक्षा के कई आयामों को एक साथ लाता है—जिसमें अकादमिक उत्कृष्टता, मूल्य-आधारित शिक्षा और कौशल विकास शामिल हैं। संस्थान के भविष्य-उन्मुखी दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों में एक सतत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पहल शुरू की गई है। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों, दोनों को उन दक्षताओं से लैस करना है जो तेज़ी से AI-संचालित हो रही दुनिया में सफल होने के लिए आवश्यक हैं।</p>



<p>प्रो. पटवर्धन ने बताया कि कृषि क्षेत्र में कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं, साथ ही छात्रों की बढ़ती संख्या को समायोजित करने के लिए प्रयोगशाला के बुनियादी ढांचे का भी विस्तार किया गया है। वर्चुअल प्रयोगशालाओं को जोड़ने से अनुभवात्मक और प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षा को और अधिक मजबूती मिली है। सततता (Sustainability) के प्रति D E I की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उन्होंने कहा कि संस्थान 14 वितरित सौर ऊर्जा संयंत्रों का संचालन और रखरखाव करता है, जिनकी कुल स्थापित क्षमता 1 M W p है; यह हरित ऊर्जा पहलों और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में संस्थान के नेतृत्व को प्रदर्शित करता है। कुलपति ने गर्व के साथ घोषणा की कि D E I को हाल ही में ISO 21001:2018 प्रमाणन से सम्मानित किया गया है। यह प्रमाणन शैक्षिक प्रबंधन प्रणालियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत मानकों का पालन करने के लिए संस्थान को मान्यता देता है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। प्रो. पटवर्धन ने D E I के छात्रों और शिक्षकों की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक पुरस्कार और सम्मान अर्जित किए हैं, जिससे संस्थान को पहचान और गौरव प्राप्त हुआ है।</p>



<p>दीक्षांत समारोह कार्यक्रम को D E I शिक्षा पर सलाहकार समिति (Advisory Committee on Education) के अध्यक्ष परम पूजनीय प्रो. पी.एस. सत्संगी साहब और आदरणीय रानी साहिबा की गरिमामयी उपस्थिति से विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ। दीक्षांत समारोह के शैक्षणिक जुलूस (Academic Procession) का नेतृत्व संस्थान के रजिस्ट्रार प्रो. संजीव स्वामी ने किया।</p>



<p>इस अवसर पर प्रबंधन बोर्ड, आगरा प्रशासन और स्थानीय समुदाय के गणमान्य व्यक्ति, आमंत्रित अतिथि और मीडियाकर्मी भी उपस्थित थे। दीक्षांत समारोह परिसर में D E I की विभिन्न परियोजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली एक भव्य प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर, शाम के समय दीक्षांत हॉल में एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसकी मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की और प्रोत्साहित किया। समस्त कार्यक्रम का प्रसारण भारत और विदेशों में स्थित D E I के सभी दूरस्थ और मुक्त शिक्षा केंद्रों तक किया गया।</p>
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		<title>होली में दयालबाग में मनाया गया परम पूज्य हुजूर &#8216;सतसंगी साहब&#8217; का पावन &#8216;जन्मोत्सव&#8217;</title>
		<link>https://thesundayviews.com/the-holy-birth-anniversary-of-the-most-revered-huzur-satsangi-sahib-was-celebrated-in-dayalbagh-during-holi-the-sunday-views-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 09 Mar 2026 13:23:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[आस्था]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मक्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>होली के आध्यात्मिक उल्लास में दयालबाग में मनाया गया परम पूज्य हुजूर सतसंगी साहब का पावन जन्मोत्सव – सेवा, सतसंग और कृषि कार्य के साथ दिनभर चला उत्सव, देश-विदेश के&#8230; </p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>होली के आध्यात्मिक उल्लास में दयालबाग में मनाया गया परम पूज्य हुजूर सतसंगी साहब का पावन जन्मोत्सव</strong></p>



<p><strong>– सेवा, सतसंग और कृषि कार्य के साथ दिनभर चला उत्सव, देश-विदेश के 580 से अधिक केन्द्रों पर हुआ सजीव प्रसारण</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="697" height="765" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/03/anoop-bhab-1.jpg" alt="" class="wp-image-25006" style="aspect-ratio:0.9110906862745098;width:114px;height:auto" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/03/anoop-bhab-1.jpg 697w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/03/anoop-bhab-1-273x300.jpg 273w" sizes="auto, (max-width: 697px) 100vw, 697px" /></figure>



<p>  <strong>ज्योति एस</strong>.</p>



<p><strong>दयालबाग (आगरा)। </strong><strong>मेरे हिये में बजत बधाई। संत सँग पाया रे ॥ 1 ॥</strong></p>



<p><strong> ढूँढ़ फिरी जग में बहुतेरा। भेद कहीं नहीं पाया रे ॥ 2॥</strong></p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="http://www.indiaexpressnews.com/wp-content/uploads/2026/03/guru-g-1024x811.jpg" alt="" class="wp-image-11858"/></figure>
</div>


<p>रा धा,धः स्व आ मी सतसंग दयालबाग के आठवें आचार्य परम पूज्य हुजूर प्रो. प्रेम सरन सतसंगी साहब का पावन जन्म दिवस आज होली उत्सव के पावन क्रम में अत्यंत श्रद्धा, सेवा एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर समस्त सतसंगी भाई-बहनों एवं बच्चों ने सेवा, सतसंग तथा कृषि कार्य में अत्यंत उत्साह, उमंग और जोश के साथ कार्य किया। कृषि कार्य में परम पूज्य गुरु महाराज एवं परम आदरणीय रानी साहिबा जी की भी गरिमामयी सहभागिता रही।</p>



<p>आज प्रातः से शाम तक तीन शिफ्टों में कृषि कार्य बहुत जोश और उमंग के साथ संपन्न हुआ। सभी शिफ्टों में “जेंडर-फ्री सुपरह्यूमन बच्चों” द्वारा गुरु महाराज के पावन जन्मोत्सव पर अत्यंत मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ पेश की गईं, जिन्हें उपस्थित संगत ने अत्यंत सराहा।</p>



<p>विशेष बात यह रही कि आज सुबह परम पूज्य हुजूर सतसंगी साहब की पावन कोठी, 3/23 प्रेम नगर पर भी जन्म दिवस के उपलक्ष्य में लगभग 21 मिनट के विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="http://www.indiaexpressnews.com/wp-content/uploads/2026/03/gurug-1-1024x584.jpg" alt="" class="wp-image-11859"/></figure>
</div>


<p>इस पावन अवसर पर समस्त संगत को नमकीन प्रसाद के साथ विशेष प्रसाद स्वरूप गुजिया भी वितरित की गई। आज के सम्पूर्ण कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देश-विदेश के 580 से अधिक केन्द्रों पर किया गया।</p>
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		<title>मैं भाग्यशाली मानता हूं कि मेरे कार्यकाल में श्री राम मंदिर और महाकुंभ साकार हुआ: जयवीर सिंह</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 18 Feb 2026 03:50:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[आस्था]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>&#160;आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर भारत वंदना का भव्य मंचन किया गया मैं भाग्यशाली मानता हूं कि मेरे कार्यकाल में श्री राम मंदिर और महाकुंभ साकार हुआ: जयवीर सिंह गीत-संगीत&#8230; </p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>&nbsp;आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर भारत वंदना का भव्य मंचन किया गया</strong></p>



<p><strong>मैं भाग्यशाली मानता हूं कि मेरे कार्यकाल में श्री राम मंदिर और महाकुंभ साकार हुआ: जयवीर सिंह</strong></p>



<p><strong>गीत-संगीत कला ही नहीं बल्कि पीढिय़ों को जीवंत करती है: विक्रांत खंडेलवाल&nbsp;</strong></p>



<p><strong>Rss news : </strong>राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर भारत विकास परिषद, कृष्णा नगर,अवध प्रांत द्वारा राष्ट्र भाव से ओतप्रोत संघ गीतों की संगीतमय प्रस्तुति भारत वंदना का भव्य एवं गरिमामय आयोजन उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, गोमती नगर, लखनऊ में किया गया।&nbsp; कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जयवीर सिंह थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में भारत विकास परिषद के संगठन मंत्री उपस्थित थे। जयवीर सिंह ने अपने संदेश में कहा कि वह स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण और भव्य महाकुंभ जैसे ऐतिहासिक आयोजनों को उनके नेतृत्वकाल में साकार होते देखने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व सदैव भारत की सांस्कृतिक उन्नति, परंपराओं के संरक्षण और राष्ट्र चेतना के विस्तार के लिये समर्पित रहा है।&nbsp;</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/IMG-20260217-WA0013-1024x682.jpg" alt="" class="wp-image-24862" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/IMG-20260217-WA0013-1024x682.jpg 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/IMG-20260217-WA0013-300x200.jpg 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/IMG-20260217-WA0013-768x512.jpg 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/IMG-20260217-WA0013-1536x1023.jpg 1536w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/IMG-20260217-WA0013.jpg 1600w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. जयंत घोष, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ द्वारा की गयी। कार्यक्रम में विक्रांत खंडेलवाल ने कहा कि गीत और संगीत केवल कला नहीं, बल्कि समाज की पीढिय़ों को दिशा देने वाली जीवंत शक्ति हैं। जब संगीत राष्ट्रभाव और संस्कारों से जुड़ता है, तो उसका प्रभाव पूरे समाज पर दीर्घकाल तक दिखाई देता है।</p>



<p>भारत वंदना में भातखंडे संगीत संस्थान के अनेक प्रतिष्ठित कलाकार, जो राष्ट्रीय कला मंच, अवध प्रांत से संबद्ध हैं, संघ गीतों की भावपूर्ण एवं प्रभावशाली संगीतमय प्रस्तुतियां देकरसभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर भारत विकास परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष देवेन्द्र स्वरूप शुक्ल, कृष्णा नगर शाखा के अध्यक्ष डॅा. संजीव अवस्थी, सचिव शशि प्रकाश सिंह सहित मुकेश अग्रहरी, नरेंद्र स्वामी, डॉ. सीमा भारद्वाज एवं केवल कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही। </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="679" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/rs9-1024x679.jpg" alt="" class="wp-image-24864" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/rs9-1024x679.jpg 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/rs9-300x199.jpg 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/rs9-768x509.jpg 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/rs9.jpg 1467w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>आयोजकों के अनुसार भारत वंदना केवल एक सांस्कृतिक संध्या नहीं, बल्कि शताब्दी वर्ष के ऐतिहासिक संदर्भ में राष्ट्र के प्रति समर्पण, संस्कार और प्रेरणा का उत्सव है, जो लखनऊ की सांस्कृतिक परंपरा में एक स्मरणीय अध्याय जोडऩे जा रहा है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>साप्ताहिक आर्थिक राशिफल-16 से 22 फरवरी 2026: इस सप्ताह बना रहे महालक्ष्मी योग&#8230;</title>
		<link>https://thesundayviews.com/weekly-finance-horoscope-february-16-to-22-2026-mahalakshmi-yoga-is-forming-this-week-the-sunday-views-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Feb 2026 09:37:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[आस्था]]></category>
		<category><![CDATA[ज्योतिष]]></category>
		<category><![CDATA[राशिफल]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>Weekly Finance Horoscope – February 2026: चंद्रमा और मंगल की युति मकर राशि में होने से इस सप्ताह का आरंभ हो रहा है। कुंडली में चंद्रमा और मंगल के एक&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/weekly-finance-horoscope-february-16-to-22-2026-mahalakshmi-yoga-is-forming-this-week-the-sunday-views-hindi/">साप्ताहिक आर्थिक राशिफल-16 से 22 फरवरी 2026: इस सप्ताह बना रहे महालक्ष्मी योग&#8230;</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Weekly Finance Horoscope – February 2026:</strong> चंद्रमा और मंगल की युति मकर राशि में होने से इस सप्ताह का आरंभ हो रहा है। कुंडली में चंद्रमा और मंगल के एक साथ होने से महालक्ष्मी योग का निर्माण हो रहा है। वैदिक ज्योतिष में इसे धन योग और चंद्र-मंगल योग भी कहा जाता है। यह योग व्यक्ति को अपार धन-संपत्ति, करियर में सफलता और उच्च पद प्राप्त होता है। इस योग के प्रभाव से साधारण व्यक्ति भी अत्यधिक धनवान बनता है। इसके साथ ही मंगल के उच्च राशि मकर में होने से इस सप्ताह रूचक पंच महापुरुष योग का प्रभाव भी रहेगा। इसके शुभ प्रभाव से जातक साहसी बनता है और राजनीति के क्षेत्र में अपार सफलता पाता है। आइए जानते हैं रुपये-पैसे के मामले में मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए फरवरी का यह सप्ताह कैसा रहने वाला है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="728" height="273" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/rashi8.png" alt="" class="wp-image-24833" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/rashi8.png 728w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/rashi8-300x113.png 300w" sizes="auto, (max-width: 728px) 100vw, 728px" /></figure>



<p><strong>मेष मेष आपके जीवन में अच्छे फल लेकर आएगी</strong></p>



<p>इस सप्ताह आप अपने जीवनसाथी के साथ कहीं बाहर घूमने फिरने का मन बना सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपके द्वारा की गई मेहनत आपके जीवन में अच्छे फल लेकर आएगी। सेहत के लिहाज से अनुकूल स्थितियां रहेंगी। इस सप्ताह की गई यात्राओं द्वारा खुशियां बटोरने में सफल रहेंगे। घर परिवार में किसी नई शुरुआत को लेकर मन परेशान रहेगा। आर्थिक मामलों में कुछ खर्चे बढ़ सकते हैं। सप्ताह के अंत में लापरवाही नहीं बरतेंगे तो जीवन में सुखी रहेंगे।</p>



<p><strong>शुभ दिन : 17,19</strong></p>



<p>वृषभ राशि: इन्वेस्टमेंट से बेहतर परिणाम मिलेंगे</p>



<p>कार्यक्षेत्र में जितना नेटवर्किंग करेंगे उतना अधिक फायदा होता जाएगा। आर्थिक मामलों में थोड़ा सा रिलैक्स होकर इन्वेस्टमेंट करेंगे तो बेहतर परिणाम सामने आएंगे। घर परिवार में आपसी सुख में वृद्धि होगी। इस सप्ताह यात्राओं का अगर मन बना रहे हैं तो उन्हें टाल दें अन्यथा परेशान रहेंगे। सेहत की तरफ भी ध्यान देने की आवश्यकता है। खान पान से संबंधित कष्ट बढ़ सकते हैं। सप्ताह के अंत में प्रतिकूल स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।<br><strong>शुभ दिन : 16,18</strong></p>



<p>मिथुन राशि: मेहनत का फल भविष्य में मिलेगा</p>



<p>कार्यक्षेत्र में आप जो भी मेहनत करेंगे उसका असर आपको भविष्य में अवश्य मिलेगा। सेहत को लेकर की गई एक्टिविटी आपके लिए तंदुरुस्ती के द्वार खोलेगी। इस सप्ताह की गई यात्राओं द्वारा सुखद अनुभव रहेंगे। यात्राओं को सफल बनाने में आपको किसी की मदद भी मिल सकती है। प्रेम संबंध में आपसी प्रेम आपके जीवन में पदार्पण करेगा। आर्थिक व्यय अधिक हो सकते हैं। इस तरफ ध्यान देने की आवश्यकता है। परिवार के मामलों में थोड़ा सा रिस्क लेकर निर्णय लेंगे तो बेहतर होगा। सप्ताह के अंत में शुभ परिणाम प्राप्त होंगे।<br><strong>शुभ दिन : 17,19,20</strong></p>



<h4 class="wp-block-heading">कर्क राशि: सफलता आपके कदम चूमेगी</h4>



<p>कार्यक्षेत्र में इस सप्ताह उन्नति होगी और सफलता आपके कदम चूमेगी। आर्थिक दृष्टिकोण से समय बेहतर होगा। प्रेम संबंध में अपने इंटूइशन का अनुसरण कर निर्णय लेंगे तो जीवन में सुखी रहेंगे। इस सप्ताह की गई यात्राओं द्वारा सफलता हासिल होगी। घर परिवार में युवा वर्ग के द्वारा कोई खुशखबरी आपको मिल सकती है। इस सप्ताह अपने जीवन में किसी बात को लेकर अकेलापन महसूस कर सकते हैं।<br><strong>शुभ दिन : 16,18,19</strong></p>



<h4 class="wp-block-heading">सिंह राशि: आर्थिक नुकसान हो सकता है</h4>



<p>इस सप्ताह आपकी सेहत में सुधार रहेगा। प्रेम संबंध में इस सप्ताह किसी समाचार को प्राप्त कर मन दुखी हो सकता है। आर्थिक मामलों में भी मन संशय में रहेगा। जिस वजह से आर्थिक नुकसान हो सकता है। कार्यक्षेत्र में कोर्ट कचहरी के मामलों में दिक्कत बढ़ सकती हैं। यात्राओं को इस सप्ताह टाल दें तो बेहतर होगा। परिवार के मामलों में स्ट्रेस बढ़ सकता है। सप्ताह के अंत में स्थितियां सुधरती जाएंगी।<br><strong>शुभ दिन : 17,20</strong></p>



<h4 class="wp-block-heading">कन्या राशि: मान- सम्मान में भी वृद्धि होगी</h4>



<p>कार्य क्षेत्र में उन्नति होगी और मान- सम्मान में भी वृद्धि होगी। इस सप्ताह किसी बड़े बुजुर्ग की मदद से जीवन में सुख शांति महसूस कर सकते हैं। इस सप्ताह यात्राओं द्वारा भी सफलता हासिल करेंगे। किसी बेहतर स्थान पर यात्रा करने का मन बना सकते हैं। प्रेम संबंध में किसी महिला की वजह से परेशानी हो सकती है। आर्थिक व्यय भी अधिक हो सकता है। किसी पितृतुल्य व्यक्ति पर व्यय अधिक हो सकते हैं। परिवार के मामलों में अचानक से किसी बात को लेकर कष्ट बढ़ सकते हैं।<strong>​<br>शुभ दिन : 19</strong></p>



<h4 class="wp-block-heading">तुला राशि: आर्थिक मामलों में अचानक से फायदा होगा</h4>



<p>इस सप्ताह आपकी रोमांटिक लाइफ में सुकून रहेग। लव लाइफ में सुखद परिणाम आपको मिलेंगे। इस सप्ताह आपकी सेहत में काफी सुधार रहेगा। आप जितना अधिक रिलैक्स रहेंगे उतना बेहतर परिणाम जीवन में रहेगा। इस सप्ताह की गई यात्राओं द्वारा भी सफलता हासिल होगी। यात्राओं को लेकर काफी बिजी भी इस सप्ताह रहेंगे। आर्थिक मामलों में अचानक से फायदा होगा। कार्यक्षेत्र में किसी प्रोजेक्ट को लेकर मन दुखी हो सकता है।<br><strong>शुभ दिन : 17,18,19</strong></p>



<h4 class="wp-block-heading">वृश्चिक राशि: धन वृद्धि के शुभ संयोग बनेंगे</h4>



<p>इस सप्ताह कार्यक्षेत्र में उन्नति होगी और मान सम्मान बढ़ेगा। किसी पितृतुल्य व्यक्ति की मदद से जीवन में उन्नति के मार्ग बढ़ते जाएंगे। आर्थिक मामलों में धन वृद्धि के शुभ संयोग बनते जाएंगे। आप अपने इन्वेस्टमेंट को अपने कंट्रोल में करने में सक्षम रहेंगे। इस सप्ताह लव लाइफ में सुधार तो रहेगा लेकिन फिर भी एक खलिश रहेगी। इस सप्ताह यात्राओं को टाल दें तो बेहतर रहेगा। सप्ताह के अंत में जीवन में सुख समृद्धि के मार्ग खुलते जाएंगे।<br><strong>शुभ दिन : 16,17,20</strong></p>



<h4 class="wp-block-heading">धनु राशि: कार्यक्षेत्र में उन्नति होगी</h4>



<p>इस सप्ताह आपकी लव लाइफ में सुखद अनुभव रहेंगे। आपसी रोमांस में वृद्धि होगी। यह सप्ताह प्रेम संबंध में आपसी प्रेम को सुदृढ़ करने वाला सप्ताह है। इस सप्ताह यात्राओं के दौरान जीवन में सुखी रहेंगे। परिवार में किसी बदलाव को लेकर मन अशांत रहेगा। कार्यक्षेत्र में उन्नति होगी। आर्थिक मामलों में कष्ट रहेंगे और मन अशांत रहेगा। सप्ताह के अंत में किसी हानि की संभावना बन सकती है।<br><strong>शुभ दिन : 19</strong></p>



<h4 class="wp-block-heading">मकर राशि: आर्थिक मामलों में व्यय अधिक रहेगा</h4>



<p>इस सप्ताह अपने ऑफिस में काफी बदलाव कर सकते हैं। किसी बेहतर प्रोजेक्ट की तरफ रुचि बढ़ेगी। इस सप्ताह यात्राओं के दौरान आपकी पर्सनालिटी दूसरों को काफी प्रभावित करेगी। इस दौरान यात्राएं सफल रहेंगी। आर्थिक मामलों में व्यय अधिक हो सकते हैं। इस सप्ताह प्रेम संबंध में किसी समाचार को प्राप्त कर मन दुखी हो सकता है। सप्ताह के अंत में किसी बुजुर्ग के साथ मतभेद रहेंगे।<br><strong>शुभ दिन : 19</strong></p>



<h4 class="wp-block-heading">कुंभ राशि: इस सप्ताह खुशियां दस्तक देंगी</h4>



<p>कार्यक्षेत्र में कि नई शुरुआत आपके जीवन में सुकून लेकर आएगी। सेहत को लेकर काफी जागरूक रहेंगे। अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए कुछ ठोस निर्णय ले सकते हैं। प्रेम संबंध में इस सप्ताह खुशियां दस्तक देंगी। आप अपने प्रियजन एवं अपने जीवनसाथी के साथ पार्टी मूड में रहेंगे। इस सप्ताह परिवार में सुख समृद्धि के संयोग बन रहे हैं। आर्थिक मामलों में किसी नए निवेश द्वारा फायदा होगा। लेकिन किसी मातृतुल्य महिला पर खर्च भी बढ़ सकता है।<br><strong>शुभ दिन : 17,18</strong></p>



<h4 class="wp-block-heading">मीन राशि: कोर्ट कचहरी के मामलों में व्यय बढ़ेगा</h4>



<p>यह सप्ताह आपकी लव लाइफ के लिए शुभ सप्ताह है। आपसी प्रेम को सुदृढ़ करता जाएगा। इस सप्ताह की शुरुआत में सेहत में सुधार होगा। आर्थिक व्यय अधिक हो सकते हैं। कोर्ट कचहरी के मामलों में भी व्यय बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में किसी बात को लेकर मन अशांत रहेगा। इस सप्ताह यात्रा को टाल दें तो बेहतर होगा। परिवार में भी किसी समाचार को सुनकर मन दुखी रहेगा। सप्ताह के अंत में हालांकि बेहतर स्थितियां होती जाएंगी।&nbsp;</p>
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		<title>महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े नियम</title>
		<link>https://thesundayviews.com/what-to-eat-and-what-not-to-eat-during-mahashivratri-fast-learn-the-rules-related-to-food-the-sunday-views-hindi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 15 Feb 2026 09:22:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[आस्था]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मक्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>MahShiv Ratri : महाशिवरात्रि के दिन भक्त शिवजी की पूजा अर्चना और व्रत करते हैं। मान्यता है कि इस दिन भोलेनाथ की आराधना करने से जातक की मनोकामनाएं पूर्ण हो&#8230; </p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>MahShiv Ratri : महाशिवरात्रि </strong>के दिन भक्त शिवजी की पूजा अर्चना और व्रत करते हैं। मान्यता है कि इस दिन भोलेनाथ की आराधना करने से जातक की मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं। महाशिवरात्रि पर फलाहार करके व्रत करने का विधान होता है। इसके साथ ही शास्त्रों के अनुसार, व्रत के दौरान खानपान से जुड़े कुछ जरूरी नियमों का भी ख्याल जरूर रखना चाहिए। अन्यथा व्रत अधूरा रह सकता है। ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं की महाशिवरात्रि के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए&#8230;</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="675" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/mahadev-1024x675.png" alt="" class="wp-image-24829" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/mahadev-1024x675.png 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/mahadev-300x198.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/mahadev-768x506.png 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/02/mahadev.png 1079w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p><strong>महाशिवरात्रि व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए ?</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>मान्यता है कि महाशिवरात्रि के व्रत में भूलकर भी अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। शास्त्रों में शिवरात्रि पर फलाहार करके व्रत रखने का विधान बताया गया है। ऐसे में अनाज का सेवन करने से व्रत अधूरा रह सकता है।</li>



<li>हिंदू धर्म में व्रत के दौरान नमक का सेवन करना वर्जित माना गया है। इससे व्रत टूट सकता है लेकिन, स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या होने पर सेंधा नमक का प्रयोग किया जा सकता है।</li>



<li>महाशिवरात्रि के दिन भूलकर भी लहसुन, प्याज आदि तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान शिव रुष्ट हो सकते हैं। साथ ही, परिवार के सदस्यों को भी इस नियम का ख्याल अवश्य रखना चाहिए।</li>



<li>मान्यता है कि शिवरात्रि के व्रत में हल्दी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इस नियम का ख्याल रखना आवश्यक माना गया है, अन्यथा व्रत अधूरा रह सकता है।</li>



<li>महाशिवरात्रि के दिन गलती से भी मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे प्रतिकूल प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, घर में भी हर किसी को मदिरा से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।</li>
</ul>



<p><br><strong>महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाना चाहिए ?</strong></p>



<ul class="wp-block-list">
<li>माना जाता है की व्रती को महाशिवरात्रि के दिन सुबह के समय पूजा करने के पश्चात फलों का सेवन करना चाहिए। आप व्रत में पपीता, सेब, खीरा आदि खा सकते हैं।</li>



<li>व्रत में जूस का सेवन भी किया जा सकता है। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती है और पूरे दिन शरीर दैनिक कार्यों को करने में सक्षम रहता है। अगर स्वास्थ्य संबंधी समस्या न हो तो बिना नमक का सेवन किए व्रत करना चाहिए।</li>



<li>महाशिवरात्रि के व्रत में मीठे का सेवन करना चाहिए। साथ ही, व्रत के दौरान काली मिर्च का प्रयोग भी किया जा सकता है।</li>



<li>अगर आप व्रत में कुट्टू के आटे का सेवन करते हैं तो इससे बने पकौड़े और पूरियों को सेवन किया जा सकता है। इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।</li>



<li>महाशिवरात्रि के व्रत में गाजर, लौकी आदि से बनी खीर आप खा सकते हैं। इसके अलावा, व्रत में मखाने की खीर या कई अन्य प्रकार से इसका सेवन किया जा सकता है।</li>



<li>महाशिवरात्रि के दिन आप व्रत में दूध से बनी ठंडाई का सेवन भी कर सकते हैं। इससे स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहता है।</li>
</ul>
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		<title>दुनिया भर में ‘गीता’ की गूंज बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा विदेश मंत्रालय</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Jan 2026 04:19:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[आस्था]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मक्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>शाश्वत तिवारी Gita across the world news: हरियाणा का कुरुक्षेत्र इन दिनों &#8216;अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव&#8217; के रंग में रंगा हुआ है। इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने&#8230; </p>
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<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" width="373" height="537" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/01/shashwat-t-21.jpg" alt="" class="wp-image-24566" style="aspect-ratio:0.694590741117933;width:111px;height:auto" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/01/shashwat-t-21.jpg 373w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/01/shashwat-t-21-208x300.jpg 208w" sizes="auto, (max-width: 373px) 100vw, 373px" /></figure>



<p><strong>शाश्वत तिवारी</strong></p>



<p><strong>Gita across the world news:</strong> हरियाणा का कुरुक्षेत्र इन दिनों &#8216;अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव&#8217; के रंग में रंगा हुआ है। इस अवसर पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव समारोह को वर्चुअली संबोधित करते हुए इस पवित्र ग्रंथ को धार्मिक सीमाओं से परे बताया। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक जीवन, आंतरिक शक्ति और आध्यात्मिक स्पष्टता के लिए एक सार्वभौमिक मार्गदर्शक है। इसकी शिक्षाएं विभिन्न पीढ़ियों और भौगोलिक क्षेत्रों के लोगों के मन को प्रकाशित करती रहती हैं और बदलती दुनिया में मार्गदर्शन एवं ज्ञान प्रदान करती हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="581" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/01/gita-1024x581.png" alt="" class="wp-image-24567" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/01/gita-1024x581.png 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/01/gita-300x170.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/01/gita-768x435.png 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/01/gita.png 1284w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>जयशंकर ने यह बात एक वीडियो संदेश में कही, जिसे 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र में आयोजित महोत्सव में प्रसारित किया गया। यह महोत्सव 15 नवंबर को शुरू हुआ था, जो कि पांच दिसंबर तक चलेगा। यह कार्यक्रम विदेश मंत्रालय, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें रोजाना आध्यात्मिक नेताओं, विद्वानों और राजनीतिक नेताओं का जमावड़ा लग रहा है।</p>



<p>विदेश मंत्रालय इस महोत्सव को वैश्विक स्तर पर विख्यात बनाने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है। डॉ. जयशंकर ने भी अपने संबोधन में बताया कि कैसे विदेश मंत्रालय इस महोत्सव को सफल बनाने के लिए जुटा हुआ है। उन्होंने कहा विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर में गीता की गूंज को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। विदेश में मिशन के साथ मिलकर, मिनिस्ट्री ने जाने-माने विदेशी स्कॉलर्स की पहचान की है, जो इस सेलिब्रेशन में हिस्सा लेंगे और इस स्पिरिचुअल बातचीत में अलग-अलग नजरिए रखेंगे।</p>



<p>विदेश मंत्री ने कहा एग्जिबिशन के लिए भगवद गीता के 25 से अधिक ट्रांसलेटेड एडिशन इकट्ठा किए गए हैं, जो अलग-अलग कल्चर और भाषाओं में इसकी पहुंच दिखाते हैं। दुनिया भर में 50 से ज़्यादा मिशन और पोस्ट पैरेलल इवेंट और एग्जिबिशन ऑर्गनाइज कर रहे हैं, जो गीता के यूनिवर्सल मैसेज और स्पिरिचुअल गहराई को पक्का करते हैं। बॉर्डर पार कम्युनिटीज को एक साथ लाकर, मिनिस्ट्री गीता की तालमेल और मजबूती की भावना को दिखाने की कोशिश करती है। गीता की शिक्षाएं इंसानियत को एक ज्यादा शांतिपूर्ण, मकसद वाली और ज्ञान भरी दुनिया की ओर गाइड करती रहें।</p>
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		<item>
		<title>माघ मेले में 75 साल बाद दुर्लभ शुभ संयोग</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Jan 2026 04:13:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[आस्था]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मक्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>माघ मेला 2026 का शुभारंभ जयशंकर प्रसाद शुक्ल Maagh mela news: यह शब्द &#8220;कल्प&#8221; (ब्रह्मांडीय समय की एक विशाल अवधि) और &#8220;वश&#8221; (नियंत्रण या अधीनता) से मिलकर बना है।&#160; हिंदू&#8230; </p>
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<h3 class="wp-block-heading"><strong>माघ मेला 2026 का शुभारंभ</strong></h3>



<figure class="wp-block-image is-resized"><img decoding="async" src="http://www.indiaexpressnews.com/wp-content/uploads/2025/12/IMG-20251229-WA0002-300x300.jpg" alt="" class="wp-image-11480" style="width:136px;height:auto"/></figure>



<p><strong>जयशंकर प्रसाद शुक्ल</strong></p>



<p><strong>Maagh mela news: </strong>यह शब्द &#8220;कल्प&#8221; (ब्रह्मांडीय समय की एक विशाल अवधि) और &#8220;वश&#8221; (नियंत्रण या अधीनता) से मिलकर बना है।&nbsp; हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार, एक &#8216;कल्प&#8217; ब्रह्मा का एक दिन होता है। एक कल्प में 1,000 महायुग होते हैं। एक महायुग में चार युग (सत्ययुग, त्रेता, द्वापर, और कलियुग) होते हैं। कल्पवश का नियम यह बताता है कि सृष्टि की हर वस्तु, यहाँ तक कि देवी-देवता और ग्रह भी, समय (कल्प) के इस चक्र के अधीन हैं। माघ मेले (प्रयागराज) में कल्पवास को आत्मिक शुद्धि और कठिन तपस्या का मार्ग माना जाता है। कल्पवास का अर्थ है—एक निश्चित समय के लिए अपनी सांसारिक सुख-सुविधाओं को छोड़कर संगम के तट पर निवास करना।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="724" height="446" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/01/maagh-mela2.png" alt="" class="wp-image-24563" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/01/maagh-mela2.png 724w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2026/01/maagh-mela2-300x185.png 300w" sizes="auto, (max-width: 724px) 100vw, 724px" /></figure>



<p><strong>आहार संबंधी नियम</strong></p>



<p><strong>एक समय भोजन:</strong> कल्पवासी को पूरे दिन में केवल एक बार ही सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए।</p>



<p><strong>स्वयं पाक:</strong> भोजन स्वयं बनाना अनिवार्य माना जाता है। इसमें फलाहार या निराहार रहने का भी विशेष महत्व है।</p>



<p><strong>सात्विकता:</strong> भोजन में लहसुन, प्याज या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन पूर्णतः वर्जित है।</p>



<p><strong>दिनचर्या और स्नान</strong></p>



<p><strong>त्रिवेणी स्नान:</strong> प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम में स्नान करना अनिवार्य है।</p>



<p><strong>न्यूनतम सुख-सुविधा:</strong> कल्पवासी को जमीन पर सोना (भूमि शयन) चाहिए। गद्दे या पलंग का उपयोग वर्जित है।</p>



<p><strong>सादगी:</strong> विलासिता की वस्तुओं, जैसे इत्र, तेल या श्रृंगार का त्याग करना होता है।</p>



<p><strong>आध्यात्मिक आचरण</strong></p>



<p><strong>मौन और जप:</strong> कल्पवास के दौरान कम से कम बोलना और अधिक से अधिक ईश्वर का ध्यान या मंत्र जप करना चाहिए।</p>



<p><strong>सत्य और अहिंसा:</strong> झूठ बोलना, क्रोध करना, निंदा करना या किसी को कष्ट पहुंचाना कल्पवास को खंडित कर सकता है।</p>



<p><strong>ब्रह्मचर्य</strong>: इस अवधि में पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य है।</p>



<p><strong>कल्पवास की अवधि</strong></p>



<p><strong>एक मास का संकल्प:</strong></p>



<p>आमतौर पर कल्पवास पौष पूर्णिमा से शुरू होकर माघी पूर्णिमा तक चलता है। कुछ लोग मकर संक्रांति से कुंभ संक्रांति तक भी इसे करते हैं।</p>



<p><strong>तुलसी पूजन:</strong> कल्पवासी अपने शिविर के बाहर तुलसी का पौधा लगाते हैं और प्रतिदिन उसकी पूजा करते हैं।पहले स्नान पर्व पर संगम तट पर जनसैलाब उमड़ पड़ा है।कड़ाके की ठंड में श्रद्धालु एक माह तक डुबकी लगाएंगे। पौराणिक परंपरागत ब्रह्म मुहूर्त में ही श्रद्धालुगण संगम में स्नान करते हैं।</p>



<p>माघ मेले में 75 साल बाद दुर्लभ शुभ संयोग है। श्रद्धालु कल्पवास का संकल्प लेकर शुरुआत करते हैं।&nbsp;अनुमानत 20-25 लाख कल्पवासी एक माह तक प्रवास करेंगे।</p>



<p>प्रयागराज में संगम के किनारे माघ मेले में कल्पवास का महत्व है। पौष पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलने वाले इस अनुष्ठान में श्रद्धालु भजन, पूजन और तपस्या में लीन रहते हैं। कल्पवास 12 वर्षों में पूरा होता है और इसके कई नियम हैं, जिनका पालन करना आवश्यक है। पद्म पुराण, अग्नि पुराण और स्कंद पुराण में इसकी महिमा का वर्णन है। माना जाता है कि इससे जन्म जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है।</p>



<p>जन्म जन्मांतर के पापों से मुक्ति। पूर्वजों की तृप्ति व मोक्ष की प्राप्ति। कुछ इन्हीं संकल्पना को साकार करने के लिए तीर्थराज प्रयाग में संगम तीरे माह भर का अखंड तप कल्पवास तीन जनवरी पौष पूर्णिमा से आरंभ हो गया है। भजन, पूजन व अनुष्ठान का क्रम 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा। गृहस्थ नर-नारी तपस्वियों की भांति माह भर भजन-पूजन में लीन रहेंगे।</p>



<p><strong>पुराणों में कल्पवास के 21 नियम बताए गए हैं</strong></p>



<p><strong>असत्य (झूठ) न बोलना।</strong></p>



<p><strong>हर परिस्थिति में सत्य बोला।</strong></p>



<p><strong>घर-गृहस्थी की चिंता से मुक्त होना।</strong></p>



<p><strong>गंगा में सुबह, दोपहर व शाम को स्नान करना।</strong></p>



<p><strong>शिविर के बाहर तुलसी का बिरवा रोपना व जौ बोना। तुलसी व जौ को प्रतिदिन जल अर्पित करना।</strong></p>



<p><strong>ब्रह्मचर्य का पालन करना।</strong></p>



<p><strong>खुद या पत्नी का बनाया सात्विक भोजन करना।&nbsp;</strong></p>



<p><strong>सत्संग में भाग लेना।</strong></p>



<p><strong>इंद्रियों में संयम रखना।&nbsp;</strong></p>



<p><strong>पितरों का पिंडदान करना। हिंसा से दूर रहना।&nbsp;</strong></p>



<p><strong>विलासिता से दूर रहना।&nbsp;</strong></p>



<p><strong>परनिंदा न करना।</strong></p>



<p><strong>जमीन पर सोना।</strong></p>



<p><strong>भोर में जगना।</strong></p>



<p><strong>किसी भी परिस्थिति में मेला क्षेत्र न छोड़ना।</strong></p>



<p><strong>धार्मिक ग्रंथों व पुस्तकों का पाठ करना।</strong></p>



<p><strong>आपस में धार्मिक चर्चा करना। प्रतिदिन संतों को भोजन कराकर दक्षिणा देना।</strong></p>



<p><strong>गृहस्थ आश्रम में लौटने के बाद कल्पवास के नियम का पालन करना।</strong></p>



<p><strong>12 वर्ष में पूर्ण होता है कल्पवास</strong></p>



<p>कल्पवास करने वाले लोगों को लगातार 12 वर्ष संगम तीरे आकर भजन-पूजन करना पड़ता है। 12 वर्ष बाद कल्पवास पूर्ण माना जाता है। इसके बाद कल्पवासी सजियादान करते हैं। इसमें तीर्थपुरोहितों को गृहस्थी का समस्त सामान दान किया जाता है।</p>
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		<item>
		<title>माघ मेला: प्रयागराज में कल्पवासी लगाएंगे संगम में डुबकी&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 03 Jan 2026 04:01:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[आस्था]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>Maagh mela: गज केसरी योग में पौष माह की पूर्णिमा का स्नान शनिवार को होगा। पौष पूर्णिमा से ही माघ माह का स्नान शुरू हो जाता है। जिसे माघ स्नान&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%98-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%b2/">माघ मेला: प्रयागराज में कल्पवासी लगाएंगे संगम में डुबकी&#8230;</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>Maagh mela:</strong> गज केसरी योग में पौष माह की पूर्णिमा का स्नान शनिवार को होगा। पौष पूर्णिमा से ही माघ माह का स्नान शुरू हो जाता है। जिसे माघ स्नान कहा जाता है। इस तिथि में स्नान के साथ दान का भी महत्व है। पिछले साल इन्हीं दिनों में प्रयागराज में कुंभ हुआ था। पुराणों में प्रयागराज में संगम स्नान को विशेष माना गया है। प्रयागराज में लोग बड़ी संख्या में कल्पवास कर रहे हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पौष पूर्णिमा की प्रदेश की जनता को शुभकामनाएं दी हैं।</p>



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<p><br>पौराणिक मान्यता है कि इन दिनों प्रयागराज में सारे तीरथ वास करने आते हैं। स्नान का क्रम 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर पूर्ण होगा। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि पौष पूर्णिमा तिथि शुक्रवार की शाम 6:54 बजे से शुरू हो गई है, जो शनिवार की शाम 5 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में पौष पूर्णिमा का स्नान शनिवार को किया जाएगा। पूर्णिमा तिथि को पूर्ण चंद्रमा के दर्शन होते हैं। पूर्णिमा को सूर्योदय 6:56 बजे और चंद्र उदय शाम को 5:18 बजे पर होगा। मिथुन राशि में गुरु और चंद्रमा की युति से गज केसरी योग बनेगा। साथ ही धनु राशि में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र की युति होगी।</p>



<p>स्नान -दान और पूजा पाठ के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त को माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5: 08 से 6:02 तक होगा। अभिजित मुहूर्त दिन में 11:50 से 12:32 इस समय स्नानदान का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार इस तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुन्य और सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा और जरूरतमंदों को दान करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।</p>



<p><br>स्नान पर्व 15 फरवरी को महाशिवरात्रि तक चलेगा। इसके बाद स्नान की मुख्य तिथियों में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 23 जनवरी को वसंत पंचमी, एक फरवरी को माघी पूर्णिमा है। इसके बाद अंतिम स्नान महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को होगा। मान्यता है कि स्नान और दान से शनि, राहु-केतु जैसे ग्रहों के दोष शांत होते हैं। माघ मेले में अन्न, गर्म कपड़े, कंबल, तिल और रजाई गद्दा, चरपाई, का दान सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इनसे पितरों की तृप्ति, धन- धान्य, सुख-समृद्धि मिलती है।</p>



<p>सीएम योगी आदित्यनाथ ने पौष पूर्णिमा की प्रदेश की जनता को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट किया। श्रीगङ्गादेव्यै नमः माघ मेला के शुभारंभ एवं पावन पौष पूर्णिमा की सभी श्रद्धालुओं व प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाने हेतु तीर्थराज प्रयाग पधारे सभी पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, सभी अखाड़ों एवं कल्पवासियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन। मां गंगा, मां यमुना एवं मां सरस्वती सभी के मनोरथ पूर्ण करें, यही प्रार्थना है।</p>
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