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	<title>ब्लॉग Archives - The Sunday views</title>
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	<description>Daily Hindi News</description>
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	<title>ब्लॉग Archives - The Sunday views</title>
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		<title>डिजिटल इंडिया पर भारी साइबर ठगी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Dec 2024 17:17:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जम्मू कश्मीर]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[ब्लॉग]]></category>
		<category><![CDATA[संपादकीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>डिजिटल इंडिया पर भारी साइबर ठगी लखनऊ। ऑनलाइन मनी इन्वेस्ट करते समय ऐप या वेबसाइट के बारे में क्रॉस चेक जरूर करें। कर्ज देने वाले ऐप्स का इस्तेमाल न करें।&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%87/">डिजिटल इंडिया पर भारी साइबर ठगी</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>डिजिटल इंडिया पर भारी साइबर ठगी</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>लखनऊ।</strong> ऑनलाइन मनी इन्वेस्ट करते समय ऐप या वेबसाइट के बारे में क्रॉस चेक जरूर करें। कर्ज देने वाले ऐप्स का इस्तेमाल न करें। इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें। उनकी विश्वसनीयता चेक करें। किसी अंजान नंबर पर ओटीपी या कोई निजी जानकारी शेयर न करें। फेसबुक, इंस्टाग्राम या वॉट्सऐप नंबर पर आने वाले किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। भारत में अब डिजिटलाइजेशन के चलते फल-सब्जी, दूध-राशन इत्यादि खरीदने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक सब कुछ कैश पेमेंट के बिना आसानी से खरीदा-बेचा जा रहा है। डिजिटलाइजेशन ने जिंदगी को इतना आसान बना दिया है कि अब बैंक की लंबी लाइन में लगे बिना बिजली-पानी-बीमा का भुगतान घर बैठे हो रहा है और एक रुपए से लेकर लाखों तक का डिजिटल ट्रांजैक्शन महज एक क्लिक पर हो रहा है। लेकिन वहीं साइबर अपराधों में हो रही बढ़ोत्तरी ने लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाना भी शुरू कर दी है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter"><img decoding="async" src="http://www.indiaexpressnews.com/wp-content/uploads/2024/12/thagi.png" alt="" class="wp-image-8747"/></figure>
</div>


<p class="wp-block-paragraph">पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के पालमपुर की एक महिला से 20 लाख 38 हजार रुपए की ठगी का मामला साइबर थाना धर्मशाला में दर्ज हुआ है, जबकि हिमाचल में पिछले साढ़े सात महीनों में 44 करोड़ रुपए के फाइनांशियल फ्रॉड के मामले दर्ज हुए हैं। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर के अनुसार अप्रैल 2024 तक 740957 से ज्यादा साइबर फ्रॉड की शिकायतें पूरे भारत वर्ष में दर्ज की गयीं हैं, जबकि जनवरी से अप्रैल के बीच 1750 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की गयी। पिछले आठ महीनों में हिमाचल के साइबर थानों में करीब 110 मामले दर्ज किये जा चुके हैं, जिसमें लोगों ने अपने आप रुपयों को दोगुना करने के चक्कर में या फिर अज्ञानतावश अपनी धनराशि गंवा दी है। साइबर सैल द्वारा पिछले साढ़े सात माह के मामलों की जांच में पाया गया कि इनमें सबसे अधिक 40 फीसदी मामले इन्वैस्टमैंट फ्रॅाड के हैं, 30 फीसदी फ्रॉड स्टॉक मार्केट से जुड़े हुए थे, 15 से 20 फीसदी मामले ब्लॉक चेन के सामने आये हैं, जबकि 10 प्रतिशत मामले ठगी के होते हैं, जिसमें बच्चे को पकडऩे सहित कई अन्य बातें कहकर पैसे ऐंठे जाते हैं। 5 फीसदी मामले रंगदारी के भी सामने आये हैं। हिमाचल प्रदेश के शास्त्री प्रदीप कुमार ने अपने फेसबुक अकॉउंट में सूचित किया है कि किसी ने उनके बैंक अकॉउंट से 14800 रुपए निकाल लिये हैं। फेसबुक अकाऊंट हैक कर परिचितों से रुपए मांगने के मामले तो आम ही हो चुके हैं। साइबर ठगों द्वारा ठगी के यह मामले कोई नये नहीं हैं, बल्कि इस तरह के मामले पूरे भारत से आये दिन सामने आते रहते हैं। केंद्र सरकार ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिये एक राष्ट्रीय रजिस्ट्री बनाने का फैसला किया है। साथ ही विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय के लिए सीएफएमसी बनाया गया है। इसी तरह से समन्वय प्लेटफार्म साइबर अपराध के आंकड़े संग्रहित करने, साइबर अपराध का मानचित्र बनाने, उनका विश्लेषण करने के साथ ही साइबर अपराध के विरुद्ध काम करने वाली एजेंसियों के लिए वन स्टाप पोर्टल के रूप में काम करेगा। साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिये साइबर कमांडो तैनात किये जायेंगे। विशेष रूप से प्रशिक्षित साइबर कमांडो साइबर धोखाखड़ी करने वालों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर सकेंगे। गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने साइबर कमांडो के साथ-साथ साइबर फ्र ाड मिटिगेशन सेंटर (सीएफएमसी), साइबर क्राइम की जांच में जुटी एजेंसियों के लिये समन्वय प्लेटफार्म और संदिग्ध साइबर अपराधियों की राष्ट्रीय रजिस्ट्री बनाने की नई योजनाओं को लांच किया है। यदि कोई व्यक्ति साइबर क्राइम का शिकार हो चुका है तो वह तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पुलिस थाना मंडी के लैंडलाइन नंबर 01905-226900 या संबंधित ईमेल पर संपर्क करें और अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। भारतीय कानून के तहत, साइबर अपराधों से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2000 (आईटी अधिनियम) के तहत निपटा जाता है। आईटी अधिनियम के तहत साइबर अपराध करने के लिए दंड का भी प्रावधान है। जैसे हैकिंग के लिए आईटी अधिनियम की धारा 66 के तहत हैकिंग की सजा तीन साल तक की कैद या पांच लाख रुपए तक का जुर्माना या दोनों है। पहचान की चोरी आईटी अधिनियम की धारा 66 सी के तहत एक अपराध है। आईटी अधिनियम की धारा 67 के तहत अश्लील सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण अपराध है। साइबर स्टाकिंग भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354-डी और आईटी अधिनियम की धारा 66-ई के तहत एक अपराध है। यद्यपि इंटरनेट के आगमन ने हमारे जीवन में नवीनतम सुविधाओं का संसार तो खोल दिया है, लेकिन ऑनलाइन धोखाधड़ी के द्वार भी खोल दिए हैं, जो आज की डिजिटल दुनिया में एक गंभीर चिंता का विषय है। ऑनलाइन धोखाधड़ी में आपराधिक गतिविधियों की एक श्रृंखला शामिल है जो वित्तीय लाभ के लिये व्यक्तियों या संगठनों का शोषण करती है। इन गतिविधियों में फिशिंग, पहचान की चोरी, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी और ऑनलाइन घोटाले शामिल हैं। ऐसे मामलों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बीते दिनों नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल लॉन्च किया है। ठगी से बचने के लिये जरूरी है कि यदि किसी भी व्यक्ति को किसी अज्ञात व्यक्ति, नंबर से किसी सोशल मीडिया व्हाट्सएप, फेसबुक या टेलीग्राम के ग्रुप में जोड़ा जाता है तो उस स्थिति में तुरंत उस ग्रुप को छोड़ दें। ऑनलाइन मनी इन्वेस्ट करते समय ऐप या वेबसाइट के बारे में क्रॉस चेक जरूर करें। कर्ज देने वाले ऐप्स का इस्तेमाल न करें। इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें। उनकी विश्वसनीयता चेक करें। किसी अनजान नंबर पर ओटीपी या कोई निजी जानकारी शेयर न करें। फेसबुक, इंस्टाग्राम या वॉट्सऐप नंबर पर आने वाले किसी अंजान लिंक पर क्लिक न करें। ऑनलाइन आने वाले लिंक्स को इग्नोर करें और खुद को ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाने के लिए साइबर खतरों की प्रकृति को समझें, साइबर सुरक्षा का ज्ञान प्राप्त करें और उचित सावधानी बरतने से ही आप साइबर फ्रॉड से बच सकते हैं।</p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%87/">डिजिटल इंडिया पर भारी साइबर ठगी</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
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		<title>समाज में पनपती मानसिक विकृति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Dec 2024 17:12:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ब्लॉग]]></category>
		<category><![CDATA[संपादकीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>दिल्ली। पोर्न फिल्में या वेब सीरीज देखने की आदत से बच्चों का मानसिक और शारीरिक पतन हो रहा है। वे इनके पीछे पागल से हो रहे हैं। मस्तिष्क में सोचने&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/mental-disorder-growing-in-society/">समाज में पनपती मानसिक विकृति</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
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<p class="wp-block-paragraph"><strong>दिल्ली।</strong> पोर्न फिल्में या वेब सीरीज देखने की आदत से बच्चों का मानसिक और शारीरिक पतन हो रहा है। वे इनके पीछे पागल से हो रहे हैं। मस्तिष्क में सोचने की क्षमता कम हो रही है। उनमें एक नशा सा छा रहा है। याददाश्त कम होने लगी है और रेप हो रहे हैं। एक समय था जब हमारे देश भारत के राजा कहा करते थे कि मेरे देश में कोई चोर नहीं, शराबी और कायर नहीं, कोई अधार्मिक नहीं, कोई व्यभिचारी नहीं। क्या आज का राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री ऐसा कह सकता है ? शायद उत्तर मिलेगा-नहीं&#8230;। सैंकड़ों चोरियां होती हैं, अनेक हत्याएं होती हैं, अनेक महिलाओं, यहां तक कि नन्ही-नन्ही कन्याओं, जिन्हें नवरात्रों में देवी समझकर पूजा जाता है, उनके साथ दिल दहला देने वाले सामूहिक बलात्कार और हत्याएं हो रही हैं कि सुनकर ही रौंगटे खड़े हो जाते हैं। क्या इसलिये कि हमारा चरित्र गिर गया है ? या बड़ी-बड़ी उच्च डिग्रियां लेकर भी हम मानसिक दृष्टि से गिरे हुये हैं ? </p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="867" height="685" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2024/12/1-nation-23.png" alt="" class="wp-image-20793" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2024/12/1-nation-23.png 867w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2024/12/1-nation-23-300x237.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2024/12/1-nation-23-768x607.png 768w" sizes="(max-width: 867px) 100vw, 867px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">पिछले कुछ वर्षों से मानव समाज में तकनीकी व आर्थिक क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन मूल्य प्रभावित हुए हैं। परिवर्तन समय की स्वाभाविक वृति है। ऐसा कभी नहीं था कि परिवर्तन रुका हो। आज हम इतराते हैं कि हम चांद पर पहुंच गये। मंगल और शुक्र ग्रह भी घूम आये। सेंसर जैसी कई अन्य आधुनिकतम तकनीक से उंगली के संकेत से मनवांछित प्राप्त कर सकते हैं। तीव्र गति से होने वाली वैज्ञानिक प्रगति नये कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इस क्रांति में इंटरनेट एक ऐसे व्यापक हाईवे के रूप में सामने आया है जिसने समूचे विश्व को अपने आलिंगन में ले लिया है। इंटरनेट की सहायता से हम दुनिया भर की जानकारियां उपलब्ध करा सकते हैं। पहले हम कहते थे कि विज्ञान ने संसार को कुटुंब बना दिया, किंतु आज इंटरनेट ने मानों कुटुंब को ही कमरे में उपस्थित कर दिया है। मानव जीवन में इंटरनेट क्रांति एक महत्वपूर्ण बदलाव लायी है, पर हर सच्चाई के साथ बुराई, प्रगति के साथ अवनति, उत्थान के साथ पतन जुड़े रहते हैं। अत: जब कल्याण और प्रगति के लिये कोई नई सोच, विधि, तकनीक सामने आती है तो पीछे से शैतानी प्रवृत्ति भी चुपके से प्रवेश कर लेती है। राक्षसी वृति का अच्छाई के साथ सदा ही विरोध रहा है। हमारे पुराणों में अनेक ऐसे दृष्टांत हंै। भस्मासुर, महिषासुर, रावण आदि घोर तपस्या कर ईश्वर से अपने अस्तित्व और वर्चस्व के स्थायित्व का वरदान मांगते थे और वरदान मिल जाने पर उसका दुरुपयोग करते थे। इसी प्रकार वैज्ञानिक अनुसंधान व आविष्कार भी वैज्ञानिकों की तपस्या का परिणाम होते हैं। यही इंटरनेट की दुनिया में भी हुआ है जहां दुर्लभ उपयोगी जानकारियां एक ही क्लिक में मिल रही हैं, वहीं पर अश्लीलता भी परोसी जाने लगी है। कई प्रकार की ठगी हो रही है। युवाओं विशेष रूप से किशोरावस्था वालों के लिए यह हर प्रकार से हानिकारक सिद्ध होने लगा है। बच्चा जब गर्भ में होता है तो मां जैसे वातावरण में रहती है, उसका महत्वपूर्ण प्रभाव गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। धार्मिक ग्रंथ महाभारत में भी अभिमन्यु के चक्रव्यूह भेदने के प्रसंग में यह बात आई है और नारद के आश्रम में जन्म लेकर वहां के विष्णुमय वातावरण में पलकर हिरण्यकश्यप जैसे दैत्य का पुत्र प्रहलाद विष्णु भक्त बन गया था। यही बात विज्ञान और चिकित्सक भी कहते हैं कि गर्भवती महिला को स्वस्थ आहार के साथ स्वस्थ वातावरण मिलना चाहिये, पर आज की अधिकतर माताएं जब गर्भावस्था में बेड रैस्ट पर होती हैं या फुर्सत मिलती है तो इंटरनेट की दुनिया में मनोरंजन की सामग्री की ओर अधिक व धार्मिक या नैतिक शिक्षाप्रद वीडियो कार्यक्रमों की ओर कम ही झुकाव रखती हंै। बच्चा गर्भ में ही इंटरनेट की दुनिया में प्रवेश कर जाता है। शिशु जब धरा पर अवतरित होता है तो कुछ माह के बाद मां बच्चे को आया या मेड के पास छोडकऱ नौकरी पर चली जाती है या कुछ गृहणियां घर का काम निपटाने के लिये स्मार्टफोन में यूट्यूब पर डांस या गाना लगाकर बच्चों को पकड़ा देती हैं। जो बच्चे मां से चिपके रहते थे वे फोन से चिपके रहते हैं। धीरे-धीरे बच्चा जब बड़ा होता है तो बोलकर नेट चलाना सीख जाता है और यही कच्ची उम्र जिज्ञासा का भंडार होती है। जैसे-जैसे वह पांच-सात वर्ष का होता है, नेट की दुनिया का आदी बन चुका होता है। फिर नेट की दुनिया में वह अश्लीलता की दुनिया में अनजाने में ही कदम रख देता है। जो सुकोमल आयु और तन चरित्र निर्माण के सुसंस्कार की पवित्र गंगा से सराबोर होने के होते हैं। वे कोमल आयु और तन अपनी आयु से आगे निकलकर अश्लीलता के रास्ते की कीचड़ में लिप्त होने लगते हैं। अगर बच्चे में अच्छे संस्कार भरे होंगे, विवेकशील होंगे, उसे अच्छे-बुरे का ज्ञान बचपन से उसके दिलों दिमाग में भर दिया गया होगा, तब तो वह इस नरक की दुनिया से दूर होकर अपना रास्ता बदल देगा, पर इसके विपरीत परिस्थितियां होंगी तो बच्चे इन अश्लील वेबसाइटों के आदी हो जायेंगे। हाल ही में सुर्खियों में रहे केस कोलकाता में एक डॉक्टर युवती से बलात्कार व हत्या का आरोपी पोर्न फिल्मों का आदी बताया गया है। सोशल मीडिया में ऐसी अश्लीलता परोसने वालों पर कोई रोक नहीं है। धड़ल्ले से पोर्न फिल्में बन रही हंै। इन पर कोई प्रतिबंध नहीं है। इसी प्रकार वेब सीरीज की भी शुरुआत हुई जिसमें सेंसरशिप का कोई डर या रोक नहीं है। खूब गंदी गालियां दी जाती हैं। अश्लील दृश्य जिन्हें बोल्ड सीन कहा जाता है, खुलकर दिखाए जाते हैं। अगर इंटरनेट पर कोई देश-विदेश के समाचार या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी लेनी हो तो ये अश्लील वीडियो या विज्ञापन भी साथ ही दिखने लगते हैं। नादान बच्चे जिज्ञासा में इनमें भटक जाते हैं। संयुक्त परिवार में बड़े-बुजुर्गों का डर होता था। पर आज अलग कमरों में बच्चे सोशल मीडिया में क्या देख रहे हैं, इसका न तो बच्चों को डर है, न बड़ों को खबर है। मानसिक विकृति बढ़ती जा रही है। पोर्न फिल्में या वेब सीरीज देखने की आदत से बच्चों का मानसिक और शारीरिक पतन हो रहा है। वे इनके पीछे पागल से हो रहे हैं। मस्तिष्क में सोचने की क्षमता कम हो रही है। उनमें एक नशा सा छा रहा है। याददाश्त कम होने लगी है। मानसिक विकृति इतनी हावी हो गयी है कि 10-12 वर्ष का बच्चा 5 साल की कन्या से बलात्कार कर रहा है। आज की कन्या या युवती अपने परिवार में भी सुरक्षित नहीं है। बाड़ ही फसल को खा रही है। इतना पागलपन, इतनी विकृत मानसिकता के कारण टूटते घर-परिवार, आधुनिकता की अंधी दौड़ व इंटरनेट में पोर्न फिल्में आदि हैं।</p>
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		<title>बाकी जो कुछ बचा सो महंगाई मार गई&#8230;</title>
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		<dc:creator><![CDATA[The Sunday Views]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Oct 2024 07:45:51 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[गांवक्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[ब्लॉग]]></category>
		<category><![CDATA[संपादकीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली। अच्छे मानसून और बेहतर पैदावार के बावजूद खाद्य वस्तुओं का कृत्रिम अभाव कौन पैदा कर रहा है, क्यों सरकारें इन पर लगाम नहीं लगा पा रही हैं? लोकतंत्र&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9b-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%ae/">बाकी जो कुछ बचा सो महंगाई मार गई&#8230;</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p class="wp-block-paragraph"><strong>नई दिल्ली। </strong>अच्छे मानसून और बेहतर पैदावार के बावजूद खाद्य वस्तुओं का कृत्रिम अभाव कौन पैदा कर रहा है, क्यों सरकारें इन पर लगाम नहीं लगा पा रही हैं? लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को भी तो अंतत: जनता-जनार्दन की कृपा से ही सरकारें बनाने का सुफल मिलता है, तो फिर क्यों वे आम जनता के हितों को नजर अंदाज करते हैं? सरकार को चाहिए कि वह आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और कालाबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु आपूर्ति रखरखाव अधिनियम 1980 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करे। भारत सहित हिमाचल में इन दिनों हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं और महंगी सब्जियां आम लोगों की पहुंच से पार हो चुकी हैं। टमाटर के दाम ने तो सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हिमाचल में जहां टमाटर 140 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है, वहीं हरा मटर 200 रुपए की दर से बिक रहा है। दूसरी सब्जियां भी 80-90 पार ही बिक रही हैं और सब्जी विक्रेताओं, आढ़तियों को कोई पूछने वाला नहीं है। आलू, प्याज, शिमला मिर्च सोने के भाव बिक रहे हैं। एक तरफ शादियों का सीजन चल रहा है, तो दूसरी तरफ त्योहारों के चलते लोगों की जेबें खूब ढीली हो रही हैं। </p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img decoding="async" width="1024" height="536" src="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2024/10/mahaNGI-1024x536.png" alt="" class="wp-image-20226" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2024/10/mahaNGI-1024x536.png 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2024/10/mahaNGI-300x157.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2024/10/mahaNGI-768x402.png 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2024/10/mahaNGI.png 1183w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">सरकार द्वारा खाद्य पदार्थों के दामों और एमआरपी पर कोई ठोस नियंत्रण न होने के कारण एक तरफ देश में गरीबों की हालत दयनीय होती जा रही है तो वहीं अमीरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारत में हाल के वर्षों में खाद्यान्नों के दाम बहुत ज्यादा बढ़ चुके हैं। ऊपर से, देश में रोजगार की स्थिति बेहद खराब है और लोगों की कमाई भी नहीं बढ़ रही है। इसलिए आम आदमी को पूरा आर्थिक परिदृश्य ही नकारात्मक नजर आ रहा है। हिमाचल प्रदेश के बाजारों में महंगाई बेलगाम होती जा रही है। ऐसे लगता है जैसे फल एवं सब्जियों के विक्रेताओं में नियम-कायदे और कानून का कोई खौफ नहीं है और वे मनमाने दामों पर सब्जियां और फल बेचकर मोटा मुनाफा कमाने में जुटे हुए हैं। ऊपर से तुर्रा यह है कि प्रशासनिक कार्रवाई, जुर्माने तथा दंड अथवा लाइसेंस कैंसिल होने का कोई डर न<strong> </strong>रहने के चलते शायद ही कोई सब्जी, फल विक्रेता अपनी दुकान में इनके दामों को प्रदर्शित करने वाला बोर्ड लगाने की जहमत उठाता होगा। त्योहारी सीजन के बीच में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में बढकऱ 5.49 प्रतिशत हो गई, जो पिछले महीने 3.65 प्रतिशत थी। वहीं सितंबर में थोक महंगाई बढकऱ 1.84 फीसदी पर पहुंच गई है। महंगाई बढऩे के पीछे खाद्य एवं सब्जियों की कीमतों में वृद्धि मुख्य वजह रही। रिटेल बाजार में खाद्य पदार्थों और सब्जियों के दाम चाहे कितने भी क्यों न बढ़ जाएं, लेकिन किसान वर्ग को इसका फायदा कभी भी नहीं मिलता है। इसके विपरीत जमाखोरों, स्टोरियों द्वारा जमकर खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी की जाती है और बाजार में वस्तुओं का कृत्रिम अभाव पैदा कर महंगाई को बढ़ाकर चोखा मुनाफा कमाया जाता है। लिहाजा आप समझ सकते हैं कि बढ़ती महंगाई की सबसे ज्यादा मार गरीब एवं मध्यम वर्ग को झेलनी पड़ती है। आज संपन्न नागरिकों को भी चाहिए कि वे वस्तुओं के संग्रह की प्रवृत्ति से बचें और महंगाई को दूर करने में सरकार का सहयोग करें। पहले से ही कम वस्तुओं को बेकार और बर्बाद न करें, विशेषकर शादियों, घरेलू कार्यक्रमों और धार्मिक उत्सवों में अन्न और सब्जियों की बर्बादी न करें। अधिकारियों से उम्मीद है कि वे खाद्य वस्तुओं, विशेषकर फल, सब्जियों की उपलब्धता पर नजर रखने के साथ-साथ उनके दामों को नियंत्रण में रखते हुए सब्जी विक्रेताओं को प्रतिदिन के भावों को लिखकर बोर्ड पर प्रदर्शित करने के लिए कहेंगे, ताकि गरीब एवं सामान्य जनता को उनके हाथों से लुटने से बचाया जा सके। इस बात से भी सभी भली-भांति परिचित ही हैं कि आम आदमी तक खाद्य सामग्री पहुंचने से पहले दलालों, बिचौलियों और आढ़तियों की जेबें गर्म हो चुकी होती हैं जबकि किसानों को कभी भी उनके उत्पादों के सही दाम नहीं मिलते हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रशासन को यह पता ही नहीं है कि बाजारों में सब्जियों के दामों और अन्य खाद्य वस्तुओं का क्या हाल है। आज अधिकारी वर्ग अपनी कुर्सियों तक सीमित होकर रह गए हैं। आज से 30-35 वर्ष पूर्व जब कभी भी महंगाई का जिन्न अपना सिर उठाता था तो विपक्षी दलों द्वारा जरूर धरना-प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन की खबरें देखने-सुनने को मिलती थीं। लेकिन अब जैसे राजनीतिक दलों को आम जनता को होने वाली परेशानियों से कोई लेना-देना ही नहीं है। मूल्य सूची तो शायद ही कोई दुकानदार लगाता होगा, बिल देना तो दूर की कौड़ी समझिए। बाजारवाद की लूट में अधिकांश व्यापारियों की मौज लगी हुई है और वस्तुओं के मूल्यों पर सरकारी नियंत्रण कहीं नहीं दिखाई पड़ रहा है। आम ग्राहक सरेआम लुट रहा है। क्या आयकर विभाग ऐसे विक्रेताओं की कमाई तथा टैक्स देयता की भी जांच पड़ताल करेगा? प्रश्न यह भी उठता है कि जब देश में जीवनोपयोगी वस्तुओं की बहुलता है तो फिर मूल्यवृद्धि क्यों और किसान गरीब क्यों? यह सही है कि जनसंख्या में वृद्धि हो रही है, लेकिन वैश्विक सहयोग और कई अन्य उपायों से वस्तुओं की उपलब्धता में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी हो रही है, तो भी चीजें इतनी महंगी क्यों बिक रही हैं और महंगाई का बोलबाला क्यों है? अच्छे मानसून और बेहतर पैदावार के बावजूद खाद्य वस्तुओं का कृत्रिम अभाव कौन पैदा कर रहा है, क्यों सरकारें इन पर लगाम नहीं लगा पा रही हैं? लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को भी तो अंतत: जनता- जनार्दन की कृपा से ही सरकारें बनाने का सुफल मिलता है, तो फिर क्यों वे आम जनता के हितों को नजर अंदाज करते हैं? सरकार को चाहिए कि वह आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और कालाबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु आपूर्ति रख-रखाव अधिनियम 1980 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करे। अंतत: सवाल उठता है कि क्या सरकार और अफसरशाही के पास इस लूटपाट को अंजाम देने वाले जमाखोरों, मुनाफाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के खि<strong>लाफ किसी प्रकार की कोई कार्रवाई करने का जीवट है?</strong></p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9b-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%ae/">बाकी जो कुछ बचा सो महंगाई मार गई&#8230;</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
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		<title>रूम फ्रेशनर घर पर भी आसानी से किए जा सकते हैं तैयार &#124; 5 SIMPLE TRICKS</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Special Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 19 Dec 2022 09:38:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[ब्लॉग]]></category>
		<category><![CDATA[स्पेशल स्रोरी]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
		<category><![CDATA[5 SIMPLE TRICKS]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>आजकल घर महकाने के लिए रूम फ्रेशनर का चलन बढ़ गया है। ऐसे में बाजार में कई तरह के रूम फ्रेशनर्स मौजूद हैं, लेकिन ज्यादातर हानिकारक केमिकल्स युक्त होते हैं।&#8230; </p>
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<p class="wp-block-paragraph">आजकल घर महकाने के लिए रूम फ्रेशनर का चलन बढ़ गया है। ऐसे में बाजार में कई तरह के रूम फ्रेशनर्स मौजूद हैं, लेकिन ज्यादातर हानिकारक केमिकल्स युक्त होते हैं। इन केमिकल्स के संपर्क में आने से एलर्जी या अस्थमा होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इन परेशानियों से बचने के लिए आप घर पर भी बड़ी आसानी से रूम फ्रेशनर्स तैयार कर सकते हैं। आइए आज पांच तरह के रूम फ्रेशनर बनाने के तरीके जानते हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img decoding="async" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2022/12/image-12.png" alt="" class="wp-image-17498" width="691" height="472" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-12.png 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-12-300x205.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-12-768x525.png 768w" sizes="(max-width: 691px) 100vw, 691px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>साइट्रस मिंट रूम फ्रेशनर</strong><br>ताजगी भरी सुगंध से भरपूर यह रूम फ्रेशनर घर के वातावरण को शांतिपूर्ण बनाने के साथ अच्छी महकाने में मददगार हो सकता है। इसे बनाने के लिए पानी, वनिला एक्सट्रेक्ट, वाइल्ड ऑरेंज एसेंशियल ऑयल और पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल को एक साथ मिला लेें। उसके बाद इस मिश्रण को एक स्प्रे बोतल में भरें और अच्छी तरह से मिलाने के बाद पूरे घर में छिड़क दें। कुछ ही देर में पूरा घर महक जाएगा।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2022/12/image-13.png" alt="" class="wp-image-17499" width="631" height="355" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-13.png 460w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-13-300x169.png 300w" sizes="auto, (max-width: 631px) 100vw, 631px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>सिरका रूम फ्रेशनर</strong><br>हल्के कीटाणुनाशक गुणों से भरपूर सिरका घर से दुर्गन्ध दूर करने के साथ हवा को ताजा और स्वच्छ बनाने में बेहद प्रभावी हो सकता है। यह हवा से हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में भी मदद कर सकता है। सिरके का रूम फ्रेशनर बनाने के लिए सफेद सिरके और पानी की बराबर मात्रा खाली बोतल भरें और इसे अच्छे से हिलाने के बाद मिश्रण का छिड़काव अपने पूरे घर में करें।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="720" height="405" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2022/12/image-15.png" alt="" class="wp-image-17501" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-15.png 720w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-15-300x169.png 300w" sizes="auto, (max-width: 720px) 100vw, 720px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>बेकिंग सोडा और दालचीनी का रूम फ्रेशनर</strong><br>यह रूम फ्रेशनर पर्यावरण के अनुकूल, स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित और किफायती भी है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक स्प्रे बोतल में पानी, बेकिंग सोडा और दालचीनी पाउडर डालें और अच्छी तरह मिलाएं। अब इस मिश्रण को पूरे घर में छिड़क दें। कुद ही देर में आपका घर महक उठेगा। हालांकि, अगर आपको दालचीनी पसंद नहीं है तो इसकी जगह संतरे के पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="460" height="259" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2022/12/image-16.png" alt="" class="wp-image-17502" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-16.png 460w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-16-300x169.png 300w" sizes="auto, (max-width: 460px) 100vw, 460px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><br><strong>कैमोमाइल और लैवेंडर एसेंशियल ऑयल से बना रूम फ्रेशनर</strong><br>अगर आपको फूलों की सुगंध पसंद है तो लैवेंडर और कैमोमाइल एसेंशियल ऑयल से बना रूम फ्रेशनर काफी पसंद आएगा। यह रूम फ्रेशनर एक तरह से अरोमाथेरेपी का भी काम करेगा। इसे बनाने के लिए एक स्प्रे बोतल में वनिला एक्सट्रेक्ट, लैवेंडर एसेंशियल ऑयल, पानी समेत कैमोमाइल एसेंशियल ऑयल को एक साथ मिलाएं और जरूरत पडऩे पर इसका इस्तेमाल करें।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2022/12/image-14.png" alt="" class="wp-image-17500" width="500" height="342" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-14.png 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-14-300x205.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-14-768x525.png 768w" sizes="auto, (max-width: 500px) 100vw, 500px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>कॉफी रूम फ्रेशनर</strong><br>इस रूम फ्रेशनर के इस्तेमाल से आपके घर से तेज दुर्गन्ध भी आसानी से दूर हो सकती है। इसे बनाने के लिए कॉफी पाउडर और पानी को मिलाकर एक कांच की बोतल में भर लें। अगर आपके पास कांच की बोतल नहीं है तो कॉफी बीन्स को गीले सूती कपड़े में लपेटकर घर में कहीं टांग दें। इससे भी आपके घर में बेहतरीन कॉफी की खूशबू फैल जाएगी।</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2022/12/image-18-1024x1024.png" alt="" class="wp-image-17505" width="415" height="415" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-18-1024x1024.png 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-18-300x300.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-18-150x150.png 150w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-18-768x768.png 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-18-1536x1536.png 1536w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/12/image-18.png 2000w" sizes="auto, (max-width: 415px) 100vw, 415px" /></figure>
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		<title>पहली बार लगा,बिन सूरज हुआ सवेरा&#8230;.&#124; LATE MULAYAM SINGH YADAV</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Special Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Oct 2022 10:58:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर]]></category>
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		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>लखनऊ। समाजवादी पार्टी  के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पिता की कमी खूब खल रही है। मुलायम सिंह यादव के निधन के अगले रोज आज&#8230; </p>
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<p class="wp-block-paragraph">लखनऊ। समाजवादी पार्टी  के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पिता की कमी खूब खल रही है। मुलायम सिंह यादव के निधन के अगले रोज आज बुधवार 12 अक्टूबर को वह बेहद भावुक हो गए। उन्होंने इस बात का संकेत अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिया और बताया कि उन्हें पिता की गैर-मौजूदगी में पहली बार कैसा लगा। ट्वीट में पिता के अंतिम संस्कार से जुड़ी दो तस्वीरें शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, आज पहली बार लगा.बिन सूरज के सवेरा उगा। सपा संस्थापक मुलायम का 11 अक्टूबर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="576" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2022/10/image-105-1024x576.png" alt="" class="wp-image-17413" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-105-1024x576.png 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-105-300x169.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-105-768x432.png 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-105.png 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"> यूपी के सैफई में पैतृक आवास पर नेताजी के अंतिम दर्शन के लिए उमड़े जन सैलाब के बीच बड़े बेटे अखिलेश ने नम आंखों से पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी थी। यह काम करने से पहले अखिलेश ने सिर पर सपा की लाल टोपी लगाई थी। अंतिम संस्कार के दौरान वहां मौजूद लोगों ने नेताजी-अमर रहें और श्मुलायम सिंह यादव-अमर रहें, अमर रहें के नारे लगाए। समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव का सोमवार 10 अक्टूबर को मेदांता अस्पताल में निधन हुआ। वह 82 साल के थे। उनके पार्थिव शरीर को सोमवार शाम सैफई लाकर उनकी श्कोठीश् में रखा गया, जहां हजारों लोग नेताजी को अंतिम विदा देने पहुंचे। मुलायम सिंह अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच नेताजी के नाम से मशहूर थे।</p>
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		<title>राम सेतु का ट्रेलर रिलीज, हजारों साल पुराना इतिहास ढूंढते दिखे अक्षय कुमार &#124; BOLLYWOOD UPDATE</title>
		<link>https://thesundayviews.com/ram-setu-trailer-released-akshay-kumar-was-seen-searching-thousands-of-years-old-history/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[Special Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Oct 2022 10:40:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बॉलीवुड]]></category>
		<category><![CDATA[ब्लॉग]]></category>
		<category><![CDATA[स्पेशल स्रोरी]]></category>
		<category><![CDATA[Akshay kumar]]></category>
		<category><![CDATA[Big news]]></category>
		<category><![CDATA[Bollywood Superstar]]></category>
		<category><![CDATA[Ram Setu trailer]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>अक्षय कुमार की चर्चित फिल्म राम सेतु के ट्रेलर का दर्शकों को इंतजार था। मंगलवार को फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो गया है। राम सेतु का भारत में पौराणिक महत्व&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/ram-setu-trailer-released-akshay-kumar-was-seen-searching-thousands-of-years-old-history/">राम सेतु का ट्रेलर रिलीज, हजारों साल पुराना इतिहास ढूंढते दिखे अक्षय कुमार | BOLLYWOOD UPDATE</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
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<p class="wp-block-paragraph">अक्षय कुमार की चर्चित फिल्म राम सेतु के ट्रेलर का दर्शकों को इंतजार था। मंगलवार को फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो गया है। राम सेतु का भारत में पौराणिक महत्व है। फिल्म का प्लॉट राम सेतु पर एक काल्पनिक कहानी है। फिल्म में अक्षय एक पुरातत्वविद की भूमिका में नजर आ रहे हैं जो राम सेतु की सच्चाई सामने लाने की कोशिश कर रहा है। फिल्म में अक्षय के साथ जैकलीन फर्नांडिस भी मुख्य भूमिका में हैं। मंगलवार को फिल्म का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। फिल्म की कहानी राम सेतु की पौराणिकता और उसपर होने वाली राजनीति के इर्द-गिर्द है। अक्षय एक आर्कियोलॉजिस्ट की भूमिका में हैं जो 7,000 साल पुराने इतिहास को ढूंढने में लगे हैं। ट्रेलर में अक्षय के साथ नुसरत भरूचा और जैकलिन भी नजर आ रही हैं। फिल्म बेहतरीन लोकेशन्स पर फिल्माई गई है। साथ ही फिल्म में वीएफएक्स की भी भरपूर इस्तेमाल है। फिल्म 25 अक्टूबर को रिलीज होगी।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2022/10/image-95.png" alt="" class="wp-image-17387" width="627" height="358" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-95.png 700w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-95-300x171.png 300w" sizes="auto, (max-width: 627px) 100vw, 627px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">राम सेतु का निर्देशन अभिषेक शर्मा ने किया है। वहीं इसका लेखन चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने अभिषेक के साथ मिलकर किया है। फिल्म का निर्माण लाइका प्रोडक्शन और केप ऑफ गुड फिल्म्स ने मिलकर किया है। अमेजन प्राइम वीडियो भी फिल्म की सह-निर्माता है। अब ट्रेलर पर दर्शकों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। रामायण पर बनी फिल्म आदिपुरुष इन दिनों विवादों में है। इस माहौल में यह फिल्म भी विवादों में घिर सकती है।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="549" height="309" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2022/10/image-96.png" alt="" class="wp-image-17388" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-96.png 549w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-96-300x169.png 300w" sizes="auto, (max-width: 549px) 100vw, 549px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">फिल्म का पोस्टर रिलीज होने के बाद भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अक्षय और फिल्म निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजा था। उन्होंने दावा किया था कि फिल्म में राम सेतु के मसले को गलत ढंग से पेश किया गया है। उन्होंने अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा था, मुंबई सिनेमा वाले लोगों को झूठ बोलने और चीजों के गलत इस्तेमाल करने की बुरी आदत है। उन्होंने निर्माताओं पर तथ्यों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। राम सेतु दिवाली के मौके पर 25 अक्टूबर को रिलीज हो रही है। इन दिन अजय देवगन और सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म थैंक गॉड इस फिल्म से पर्दे पर टकराएगी।</p>



<figure class="wp-block-image size-full is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2022/10/image-97.png" alt="" class="wp-image-17389" width="662" height="372" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-97.png 850w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-97-300x169.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-97-768x432.png 768w" sizes="auto, (max-width: 662px) 100vw, 662px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"> राम सेतु इस साल की अक्षय की पांचवी फिल्म है। इनके अलावा वह कई आने वाली फिल्मों का भी हिस्सा हैं। अक्षय इमरान हाशमी के साथ फिल्म सेल्फी में नजर आएंगे। यह फिल्म अगले साल फरवरी में रिलीज होगी। वह अली अब्बास जफर की बड़े मियां छोटे मियां 2 में टाइगर श्रॉफ के साथ दिखाई देंगे। वह ओह माय गॉड के सीक्वल में भी काम कर रहे हैं। हाल ही में हाउसफुल 5 की स्टारकास्ट की भी घोषणा हुई है।</p>
<p>The post <a href="https://thesundayviews.com/ram-setu-trailer-released-akshay-kumar-was-seen-searching-thousands-of-years-old-history/">राम सेतु का ट्रेलर रिलीज, हजारों साल पुराना इतिहास ढूंढते दिखे अक्षय कुमार | BOLLYWOOD UPDATE</a> appeared first on <a href="https://thesundayviews.com">The Sunday views</a>.</p>
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		<title>बुरी संगति में नहीं पड़ेगा आपका बच्चा, पेरेंट्स जरुर सिखाएं ये 5 आदतें..&#124; 5 Good Habits Tips</title>
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		<pubDate>Tue, 04 Oct 2022 12:46:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>बच्चों की परवरिश करना कोई आसान काम नहीं होता। खासकर व्यस्त लाइफस्टाइल के कारण माता-पिता के लिए बच्चों की परवरिश थोड़ी मुश्किल हो जाती है। सोशल मीडिया के बढ़ने से&#8230; </p>
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<p class="wp-block-paragraph">बच्चों की परवरिश करना कोई आसान काम नहीं होता। खासकर व्यस्त लाइफस्टाइल के कारण माता-पिता के लिए बच्चों की परवरिश थोड़ी मुश्किल हो जाती है। सोशल मीडिया के बढ़ने से बच्चे और भी ज्यादा एक्टिव हो रहे हैं। कुछ बच्चों की ज्यादातर दिलचस्पी सिर्फ वीडियो गेम्स में होती है तो वहीं दूसरी ओर कई बच्चे शर्मिले स्वभाव के होते हैं। लेकिन बच्चों की सगंति उनके व्यवहार पर गहरा प्रभाव डालती हैं। जिसके कारण वह गलत संगत में पड़ जाते हैं। ऐसे में माता-पिता की बच्चों की प्रति जिम्मेदारी ओर भी ज्यादा बढ़ जाती है। आज आपको ऐसे कुछ तरीके बताते हैं जिनसे आपका बच्चा गलत संगति में नहीं पड़ेगा। आइए जानते हैं इनके बारे में&#8230;</p>



<figure class="wp-block-image size-large is-resized"><img loading="lazy" decoding="async" src="https://sahetmahet.com/wp-content/uploads/2022/10/image-25-1024x538.png" alt="" class="wp-image-17193" width="436" height="229" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-25-1024x538.png 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-25-300x158.png 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-25-768x403.png 768w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2022/10/image-25.png 1200w" sizes="auto, (max-width: 436px) 100vw, 436px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>इमोशन्स को समझें</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बच्चे नाजुक स्वभाव के होते हैं। छोटी-छोटी बात पर अक्सर रोने लगते हैं। यदि बच्चे रोते हैं या दुखी होते हैं तो आप उन्हे मोटिवेट जरुर करें। इससे आपके बच्चे अंदर से कठोर नहीं बनेंगे। साथ ही इससे उनके अंदर आपके प्रति प्ररेणा भाव आएगा।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>न करें भेदभाव</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">माता-पिता लड़का और लड़की में भी कई बार भेदभाव करते हैं। ऐसे में बच्चे स्वंय में थोड़ा बुरा फील करते हैं। खासकर लड़कों को हमेशा से यह सिखाया जाता है कि वह फिजिकली स्ट्रांग होते हैं। इसी भाव के कारण भी बच्चे जिद्दी स्वभाव के हो जाते हैं।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>ज्यादा प्यार से बिगड़ सकते हैं बच्चे</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">कई बार यदि बच्चों को बहुत लाड-लडाया जाए तो वह थोड़े घमंडी स्वभाव के भी हो जाते हैं। ऐसे स्वभाव बच्चों को खराब कर सकता है। इसलिए आप उन्हें समय-समय पर समझाते रहें। साथ में उन्हें यह भी सिखाएं कि लोगों के प्रति अपने दिल में दया भाव रखे चाहे वह अमीर इंसान हो या गरीब।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>बच्चों को सौंपे जिम्मेदारियां</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">बच्चों को आप जिम्मेदारियां भी जरुर सौंपे। कम उम्र में यदि आप बच्चों को जिम्मेदारियां देंगे तो वह दूसरे के काम की वैल्यू कर पाएंगे। इसके अलावा अपने काम के लिए किसी पर भी बच्चे निर्भर नहीं रहेगे। अपने काम भी बच्चे खुद कर पाएंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>हर किसी का सम्मान करना सिखाएं</strong></p>



<p class="wp-block-paragraph">आप बच्चों को हर किसी का सम्मान करना भी जरुर सिखाएं। उम्र में कोई बड़ा या छोटा हो तो इस चीज का महत्व आप बच्चों को जरुर बताएं। इससे उनके अंदर सम्मान की भावना पैदा होगी और बच्चा हर किसी को सम्मान भी देगा।</p>
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		<title>सत्ता की लालच में सरकार गरीबों को मसल रही, किसान और मजदूर वर्ग अत्यंत दयनीय हालात में</title>
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		<pubDate>Mon, 30 Nov 2020 06:59:11 +0000</pubDate>
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<figure class="wp-block-gallery columns-1 is-cropped wp-block-gallery-1 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex"><ul class="blocks-gallery-grid"><li class="blocks-gallery-item"><figure><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="640" src="http://karmakshetratv.com/wp-content/uploads/2020/11/IMG-20201129-WA0032.jpg" alt="" data-id="15811" data-full-url="http://karmakshetratv.com/wp-content/uploads/2020/11/IMG-20201129-WA0032.jpg" data-link="http://karmakshetratv.com/?attachment_id=15811" class="wp-image-15811" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2020/11/IMG-20201129-WA0032.jpg 640w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2020/11/IMG-20201129-WA0032-300x300.jpg 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2020/11/IMG-20201129-WA0032-150x150.jpg 150w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></figure></li></ul></figure>



<p class="wp-block-paragraph">हमारे देश में करीब पचहत्तर प्रतिशत लोग किसान और मजदूर वर्ग से आते हैं। आज जो लोग हमारे देश के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, आज उन्हीं वर्गों के लोगों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। उनमें से ज्यादातर खाने तक को मोहताज होते जा रहे हैं। जो देश के पेट को पालते रहे हैं, आज उनके पेट को पालने वाला कोई नहीं दिख रहा है। किसानों को सड़कों पर आकर अपनी मांग मनवाना तथा पूर्णबंदी से मजदूरों के दैनिक जीवन बेहाल हो चुका है।  </p>



<p class="wp-block-paragraph">आय का कोई भी स्रोत नहीं बचा है। ऐसी हालत में कितने दिन और कैसे जीएंगे ये लोग। देश के अमीर वर्गों के पास तो विरासत की भी संपत्ति है। बहुतों के पास सरकारी नौकरी है। ऐसे सुरक्षित लोग तो आराम से कई साल तक अपना जीवन सहज तरीके से जी लेंगे। लेकिन गरीब क्या करेंगे? जो लोग दिन-रात, सर्दी-गरमी, धूप-छांव मेहनत करते हैं, उनकी दैनिक कमाई कितनी है, यह किसी से छिपा नहीं है। मुश्किल से उनका जीवन चल पाता है। अलग-अलग वर्गों की आय और जीवन-स्तर में बहुत बड़ा फासला है। इतनी दोहरी नीति क्यों लागू की जाती है। जो लोग और वर्ग समूचे देश को खिलाने का जिम्मा लेता है, उनके साथ इतना अन्याय क्यों किया जा रहा है? आज पूरे देश का किसान रो रहा है, क्योंकि न तो उनके फसलों को अच्छी कीमत दी जा रही और न ही उनके लिए कोई दूसरा उपाय ही किया जा रहा है। सत्ता की लालच में सरकार गरीबों को मसल रही है। देश की जनता तो आर्थिक रूप से इतनी कमजोर हो चुकी है कि वह सरकार के खिलाफ बोल भी नहीं सकती। आज देश के मजदूर वर्ग कर्ज में डूब चुके है, कर्ज चुकाने में असमर्थ लोग आत्महत्या जैसे कदम उठा ले रहे हैं। अगर समय रहते सरकार ने कुछ नहीं किया तो आने वाले दिनों में समाज और देश कसौटी पर होगा। </p>



<p class="wp-block-paragraph"> <strong>लेखक: विजय कुमार शर्मा</strong></p>
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		<title>क्या मुगलिया सल्तनत के गुलामों ने देश के अन्य अजूबों को कभी भी विश्व पटल पर नही आने दिया?</title>
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		<pubDate>Sun, 22 Nov 2020 06:07:09 +0000</pubDate>
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<figure class="wp-block-gallery columns-1 is-cropped wp-block-gallery-2 is-layout-flex wp-block-gallery-is-layout-flex"><ul class="blocks-gallery-grid"><li class="blocks-gallery-item"><figure><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="1024" src="http://karmakshetratv.com/wp-content/uploads/2020/11/IMG-20201122-WA0001-1024x1024.jpg" alt="" data-id="14818" data-full-url="http://karmakshetratv.com/wp-content/uploads/2020/11/IMG-20201122-WA0001.jpg" data-link="http://karmakshetratv.com/?attachment_id=14818" class="wp-image-14818" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2020/11/IMG-20201122-WA0001.jpg 1024w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2020/11/IMG-20201122-WA0001-300x300.jpg 300w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2020/11/IMG-20201122-WA0001-150x150.jpg 150w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2020/11/IMG-20201122-WA0001-768x768.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure></li></ul><figcaption class="blocks-gallery-caption"><strong>ताज महल के अलावा भी देश मे तमाम कलाकृतियां ऐसी हैं जिनको इतिहासकारों ने उजागर नही किया</strong></figcaption></figure>



<p class="wp-block-paragraph">देश के इतिहासकारों ने ताजमहल को एक अजूबे की तरह वर्णित करते हुए, उसे विश्व का आठवां आश्चर्य स्थपित करा लिया, परन्तु इन इतिहासकारों ने मुगलिया सल्तनत के भय से कभी भी देश की अन्य  कलाकृतियों को उतनी मजबूती से विश्व पटल पर वर्णित नही किया जिससे उन कलाकृतियों के विषय मे जन मानस जान पाता।  </p>



<p class="wp-block-paragraph"> ताजमहल तो एक झांकी मात्र है, देश के अंदर नाशिक में त्र्यंबकेश्वर महादेव, चितौड़गढ़ जिसे दूसरा स्वीटजरलैंड भी कहा जाता है, कर्नाटक के चित्रदुर्ग, मैसूर का चमराजेश्वर मन्दिर, बेल्लोर कर्नाटक में श्री पुरम स्वर्ण मंदिर, राजस्थान पाली में ओम शिव मंदिर, बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय, कर्नाटक में 48 फीट गहरी 15 फीट ऊंची बदामी गुफा, कर्नाटक 12वीं शताब्दी में अद्भुत नक्कासी का उदाहरण चननेकेश्वरा मंदिर, पापनाशिनी मन्दिर ओडिसा, होयसिला मन्दिर कर्नाटक यह एक बर्ल्ड हेरीटेज है, विधाशंकर मन्दिर कर्नाटक, गलता जी मन्दिर राजस्थान की पहाड़ियों के मध्य, होयश्वेर मन्दिर के अलावा खजुराहो के अद्धभुत मन्दिर, इन सभी का निर्माण हमारे पूर्वजों ने कड़ी मेहनत करके मात्र छोटी छोटी छेनियों, हथौडा, कुदाल, फावड़ा आदि के साधारण से साधनों से किया था।   </p>



<p class="wp-block-paragraph">इन दर्शनीय स्थानों की कलाकृतियों में हमारे पूर्वजों ने जिस कलाकारी का उदाहरण दिया है, वह अदुतीय और अनुकरणीय है, लेकिन अफसोस के साथ लिखना पड़ रहा है, कि आजादी मिलने के बाद भी ताजमहल को लेकर विश्व में चर्चा होती है, लेकिन देश के अंदर तमाम ऐसे आश्चर्यजनक अजूबे हैं जिनका उल्लेख ईमानदारी से किया जाए, तो ताजमहल उनकी कलाकारियो के आगे बौना सा प्रतीत होगा।  </p>



<p class="wp-block-paragraph"> हमारे देश की मौजूदा सरकार को चाहिए कि ताजमहल के साथ-साथ भारत की पहचान सनातन धर्म संस्क्रति के आधार पर देश के विभिन्न प्रान्तों में जो भी प्राचीन कलाकृतियो की ऐतिहासिक अमूल्य धरोहरे है, उनका वर्तमान इतिहासकारों से कहकर उनकी कलाकृतियों से देश की जनता के साथ विश्व को भी अवगत कराने का प्रयास करें तभी हमारे देश की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही भारत फिर से विश्व गुरु की श्रेणी में अपना स्थान स्थापित कर सकता है।  </p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>लेख: देवेंद्र शर्मा देवू</strong></p>
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		<title>कुशल नेत्री, राजनीतिज्ञ और लौह नारी थीं इंदिरा गांधी</title>
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		<pubDate>Sat, 31 Oct 2020 11:27:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>वर्ष 2019 में बैंक राष्ट्रीयकरण के ५० वर्ष पूर्ण हुए और इस विषय पर कई लेख पढनें को मिले। इस ऐतिहासिकनिर्णय के पीछे उस वक़्त की प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा&#8230; </p>
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<figure class="wp-block-image size-large"><img loading="lazy" decoding="async" width="650" height="540" src="http://karmakshetratv.com/wp-content/uploads/2020/10/indira_gandhi.jpg" alt="" class="wp-image-14032" srcset="https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2020/10/indira_gandhi.jpg 650w, https://thesundayviews.com/wp-content/uploads/2020/10/indira_gandhi-300x249.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></figure>



<p class="wp-block-paragraph">वर्ष 2019 में बैंक राष्ट्रीयकरण के ५० वर्ष पूर्ण हुए और इस विषय पर कई लेख पढनें को मिले। इस ऐतिहासिकनिर्णय के पीछे उस वक़्त की प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी थी, जिनकी आज पुण्यतिथि हैं। आज ही के दिन वर्ष 1984 में उनकी हत्या की गयी और तमाम विश्लेषण उपलब्ध हैं उनके मृत्यु को लेकर। उन्हें भारत की लोह नारी की उपाधि दी गयी और ऐसा माना गया की उनके निर्णय कठोर थे और आपातकाल के निर्णय ने इस बात की पुष्टि की। इतिहासकारों ने बताया है कि वे एक अनिच्छुक नेत्री थी, जिन्हें राजनीति में बहुत दिलचस्पी नहीं थी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">वर्ष 1960 के बाद के घटनाक्रम कुछ इस प्रकार थे कि उन्होंने इंदिरा गांधी में न केवल नेतृत्व क्षमता जगाई परंतु उन्हें एक कुशल राजनीतिज्ञ भी बनाया। वर्ष 1966 में शास्त्री जी के मृत्यु के पश्चात जब इंदिरा जी को प्रधानमंत्री बनाया गया तो कांग्रेस का एक धड़ा उन्हें केवल एक रूपक के रूप में बनाए रखना चाहता था और वह इस बात पर आश्वस्त थे कि श्रीमती गांधी उनके इस मनोदशा को नहीं समझ पाएंगी और एक रबर स्टैंप के रूप में कार्य करेंगी। इसके पूर्व यह देखा गया कि श्रीमती गांधी अस्थिर नेता थी और किसी भी प्रकार के वंशवाद के चलते उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनाया गया। पंडित नेहरू ने कभी भी यह मंशा नहीं जताई कि उनके पश्चात उनकी पुत्री को उनका राजनैतिक स्थान दिया जाए अथवा उत्तराधिकारी माना जाए। परंतु जब श्रीमती गांधी सिंडिकेट से घिर गई। उन्हें लगा कि उन्हें कुछ निर्णायक कदम उठाने होंगे।</p>



<p class="wp-block-paragraph">ऐसे में श्रीमती गांधी के लिए यह बहुत अनिवार्य था कि वह एक ऐसा कदम उठाएं जो उनको सर्वमान्य नेता के रूप में स्थापित करें और साथ ही समाजवाद की प्रणाली को सुदृढ़ करें। ऐसे में वर्ष 1969 में केंद्रीय सरकार ने 14 बैंकों के राष्ट्रीयकरण की घोषणा की। इसके पूर्व वर्ष 1955 में इंपीरियल बैंक को राष्ट्रीयकृत कर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्थापना की गई परंतु अधिकांश बैंक निजी क्षेत्र में थे जो निजी हितों की रक्षा कर रहे थे। कुल मिलाकर बैंकों का राष्ट्रीयकरण बैंकों राजनीतिक एवं आर्थिक रूप से जरूरी कदम था। यदि केवल अर्थव्यवस्था के परिपेक्ष से देखा जाए तो श्रीमती गांधी का यह कदम उद्धरण के रूप में सामने आता है क्योंकि उस समय के निजी बैंक कृषि क्षेत्र को ऋण देने के लिए तैयार नहीं थे और साथ ही वे केवल उन्हीं उद्योगों को ऋण उपलब्ध कराते थे, जिनके बोर्ड में वे स्वयं थे या उनके हित निहत थे। राष्ट्रीय साख काउंसिल का गठन किया गया।</p>



<p class="wp-block-paragraph">जिसने प्राथमिक क्षेत्र निर्धारित किए जिसमें कृषि तथा लघु उद्योग प्रमुख थे जिनके लिए कम से कम 40% ऋण देना अनिवार्य था। इस कदम ने श्रीमती गांधी को राष्ट्रीय स्तर पर एक तटस्थ नेता के रूप में स्थापित किया और यह बात भी स्पष्ट हो गई की चुनौतियों के बावजूद वे कठोर कदम उठाने के लिए तैयार थी। उनके इस निर्णय की कड़ी आलोचना की गई और कई निजी बैंक के अध्यक्षों ने इसे बैंकिंग उद्योग के लिए एक श्राप बताया और माना बैंकिंग व्यवस्था को कमजोर कर देगी। यह अलग बात है कि इस निर्णय के पश्चात 50 वर्ष पश्चात हम पाते हैं कि देश के आर्थिक मंदियों से अछूता रहा क्योंकि उसकी बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ थी और उस पर सरकारी नियंत्रण था।</p>



<p class="wp-block-paragraph">आने वाले वर्षों में श्रीमती गांधी ने कई ऐसे निर्णय लिए जो मील का पत्थर साबित हुए और भारत की लोकतांत्रिक संप्रभुता को बनाए रखने में सहयोगी बना। इंदिरा गांधी की राजनीति इसलिए भी याद की जाती है क्योंकि उन्हें उन्होंने व्यक्तिवाद को बढ़ावा दिया जहां सत्ता का केंद्रीकरण हुआ और बहुलवाद को दरकिनार कर दिया गया। उन्हें कई तदर्थ निर्णय लिए जो उनके शासन के पर्याय बन गए और जिस कारण से कई संस्थानों ने अपनी प्रभुता खो दी। वह बहुत ही शक्तिशाली नेता के रूप में उभरी जिन्होंने विश्व में देश का लोहा मनवाया, परमाणु परीक्षण करवाएं, कई देशों से आर्थिक और राजनैतिक संबंध स्थापित किए और नेहरू जी द्वारा गुटनिरपेक्षता के रास्ते पर वे आगे बढ़ी। श्रीमती इंदिरा गांधी के कार्यकाल में कांग्रेस पार्टी में भी बहुत बदलाव आए।</p>



<p class="wp-block-paragraph">कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष की भूमिका को प्रधानमंत्री के सामने गौण कर दिया और पार्टी में लोकतांत्रिक व्यवस्था को भी समाप्त कर दिया। आने वाले वर्षों में कांग्रेस पार्टी के भीतर चाटुकारिता अपने चरम पर पहुंची और कई असंतुष्ट नेताओं ने अपने क्षेत्रीय राजनीतिक दल स्थापित किए जो वर्तमान में कांग्रेस के अस्तित्व पर लगातार प्रहार कर रहे हैं। इन सभी कमजोरियों के बावजूद भी इंदिरा गांधी एक परिपक्व नेत्री थी। जिन्होंने भारत की साख को कमजोर नहीं होने दिया और 1984 के बाद के निजीकरण की नीव रखी।</p>



<p class="wp-block-paragraph">1979 के चुनाव के पश्चात वह समझ गई थी कि भारत को भी अपनी राजनैतिक और आर्थिक प्रणाली में बदलाव लाना होगा जो विश्व के पूंजीवादी प्रणाली के समानांतर हो और उनकी मृत्यु के पूर्व उन्होंने कई ऐसे कदम उठाएं जो इस दिशा की ओर सरकार की कटिबद्धता को इंगित करते हैं। आज के इस झूठ और फरेब के वातावरण में उनके पुण्यतिथि पर कई बातें उठायी जाएंगी, जिनका इतिहास में कोई वर्णन नहीं है। ऐसे में यह जरूरी है की वर्तमान पीढ़ी उनके राजनीति और निर्णय को सही पृष्ठभूमि में पढ़े और समझे और यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।</p>



<p class="wp-block-paragraph"><strong>लेखक: डॉ तनिमा दत्ता<br>शिक्षाविद (लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी)<br>(ये लेखिका के निजी विचार हैं)</strong></p>
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