Raksha Bandhan news: रक्षाबंधन पर पिछले नौ वर्षों में 2 करोड़ से अधिक महिलाओं ने मुफ्त में सफर किया। कुल 2.01 करोड़ निशुल्क टिकट जारी किए गए। इस पर कुल 188.41 करोड़ रुपये खर्च हुए। परिवहन विभाग ने रविवार को इसके आंकड़े जारी किए।

आंकड़ों के मुताबिक 2017 में 11.16 लाख महिलाओं ने निशुल्क बस यात्रा का लाभ लिया था। इसके बाद यह संख्या लगातार बढ़ती गई। 2018 में 11.69 लाख, 2019 में 12.04 लाख और 2020 में 7.36 लाख महिलाओं ने यात्रा की। 2021 में 9.63 लाख, 2022 में 22.32 लाख, 2023 में 29.29 लाख और 2024 में 19.78 लाख महिलाओं को सुविधा मिली।
2025 में सरकार ने महिला के साथ एक सहयात्री को भी निशुल्क यात्रा की सुविधा दी। 8 अगस्त 2025 की सुबह छह बजे से 10 अगस्त 2025 की मध्यरात्रि तक 66 घंटे में करीब 63.14 लाख महिलाओं और 15.11 लाख से अधिक सहयात्रियों ने निशुल्क यात्रा की। इस दौरान कुल 78.26 लाख टिकट जारी हुए। इनका किराया करीब 86.98 करोड़ रुपये रहा।
अधिकारियों ने बताया कि रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं भाइयों को राखी बांधने के लिए दूसरे शहरों और गांवों की यात्रा करती हैं। ऐसे में निशुल्क बस सेवा से उन्हें आर्थिक राहत मिलती है। खासकर सामान्य और कम आय वाले परिवारों के लिए यह सुविधा त्योहार के दौरान यात्रा का खर्च कम करने में मदद करती है। त्योहार के समय अतिरिक्त बसों और फेरों की व्यवस्था से यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने का भी प्रयास किया जाता है।