नतीजों से पहले ‘विजय जश्न’: भाजपा के जुलूस और अबीर खेल पर बंगाल में मचा सियासी घमासान


ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे घोषित होने में अभी कुछ घंटे बाकी हैं, लेकिन उससे पहले ही राज्य के कई हिस्सों में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विजय जुलूस निकालना शुरू कर दिया है। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है, जहां एक ओर भाजपा खेमे में उत्साह दिख रहा है, वहीं सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने इसे लेकर तीखा तंज कसा है।रविवार शाम से ही पुरुलिया समेत कई इलाकों में भाजपा समर्थकों को गेरुआ अबीर खेलते और जश्न मनाते देखा गया।

पुरुलिया शहर में भाजपा प्रत्याशी और निवर्तमान विधायक सुदीप मुखोपाध्याय सिर पर कमल का प्रतीक लेकर ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते नजर आए। यह दृश्य तेजी से इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया और चुनाव परिणाम से पहले ऐसे जश्न को लेकर सवाल भी उठने लगे।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुदीप मुखोपाध्याय ने कहा कि जिले में शांतिपूर्ण मतदान हुआ है और बड़ी संख्या में लोगों ने वोट डाला है, जिसके लिए वे जनता का धन्यवाद कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी जीत तय है, इसलिए कार्यकर्ताओं का उत्साह स्वाभाविक है। सिर्फ पुरुलिया ही नहीं, पश्चिम मेदिनीपुर के घाटाल में भी भाजपा प्रत्याशी शीतल कपाट को समर्थकों के साथ जश्न मनाते देखा गया। यहां भी गेरुआ अबीर खेला गया और विजय उत्सव जैसा माहौल बना।

परिणाम आने से पहले ही जीत का दावा करना जल्दबाजी : टीएमसी

दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम पर तंज कसते हुए कहा कि परिणाम आने से पहले ही जीत का दावा करना जल्दबाजी है। घाटाल की तृणमूल प्रत्याशी श्यामली सरदार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हार का अंदेशा होने के कारण विपक्षी उम्मीदवारों का संतुलन बिगड़ गया है, इसलिए वे इस तरह के कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी काम में विश्वास रखती है और असली जवाब जनता परिणाम के दिन देगी।

चुनाव आयोग ने भी मुद्दे को गंभीरता से लिया

इधर, चुनाव आयोग ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल ने बताया कि मतगणना के दिन विजय जुलूस की अनुमति होगी या नहीं, इस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और पुलिस प्रशासन के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की जाएगी। आयोग को पहले ही विभिन्न जिलों से संभावित अशांति को लेकर अलर्ट किया गया है।अब सबकी नजरें सोमवार सुबह आठ बजे से शुरू होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि राज्य में सत्ता में बदलाव होगा या तृणमूल कांग्रेस अपनी पकड़ बनाए रखेगी।


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