
संजय श्रीवास्तव
Minister swatentrdev singh news : उत्तर प्रदेश की राजनीति में हर दिन सियासत की नई पटकथा लिखी जा रही है। कभी मुख्यमंत्री को हटाने की चर्चा चरम पर पहुंच रही है तो कभी-कभार फलनवां मंत्री की कुर्सी बस जाने ही वाली है…। सत्ता के गलियारों में घुसो, तो नये-नवेले विधायकों की जुबानी जंग तो ऐसा चल रहा है मानों फिर से करगिल का युद्ध होने वाला हो…। ठाकुर-ब्राम्हण विधायकों में वर्चस्व और क्षोभ की जंग तो इस कदर बढ़ी थी मानों अब बस सरकार गिर ही जायेगी लेकिन सबके ऊपर बैठे महाराज जी ने सारे दांव फेल दिये। अभी राजनीति में गरमाहट के बाद शीतलहरी सी धुंध दिख ही रही थी कि महोबा में गये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव और भाजपा के ही विधायक ब्रजभूषण राजपूत के बीच विकास कार्यों में बरती जा रही लापरवाही को लेकर भयंकर तू-तू, मैं-मैं हुयी। विधायक पक्ष के लोगों ने दावा किया कि मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को बंधक बना लिया गया था। विधायक ने भी समर्थकों के इस बात हो हवा दिया। ‘द संडे व्यूज़’ चरखारी विधायक से सिर्फ 1 सवाल करता है…। 1- जिस मंत्री का नाम ही स्वतंत्र देव सिंह है, उसे बंधक बना सकते हैं ? 2-जब मंत्री ने हंगामे के बीच कहा कि सारे कार्यक्रम रदद करता हूं,चलिये दिखाइये कि कहां पर कौन-कौन सा विकास कार्य नहीं हुआ ? विधायक जी,यदि आप सही होते तो उसी समय मौके जाकर आप दिखाते तो बातों में दम होता,लेकिन आप नहीं गये, ये बात हजम नहीं हो रही है…।

आप भाजपा के विधायक होकर, भाजपा के ही मंत्री का घेराव कर क्या दिखाना चाहते थे? कहीं इसके पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ईमानदार छवि को खराब करने की मंशा तो नहीं थी? बात जो भी, महोबा के घटनाक्रम ने यूपी की सियासत को पूरी तरह से गरमा कर विपक्ष को बैठे-बिठाये हाथ तापने का गरम मुद्दा थमा दिया है। बता दें कि शुक्रवार को महोबा जिले में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के कार्यक्रम के दौरान उस समय भारी बवाल हो गया, जब बीजेपी विधायक ब्रजभूषण राजपूत और उनके समर्थ गांवों में पानी की किल्लत और बदहाल सड़कों से नाराज होकर बीच रास्ते में ही घेराव कर दिया। भाजपा विधायक ने करीब 100 ग्राम प्रधानों के साथ जल शक्ति मंत्री का रास्ता रोक लिया। विधायक अपनी विधानसभा में घरों तक पानी न पहुंचने, सड़कों की बदहाली और जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों के मुद्दे को लेकर मंत्री से मिलने जा रहे थे।
विधायक का आरोप है कि गांवों में पानी नहीं पहुंच रहा है और सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। इसी विरोध- प्रदर्शन के दौरान विधायक के समर्थकों और मंत्री के सुरक्षाकर्मियों व पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गयी। मौके पर काफ ी बवाल हुआ। मामला बढऩे के बाद मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक को साथ लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे। ग्राम प्रधानों और विधायक की शिकायतों को सुनने के लिये डीएम कार्यालय में घंटों बैठक चली। विधायक का कहना था कि वह जन समस्याओं को लेकर मंत्री के पास जा रहे थे, जहां समर्थकों और सुरक्षा घेरे के बीच झड़प से विवाद और अधिक बढ़ गया।