यूपी में बेटियों को छेडऩे वालों का होगा बुरा अंजाम : योगी आदित्यनाथ


Lucknow news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भारतीय उद्योग एवं वाणिज्य महासंघ की महिला इकाई के अंतरराज्यीय सम्मेलन में महिला उद्यमियों को संबोधित किया। तीन दिवसीय इस आयोजन में देश भर की 21 महिला चैप्टरों की पांच सौ से अधिक महिला उद्यमियों से रूबरू मुख्यमंत्री ने यूपी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर बात की साथ ही विकास और निवेश पर भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि बहन-बेटियों से छेड़खानी करने वालों को मौके पर ही सबक सिखाएं। महिलाओं की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं करें। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था देश के लिए माडल बन रही है, इसी कारण यहां रात को भी महिलाएं सड़कों और बाजारों में बिना किसी डर के घूम रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का ही नतीजा है कि उत्तर प्रदेश में 45 लाख करोड़ से अधिक निवेश के प्रस्ताव आए जिनमें से 15 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर उतारे जा चुके हैं। जल्द ही पांच लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव और धरातल पर होंगे। ऐसा इसलिए संभव हो पा रहा है, क्योंकि यूपी में कानून व्यवस्था आज प्राथमिकता पर है।

उन्होंने कहा कि यह वही प्रदेश है जहां कुछ वर्ष पहले तक शाम को महिलाएं तो दूर आम आदमी बाहर निकलने से डरता था। निवेश तो आता ही नहीं था और जो पहले से थे वह सब जंगलराज से बचने के लिए बोरिया बिस्तर समेट रहे थे। मगर साढ़े वर्ष के दौरान जब से भाजपा की सरकार बनी बदलाव देखने को मिल रहा है। आज बिना किसी डर के महिलाएं देर रात तक ऑफिस से घर जाती हैं।

महिलाओं की सुरक्षा पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आज 44 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी हैं। महिला सुरक्षा पहले की सरकारों के एजेंडे में ही नहीं थी इसी वजह से तब से आज यह संख्या चार गुणा ज्यादा है।महिलाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार की उद्मम और रोजागर के लिए ऋण योजनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिना गांरटी और ब्याज के सरकार तमाम योजनाओं में लोन दे रही है।

बैंक सखी, आंगनबाणी, सीएम युवा अभियान सहित दर्जनों योजनाएं आज गांव की महिलाओं को स्वावलंबी बना रही हैं। सीएम ने कहा फिक्की फ्लो के पास काम करने के अपार अवसर हैं। हाल के दिनों में बांग्लादेश के जिस तरह के हालात हैं वहां पर रेडीमेंट गारमेंट उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में महिलाओं को जोड़कर दुनिया के बाजारों तक अपनी पकड़ बनाएं।


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