जीएसटी चोरी में लिप्त पाए गए GST के 6 अधिकारी, अलीगढ़ मंडलायुक्त को सौंपी गई जांच


ब्यूरो, लखनऊ। गौतमबुद्धनगर में तैनात आइएएस अपर आयुक्त राज्य कर संदीप भागिया पर शोषण व उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले छह अधिकारी पान मसाला कारोबारियों से मिलीभगत कर 1.50 करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी कराने में लिप्त पाए गए हैं।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने गुरुवार को सभी के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही करते हुए आरोपों की जांच अलीगढ़ के मंडलायुक्त को सौंपी है। मंडलायुक्त को एक माह में जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

विभागीय जांच के आदेश होने से एक दिन पहले बुधवार को ही सभी संबंधित अधिकारियों(अपर आयुक्त ग्रेड-2, संयुक्त आयुक्त से लेकर सहायक आयुक्त) को गौतमबुद्धनगर की एसआइबी(विशेष अनुसंधान शाखा) व सचल दल से हटाकर महत्वहीन पदों पर स्थानांतरित किया जा चुका है।राज्य कर के प्रमुख सचिव एम देवराज को जीएसटी चोरी संबंधी मिली शिकायत की जांच में प्रथमदृष्टया सभी छह अधिकारियों के दोषी पाए जाने पर गुरुवार को विभागीय विशेष सचिव श्याम प्रकाश नारायण की ओर से प्रकरण में सभी के खिलाफ जांच कराने के आदेश जारी किए गए।

संबंधित आदेश में स्पष्ट तौर पर आरोप लगाया गया है कि गौतमबुद्धनगर जिले में 23 जुलाई को पान मसाला लदी चार गाड़ियों के पकड़े जाने के बाद उनका वजन नहीं कराया गया। भौतिक सत्यापन में अनियमितता की गई और अर्थदंड भी मामूली ही लगाया गया। इस तरह से पान मसाला कारोबारियों से मिलीभगत कर डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी का खेल किया गया।

जिन अधिकारियों को दोषी पाया गया है उनमें गौतमबुद्धनगर के तत्कालीन अपर आयुक्त ग्रेड-दो अब मुरादाबाद में तैनात अपर आयुक्त विवेक आर्या, तत्कालीन संयुक्त आयुक्त गौतमबुद्धनगर अब संयुक्त आयुक्त उच्च न्यायालय कार्य प्रयागराज आलोक कुमार, तत्कालीन सहायक आयुक्त सचल दल यूनिट-एक नोएडा अब सहायक आयुक्त उच्च न्यायालय कार्य लखनऊ में तैनात प्रियंका, तत्कालीन सहायक आयुक्त सचल दल यूनिट-दो नोएडा अब सहायक आयुक्त टैक्स आडिट अयोध्या रोहित रावत, तत्कालीन सहायक आयुक्त सचल दल यूनिट-तीन नोएडा अब सहायक आयुक्त उच्च न्यायालय कार्य प्रयागराज वंदना सिंह तथा तत्कालीन सहायक आयुक्त सचल दल यूनिट-पांच नोएडा अब सहायक आयुक्त महोबा शिखा सिंह हैं।

अपर आयुक्त ग्रेड-दो विवेक आर्या तथा संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार पर पर्यवेक्षणीय विफलता के दोषी पाए गए हैं। प्रियंका पर वाहन संख्या-एचआर 69 सी 6772, रोहित रावत पर वाहन संख्या एनएल 01 एन 7604, वंदना सिंह पर वाहन संख्या एचआर 55 एके 1400 तथा शिखा सिंह पर वाहन संख्या एनएल 01 एन 6236 को पान मसाला सहित पकड़ने के बाद बिना उचित अर्थदंड के छोड़े जाने और चालक का बयान तक दर्ज न कराने के आरोप लगाए गए हैं।


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