ब्यूरो, लखनऊ। होली मिलन के जरिए कार्यकर्ताओं की उम्मीदों में रंग भरने वाली भाजपा उन्हें मार्च में दोबारा अबीर-गुलाल उड़ाने का अवसर देने जा रही है। चुनावी रंग छाने के बीच प्रदेश इकाई ने नगरीय निकाय में खाली पड़े 2805 पदों पर कार्यकर्ताओं के समायोजन के लिए नामों की सूची राज्य सरकार को भेज दी है।

होली के अगले सप्ताह में घोषणा संभावित है, वहीं विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को रिचार्ज करने के लिए इसी माह के अंदर बोर्ड, आयोग एवं निगम में बड़ी संख्या में समायोजन के जरिए कार्यकर्ताओं को साधने का लक्ष्य है। सबसे ज्यादा चेहरों को समायोजित करने का अवसर सहकारिता विभाग में है। समितियों, एडवाइजरी कमेटियों एवं अकादमियों में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को नियुक्त किया जाना है।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संगठन में बड़े पैमाने पर बदलाव का मन बनाया है। पिछले साल दिसंबर में कार्यभार संभालने के बाद प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों में दौरा कर हवा का मिजाज परखा। पार्टी की मुख्यधारा से अलग चल रहे चेहरों से भी फीडबैक लिया। कार्यकर्ताओं के मन में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के प्रति मलाल है तो उन्हें अपने राजनीतिक भविष्य एवं पहचान की भी चिंता सता रही है। पार्टी मानती है कि यूजीसी समेत अन्य मसलों की वजह से नाराजगी झेलनी पड़ी है, ऐसे में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को पद देकर चुनावी करंट बनाकर रखना होगा।
पंकज चौधरी ने प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ मीटिंग कर 26 फरवरी को 11 जिलाध्यक्षों की घोषणा की, जिसमें जातीय संतुलन साधने की पूरी कसरत नजर आई। प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं के समायोजन की प्रक्रिया को तेज करते हुए नगरीय निकायों में 2805 नामित सभासदों की सूची प्रदेश सरकार को भेज दी, जिसमें सभी 17 नगर निगमों में दस-दस सभासद मनोनीत होने हैं।
दो सौ नगर पालिकाओं में पांच-पांच पद, जबकि 490 पंचायतों में तीन-तीन सभासद नियुक्त किए जाने हैं। इनका कार्यकाल निकायों के बचे दो साल की अवधि के बराबर होगा। राज्य में करीब 12 प्रमुख आयोग और बोर्ड ऐसे हैं जहां अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य और अन्य पदाधिकारियों के पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं।