यूपी में नए चेहरों के साथ क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधेगी भाजपा


ब्यूरो, लखनऊ। संगठन की धार से सत्ता का द्वार खोलने वाली भाजपा एक साथ दो मोर्चों पर होमवर्क में उलझी है। पीडीए और जीरामजी जैसे फैक्टरों पर विरोधियों का चक्रव्यूह भेदना है, वहीं सत्ता से संगठन तक जातीय समीकरण छेड़े बिना नए चेहरों के साथ क्षेत्रीय संतुलन साधने की चुनौती है।

मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों गोरखपुर क्षेत्र से होने से पार्टी का ध्यान चुनावी प्रयोगशाला के रूप में उभरे पश्चिम उत्तर प्रदेश पर है। संगठन में आधे से अधिक चेहरों को बदलने की तैयारी है। पड़ोसी क्षेत्र ब्रज से योगी सरकार में छह कैबिनेट मंत्री और संगठन में एक महामंत्री है, वहीं पश्चिम क्षेत्र से भाजपा कोटे से महज एक कैबिनेट मंत्री को स्थान मिला है जबकि प्रदेश संगठन में कोई महामंत्री नहीं है।

पार्टी ने प्रदेश को काशी, गोरखपुर, अवध, कानपुर-बुंदेलखंड, ब्रज एवं पश्चिम क्षेत्र के रूप में छह जोन में बांटा है, जिसमें प्रतिनिधित्व को लेकर संतुलन साधना आसान नहीं होगा।अगले वर्ष विधानसभा चुनाव से पहले 2026 में बड़ा राजनीतिक दंगल सजने जा रहा है। 2013 में मुजफ्फरनगर दंगों और कैराना पलायन की हवा के बाद प्रदेश का राजनीतिक चरित्र तेजी से बदला, जिसके बाद भाजपा पश्चिम क्षेत्र को लकी मानते हुए इसे हर चुनाव में भुनाती रही है।इसी वर्ष त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर मैदान में संगठन की नई टीम उतारने का लक्ष्य है। वर्ष 2022 में पश्चिम क्षेत्र के जाट चेहरा भूपेंद्र चौधरी प्रदेश अध्यक्ष बनाकर संगठन और सरकार तक पूरब और पश्चिम का समीकरण साधा गया लेकिन प्रदेश इकाई में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया।

क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले गए, लेकिन बाकी इकाई लगभग वही रखी गई। जिलों में भी यही हाल रहा। पश्चिम क्षेत्र से कांता कर्दम, सुनीता दयाल, सतपाल सैनी, सुरेंद्र नागर, पंकज सिंह एवं मोहित बेनीवाल को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया, जिसमें नागर अब राष्ट्रीय मंत्री और सुनीता दयाल महापौर हैं। ब्रज क्षेत्र से पूर्व विधायक रामप्रताप सिंह वर्तमान में महामंत्री हैं, लेकिन पश्चिम से कोई नहीं। 65 विस सीटों वाले ब्रज क्षेत्र से सुरेश खन्ना, बेबी रानी मौर्य, लक्ष्मी नारायण चौधरी, योगेंद्र उपाध्याय, धर्मपाल सिंह एवं जयवीर सिंह के रूप में छह कैबिनेट मंत्री हैं, वहीं 71 विस सीटों वाले पश्चिम क्षेत्र से भाजपा के कोटे से सुनील शर्मा के रूप में सिर्फ एक कैबिनेट मंत्री बनाया गया।


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