ब्यूरो, लखनऊ। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आवंटन के बावजूद अपेक्षित मात्रा में उर्वरक की आपूर्ति न करने वाली उर्वरक कंपनियों को कार्रवाई की चेतावनी दी हैं। मंत्री ने कहा कि जिन कंपनियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसमें ब्लैकलिस्टिंग, वित्तीय दंड तथा अन्य दंडात्मक प्रविधानों को लागू करने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कंपनियों को चेतावनी दी कि यदि भविष्य में प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। मानिटरिंग में लापरवाही पर अधिकारियों को चेतावनी दी।

मंगलवार को विधानसभा स्थित सभागार में उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में मंत्री ने कहा कि किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। रणनीति इस प्रकार तैयार की जाए जिससे आपूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आए और किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक मिल सके।
प्रमुख सचिव कृषि रवींद्र द्वारा उर्वरक आपूर्ति एवं वितरण की प्रभावी निगरानी के लिए एक सुदृढ़ प्रणाली विकसित करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में कृषि निदेशक डा. पंकज त्रिपाठी, अपर निदेशक आशुतोष मिश्रा, संयुक्त निदेशक अजय कृष्णा आदि उपस्थित रहे।