कोरोना, जिंदगी और परीक्षा

शिक्षा हमारा संवैधानिक अधिकार है। इसे न तो कोई छीन सकता है और न ही कोई थोप सकता है। शिक्षा बोझ और तनाव की अवस्था नहीं है। शिक्षा औसत व्यक्ति के सामाजिक, मानसिक विकास के लिए अनिवार्य है। शिक्षा ही भविष्य का भारत तय करती है। जिन परीक्षाओं को लेकर हंगामा बरपा है, राजनीतिक पाले […]

आत्महत्याएं कब तक ?

एक कर्ज, दो मौतें, दो सगे भाइयों की खुदकुशी और परिवार में मातम के साथ बिखराव! यही कोरोना काल और तालाबंदी के कारण कारोबार की दुर्दशा का सारांश है। आत्महत्या नियति बन गयी लगती है! सोचिये, मानसिक तनाव और अवसाद के कुछ पल कैसे रहे होंगे, जब व्यक्ति असहाय महसूस करता है और फांसी का […]

कोरोना काल में ‘सुरक्षा’ और ‘शिक्षा’

डिजिटल पढ़ाई के विकल्प पर एक सवाल खड़ा हो जाता है कि क्या यह डिजिटल शिक्षा सभी विद्यार्थियों तक पहुंच पा रही है या नहीं, क्योंकि हिमाचल एक ऐसा भौगोलिक विभिन्नता वाला प्रदेश है जिसके ऊंचाई वाले व दुर्गम क्षेत्रों में कॉल करने तक का सिग्नल नहीं होता है। ऐसे में इंटरनेट स्पीड के लिए […]

क्यों डूब रहे हैं बैंक ?

फिलहाल यह नहीं मान सकते कि येस बैंक भी डूब गया है। भारतीय स्टेट बैंक ने उसकी 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का प्रस्ताव रिजर्व बैंक को भेजा है। स्वीकृति मिलते ही निवेश की प्रक्रिया शुरू होगी। उसमें 26 फीसदी शेयर तीन साल की अवधि के लिए स्थिर रखने होंगे, ताकि डूब रहे बैंक को सहारा […]

लोकपाल: सौ दिन चले अढ़ाई कोस

 लोकपाल बनाना भारत की सिविल सोसायटी के लिये एक बड़ी उपलब्धि माना गया था। सत्ता में कोई भी दल रहा हो, लेकिन शायद ही किसी अन्य संस्था को अपने गठन की राह में राजनीतिक प्रतिष्ठानों की ओर से इतनी कड़ी रुकावटों का सामना करना पड़ा होगा, जितना लोकपाल पद सर्जन करने के दौरान हुआ है। […]

स्त्री संघर्ष पुरुष सत्ता से है पुरुषों से नहीं

हिन्दी साहित्य में नारी की अस्मिता की पहली आवाज मीरा के काव्य में सुनाई पड़ती है। मीरा के काव्य में एक ओर स्त्री की पराधीनता और यातना की अभिव्यक्ति है तो दूसरी ओर उस व्यवस्था के बंधनों का पूरी तरह निषेध है। पुरुष प्रधान समाज की यदि व्यवस्था थी तो इस बात के लिये नहीं […]

स्त्री संघर्ष पुरुष सत्ता से है पुरुषों से नहीं

हिन्दी साहित्य में नारी की अस्मिता की पहली आवाज मीरा के काव्य में सुनाई पड़ती है। मीरा के काव्य में एक ओर स्त्री की पराधीनता और यातना की अभिव्यक्ति है तो दूसरी ओर उस व्यवस्था के बंधनों का पूरी तरह निषेध है। पुरुष प्रधान समाज की यदि व्यवस्था थी तो इस बात के लिये नहीं […]

सम्मान और हक के लिये लड़ाई अभी बाकी है…

विश्व के अन्य देशों की तरह भारत में भी आठ मार्च महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत की महिलाओं को स्वतंत्रता के साथ ही हमारे संविधान में समानता का अधिकार दे दिया, पर अब हमारे देश में महिला दिवस सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है। भारत की महिलाओं ने जो उन्नति की […]

कोरोना की वैक्सीन खोजने में जुटे वैज्ञानिक

मुकुल व्यास लखनऊ। चीन में महामारी फैलाने वाले नॉवेल कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में खौफ पैदा हो गया है। चीन में इस वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 2300 को पार कर चुका है और इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 76 हजार से अधिक पहुंच चुकी है। बीमारी की चपेट में आने वालों की […]

नए साल का तोहफा महंगाई

नववर्ष 2020 का पहला तोहफा सरकार ने दिया है-महंगाई। एक तो आर्थिक सुस्ती के हालात और उस पर बढ़ती महंगाईज्! रसोई गैस का सिलेंडर एक ही झटके में 19 रुपए बढ़ा दिया गया है। रेल का सफर भी महंगा कर दिया गया है। प्याज आज भी 100 रुपए के करीब बिक रहा है। दालें आयात […]