मास्टर शेफ रणवीर बरार पहुंचे आदर्श कारागार, बंदियों को दी जायकेदार खाना बनाने की टिप्स

लखनऊ। डीजी जेल आनन्द कुमार द्वारा जेलों में बन्दियों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु उद्यमिता विकास की सभी सम्भावनाओं पर कार्य चल रहा है .इसी अनुक्रम में आज राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निसबड) की डायरेक्टर डॉक्टर पूनम सिन्हा,कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार की डीजी श्रीमती अनुराधा वेमुरी तथा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सेलिब्रिटी मास्टर शेफ रणवीर बरार आदर्श कारागार लखनऊ पहुंचे और जेलों में बन्दियों को खानपान की गुणवत्ता बढ़ाने और जेलों में विभिन्न प्रकार के उच्चगुणवत्ता एवं जायकेदार खाद्य पदार्थों को बनाने सम्बन्धी प्रशिक्षण का कार्य प्रारंभ किया .

श्री बरार जेल के बन्दियों से मित्रवत घुलमिल गए और जेल में प्रशिक्षण प्राप्त करके अपने जीवन को सुधारने हेतु हौसला अफजाई की. उन्होंने बताया कि वे भी लखनऊ के निवासी हैं और एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे.
उनके पिता इंजीनियर थे. एक वक्त ऐसा भी था कि उन्हें अमेरिका में सड़कों पर फुटपाथ की बेंचों पर भी सोना पड़ा, लेकिन हार नहीं मानी. उन्होंने कहा कि भोजन बनाने की कला में वो ताकत है कि आपकी ज़िन्दगी बदल सकती है .लखनऊ के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट से ग्रेजुएशन करने के बाद वे दिल्ली चले गए जहां मौर्य शेरेटन होटल और ताज जैसे मशहूर होटल में शेफ की नौकरी करके ज़िन्दगी का सफर शुरू किया. आज भारत सहित 37 देशों में उनके होटल हैं और अनेक होटलों, टी.वी शोज़ से जुड़े हुए हैं और खाद्य पदार्थ बनाने ,वैल्यू एडिशन की टिप्स देते है.

श्री बरार ने आदर्श कारागार की पाकशाला में भोजन चखा और यहां बनी लौकी की सब्ज़ी की बहुत तारीफ की .भोजन को स्वादिष्ट और पौष्टिक और देखने में भी सुंदर बनाने हेतु उन्होंने अनेक टिप्स दिए .श्री बरार ने कहा कि भोजन करके पेट तो सभी भर लेते हैं किंतु खाद्य पदार्थ पकाने की विधि पर निर्भर करता है कि वह कितना पौष्टिक, स्वादिष्ट, सुंदर अथवा अरुचिकर, अस्वास्थ्यकर होगा.उन्होंने सुबह की दाल बनाने हेतु रातभर भिगोने की सलाह दी और भिगोए गए पानी में ही बनाने से दाल 12 गुना अधिक पौष्टिक, स्वादिष्ट और देखने में सुंदर बनेगी ईंधन भी आधा ही लगेगा .

उन्होंने बताया कि लौकी और तोरई की सब्ज़ियों को और बढ़िया बनाने के लिए सब्ज़ी द्वारा छोड़े गए पानी में ही धीमी आंच में पकाने की सलाह दी .खाने में लालमिर्च की जगह हरी मिर्च अदरक और हींग का प्रयोग ज़रूर करने की टिप्स दी आदर्श कारागार के जेलर श्री सी पी त्रिपाठी से कहा की लकड़ी के ईंधन पर आधारित बेकरी की अपेक्षा इलेक्ट्रिक ओवन में बने बेकरी प्रोडक्ट मार्केट में आसानी से अपनी जगह बना सकते हैं .सेलिब्रिटी मास्टर शेफ ने कहा कि वे अपने जूनियर को भेजकर मॉडल जेल मे कुकीज़ और अन्य खाद्य पदार्थ बनवाएंगे और यहां के प्रोडक्ट की मार्केटिंग भी कराएंगे .
इसके बाद वे नारी बन्दी निकेतन चले गए .

Post Author: thesundayviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *