आचार संहिता लागू ,होमगार्ड विभाग का हवलदार प्रशिक्षक बेखौफ कर रहा भारतीय चेतना शक्ति पार्टी का प्रचार

डीआईजी के सामने एक हवलदार प्रशिक्षक कर रहा है आचार संहिता का उल्लंघन

होमगार्ड विभाग के यूपीएचजी व्हाटसअप पर अंजन भगत ने आज डाला भारतीय चेतना शक्ति पार्टी का पोस्टर

व्हाटसअप ग्रुप में जुड़े हैं डीआईजी रंजीत सिंह सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी

संजय पुरबिया

लखनऊ। 2022 के चुनाव का ऐलान हो चुका है। चुनाव आयोग ने सख्ती से आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने का फरमान भी जारी कर दिया है लेकिन होमगार्ड विभाग में तैनात हवलदार प्रशिक्षक इसे कतई नहीं मानने को तैयार हैं। होमगार्ड विभाग में व्हाटसअप पर एक यूपीएचजी आफिस नाम से ग्रुप चल रहा है जिसका एडमीन वाराणसी में ट्रेनिंग सेंटर रामनगर में तैनात हवलदार प्रशिक्षक अंजन भगत है। अंजन भगत ने आचार संहिता लागू होने के बाद आज राजनैतिक पार्टी का एक पोस्ट डाला है। उनकी मंशा है कि इस ग्रुप से जुड़े सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उक्त पदाधिकारी को वोट देकर विजयी बनायें। खास बात तो यह है कि इस ग्रुप में खुद मुख्यालय पर तैनात डीआईजी रंजीत सिंह, मंडलीय कमाडेंट शैलेन्द्र सिंह सहित उत्तर प्रदेश में तैनात कई जिला कमांडेंट भी जुड़े हुये हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि अंजन भगत द्वारा आचार संहिता की धज्जियां उड़ाने की जानकारी होने के बाद भी डीआईजी रंजीत सिंह ने कोई कार्रवाई नहीं की। क्या होमगार्ड मुख्यालय ने ठान लिया है कि चाहें भ्रष्टाचार में कोई शामिल हो या आचार संहिता का उल्लंघन करे,उसके जब तक ये लोग विराजमान हैं,किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जायेगी?

बता दें कि रामनगर ट्रेनिंग सेंटर में तैनात हवलदार प्रशिक्षक अंजन भगत ने आज यानि 9 जनवरी 2022 की शाम 7 बजकर 15 मिनट पर व्हाटसअप ग्रुप पर भारतीय शक्ति चेतना पार्टी का पोस्टर पोस्ट करता है। पोस्टर में विधान सभा 175 लखनऊ सदर के प्रत्याशी भूपेन्द्र प्रताप सिंह हांथ जोडक़र खड़े हैं। अंजन भगत इस पोस्ट को उस व्हाटसअप ग्रुप में डालते हैं जिसमें खुद उसके विभाग के डीआईजी रंजीत सिंह सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी जुड़े हैं। क्या एक सरकारी कर्मचारी को अपने व्हाटसअप ग्रुप में किसी प्रत्याशी का प्रचार करना चाहिये ? क्या ये आचार संहिता के उल्लंघन करने के दायरे में नहीं आता ? क्या अंजन भगत को विभागीय अधिकारियों ने ये अधिकार दिया है कि वो अपने पद पर रहते हुये सार्वजनिक तौर पर सरकारी व्हाटसअप ग्रुप में किसी प्रत्याशी का प्रचार कर सकता है ? वो भी ऐसे ग्रुप पर जिसमें उसके वरिष्ठ  अधिकारी जुड़े हों ? यदि हां तो इसका जवाब तो चुनाव आयोग को लेना ही चाहिये…।

नहीं तो फिर वरिष्ठ अधिकारियों के जुड़े होने के बावजूद एक हवलदार प्रशिक्षक ने आचार संहिता के खिलाफ जाने की जुर्रत कैसे की ? बड़ा सवाल है और देखना है कि होमगार्ड मुख्यालय पर बैठे डीजी,डीआईजी इस पर क्या करते हैं…।

Post Author: thesundayviews

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