डीआईजी  साहेब,ध्यान से देखिये,घूसखोर बीओ के सामने गुड्डी मिश्रा की फाईल रखी है या नहीं ?

बीओ सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा,महिला होमगार्ड को ड्यूटी लगाने के लिये ले रहा है 1000 रुपये

सवाल-

1-बीओ की मेज पर रखा है गुडडी मिश्रा की फाईल,क्या इसके बाद भी कोई सबूत देना पड़ेगा ?

2-बीओ की जेब में 100-100 रुपये का नोट डाला जा रहा है,किस फोरेंसिक लैब में करायेंगे जांच ?

3-क्या मुख्यमंत्री के जीरो टॉलरेंस की धज्जियां उड़ाने वाले बीओ को बचा रहे हैं आपलोग ?

 

 

 

 

 

संजय पुरबिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के होमगार्ड विभाग में सरकारी कुर्सी पर बैठकर महिला होमगार्ड गुड्डी मिश्रा से सबसे सामने घूस लेते बीओ सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा  का फोटो प्रकाशित होने के बाद शासन और मुख्यमंत्री कार्यालय में हडक़म्प तो मचा लेकिन नौ दिन बीत जाने के बाद भी घूस लेकर मुख्यमंत्री,होमगार्ड मंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस की धज्जियां उड़ाने वाले बीओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी। चौंकाने वाली बात तो यह है कि प्रयागराज के डीआईजी संतोष सुचारी कहते हैं कि नोट दो रुपये का है या चार रुपये का,दिखायी नहीं दे रहा है। मंडलीय कमांडेंट से जांच करायेंगे…। इससे शर्मनाक बात और क्या हो सकती है कि तस्वीर मे साफ-साफ दिख रहा है कि 100-100 रुपये के रंगीन नोट गुड्डी मिश्रा बीओ की जेब में डाल रही है। चलिये,शायद डीआईजी साहेब को तस्वीर में नोट नहीं दिख रहा है लेकिन द संडे व्यूज़ उसी वक्त का,उसी कमरे में,इस खिंची गयी तस्वीर में वो सबूत दिखा रहा है,जिसे डीआईजी साहेब क्या कोई भी जांच अधिकारी खारिज नहीं कर सकता। ध्यान से देखिये तस्वीर में घूसखोर बीओ सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा के सामने मेज पर एक फाईल रखी है,जिस पर नाम गुड्डी मिश्रा का लिखा है। गाजीपुर कार्यालय में तैनात भरोसेमंद कर्मचारियों ने बताया कि जिस दिन की तस्वीर है,गुड्डी मिश्रा अपनी ड्यूटी लगवाने के लिये बीओ कुशवाहा के पास गयी थी। कुशवाहा ने उससे 1000 रुपये की मांग ड्यूटी लगाने के लिये किया था। वही पैसा गुड्डी बीओ की जेब में मुस्कराते हुये पूरे हक के साथ डाल रही है। हक शब्द का इस्तेमाल मैंने इसलिये किया कि जब घूस लोगे तो सामने वाली की सभी हरकतों को बर्दाश्त तो करना ही पड़ेगा। खैर,चाहें डीआईजी हों या फिर जांच अधिकारी, यदि आपलोग भ्रष्टाचार  पर रोक लगाने और रंगे हाथ घूस लेते बीओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हैं तो ठीक,नहीं करते हैं तो साबित हो जायेगा कि सीएम के जीरो टॉलरेंस आप लोगों के लिये सिर्फ मजाक है।

 

बता दें कि द संडे व्यूज ने 14 नवंबर को घूसखोरों का सम्मान अफसर का निलंबन शीर्षक से खबर प्रकाशित हुयी थी। खबर छपने के बाद होमगार्ड विभाग में तहलका मच गया। इस खबर में एक महिला होमगार्ड गुडडी मिश्रा से बीओ सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा से रिश्वत ले रहा है। द संडे व्यूज के हाथ बीओ द्वारा महिला होमगार्ड से कार्यालय में बैठकर घूस लेते एक्सक्लूसिव फ़ोटो लग गया। फ़ोटो सहित पेज 1 पर खबर प्रकाशित की गयी और अपर प्रमुख सचिव 2 अनिल कुमार से लेकर डीजी विजय कुमार, डीआईजी मुख्यालय रंजीत सिंह सहित उत्तर प्रदेश के लगभग सभी मंडलीय कमांडेंट,कमांडेंट के पास खबर पहुंचा दी गयी। पेज 1 पर घूसकांड़ का सबूत पेश करने की दमदारी का सभी ने सराहना की लेकिन अभी तक कार्रवाई शून्य है। खैर, इस बारे में जब जब जिम्मेदार डीआईजी, प्रयागराज संतोष सुचारी से संवाददाता शेखर यादव ने बात की तो उन्होंने कहा था कि अभी मैं कानपुर में हूं, इस मामले पर मैं जल्द से जल्द मंडलीय कमांडेंट से जांच कराऊंगा और जो भी दोषी होगा उस पर मैं सख्त कार्यवाही करुंगा।

जरा डीआईजी साहेब के जवाब पर गौर कीजिये…। जांच मंडलीय कमांडेंट से कराऊंगा, यानि ए.के.पाण्डेय से…। ये वही ए के पाण्डेय हैं जिनसे निलंबित कमांडेंट हंसराज सरोज जब गाजीपुर में तैनात थे, छत्तीस का आंकड़ा चल रहा था। अभी भी वैचारिक युद्ध दोनों के बीच जारी है, किस बात को लेकर दोनों में विवाद है, विभाग में सभी को मालूम है। इसका खुलासा आगे करेंगे, फि लहाल मुद्दे पर आते हैं। सवाल यह उठ रहा है कि डीआईजी साहेब जब जांच मंडलीय कमांडेंट पाण्डेय जी से करायेंगे तो इतना तय है कि घूसखोर बीओ सुरेद्र्र सिंह कुशवाहा सटाक से बाहर निकल जायेगा, क्योंकि बताया जाता है बीओ पाण्डेय जी का खास गुर्गा है। यानि आप समझ गये होंगे की निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना बेमानी है। हास्यास्पद तो यह है कि जब संवाददाता ने डीआईजीए प्रयागराज से सवाल किया कि जो रिश्वत में दिया जा रहा है वह कितने का नोट है ? इस पर सुचारी जी का जवाब कुछ इस प्रकार रहा, फ़ोटो में मुझे तो दिखाई नहीं दे रहा है कि नोट दो रुपये का है या पांच रुपये का…। सुचारी साहेब, क्यों आप अपने विभाग के ईमानदार अफ सरों और कर्मचारियों का स्तर गिरा रहे हैं…। डीआईजी के जवाब से साफ है कि विभाग जांच बिठाने के बाद फ ोरेंसिक जांच करायेगा कि नोट है या नहीं ? है तो कितने का नोट दे रही है ? खैर, देखते हैं कानपुर से लौटने के बाद डीआईजी किसे जांच सौंपते हैं और जांच रिपोर्ट किस नतीजे पर पहुंचते हैं। द संडे व्यूज़ की पैनी नजर जांच रिपोर्ट पर लगी रहेगी और हम बतायेंगे कि सच क्या है क्योंकि जब हम लोग दम रखते हैं कि घूस लेते फ़ोटो पेज 1 पर छापने का तो षडयंत्र के तहत प्रमोशन से पहले एक अधिकारी को निलंबित कराने वाले उन अफ सरों की कलई भी खोलने का भी बूता रखते हैं।

                द संडे व्यूज़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ खबर देने के लिये संपर्क करें- 8317011531

Post Author: thesundayviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *