क्या अपर प्रमुख सचिव घूसखोरों को देते हैं आशिर्वाद और अफसरों को…!

मुख्यालय के षडय़ंत्रकारी अफसरों की जाल में फंसे एसीएस अनिल कुमार

अनिल जी, आपके विभाग में बेखौफ होकर घूस लेने की परंपरा चल रही है

सवाल~~

1–  डीएम की रिपोर्ट को आधार मानकर कमांडेंट को निलंबित किया गया है क्या डीएम ने बीओ के बेटे का बयान लिया, जिसने ब्लू फिल्म के शॉटस को देखा ?

2 – डीएम की रिपोर्ट को आधार मानकर कमांडेंट को निलंबित किया गया है क्या डीएम ने बीओ के बेटे का बयान लिया ?

3 – क्या आपने जांच करायी कि बीएसएनएल मोबाइल नंबर 9451478249 जिस पर ब्लू फिल्म के शॉटस भेजे गये,वो किसके नाम से रजिस्टर्ड है ?

4 – आपने ये जानने की कोशिश की कि आपके वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाने वाले अदने से बीओ ने किससे पूछकर जिला प्रशासन सहित होमगार्ड मुख्यालय को पत्र लिखा ?

5 – आचरण नियमावली 1956 की धारा 27 क का उल्लंघन करने वाले बीओ के खिलाफ क्या आप कार्रवाई करेंगे ?

6-  क्या आपने इस बात की जांच करायी कि बीओ सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा 15 वर्ष से गाजीपुर में किसकी शह से तैनात है ?

7 – क्या आपने कमांडेंट पर गंभीर आरोप लगाने वाले बीओ के बारे में पता कराया कि वो ईमानदार है या महाभ्रष्ट ?

 

संजय पुरबिया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में तैनात अपर प्रमुख सचिव अनिल कुमार 2 के तुगलकी फैसले कहीं उनके ही गले की फांस न बन जाये। एसीएस अनिल कुमार ने गाजीपुर के डीएम की जांच रिपोर्ट पर तात्कालीन जिला कमांडेंट हंसराज सरोज को निलंबित कर दिया है। एसीएस की रिपोर्ट में हंसराज सरोज पर पांच आरोप लगाये गये हैं। कमांडेंट पर अपने सहयोगी बीओ सुरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा की पत्नी के मोबाइल पर ब्लू फिल्म के शॉट्स भेजने का गंभीर आरोप लगा है। कुशवाहा के बच्चे ने जब इस बात की जानकारी अपनी मां को दिया तब उन्होंने डीएम, मंडलीय कमांडेंट, गाजीपुर से लिखित शिकायत की। आरोप गंभीर था इसलिये डीएम,गाजीपुर ने जांच बिठा दी। डीएम की रिपोर्ट को मानें तो उन्होंने कमांडेंट को दोषी मानते हुये अपनी रिपोर्ट एसीएस अनिल कुमार 2 को भेज दी। डीएम की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुये एसीएस 2 अनिल कुमार ने कमांडेंट हंसराज सरोज को निलंबित कर दिया है। मुद्दा कमांडेंट हंसराज सरोज के निलंबन का तो है ही लेकिन इस प्रकरण में कई सवाल ऐसे हैं जो समझ से परे हैं। मसलन, जिस डीएम की रिपोर्ट को आधार मानकर कमांडेंट को निलंबित किया गया है क्या डीएम ने बीओ के बेटे का बयान लिया,जिसने ब्लू फिल्म के शॉटस को देखा ? मेरा सवाल एसीएस 2 अनिल कुमार से भी है। डीएम की रिपोर्ट को आधार मानकर कमांडेंट को निलंबित किया गया है क्या डीएम ने बीओ के बेटे का बयान लिया बीओ ने शिकायती पत्र में लिखा है कि कमांडेंट ने जिस मोबाइल पर ब्लू फिल्म के शॉटस भेजे हैं,वो मोबाइल उसकी पत्नी का है…। क्या आपने जांच करायी कि बीएसएनएल मोबाइल नंबर 9451478249 जिस पर ब्लू फिल्म के शॉटस भेजे गये,वो किसके नाम से रजिस्टर्ड है ? क्या आपने ये जानने की कोशिश की कि आपके वरिष्ठ अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाने वाले अदने से बीओ ने किससे पूछकर जिला प्रशासन सहित होमगार्ड मुख्यालय को पत्र लिखा ? आचरण नियमावली 1956 की धारा 27 क का उल्लंघन करने वाले बीओ के खिलाफ क्या आप कार्रवाई करेंगे ? क्या आपने इस बात की जांच करायी कि बीओ सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा 15 वर्ष से गाजीपुर में किसकी शह से तैनात है ? क्या आपने कमांडेंट पर गंभीर आरोप लगाने वाले बीओ के बारे में पता कराया कि वो ईमानदार है या महाभ्रष्ट ? मेरे ख्याल से आपका जवाब नहीं होगा…। अनिल जी, द संडे व्यूज़ आपको वो तस्वीर दिखाने जा रहा है जिसे देखने के बाद आप भी शर्मशार हो जायेंगे और सोचने पर मजबूर हो जायेंगे कि आपके विभाग में बेखौफ होकर घूस लेने की परंपरा चल रही है।  जी हां,आप ब्लू फिल्म की तस्वीर देखकर फै सला सुना देते हैं कि कमांडेंट दोषी है,तो फिर इस तस्वीर को देखने के बाद आप क्या फैसला लेते हैं,देखना होगा…।

 

अनिल जी, यदि आप न्यायप्रिय अधिकारी हैं तो इस विभाग का हर ईमानदार अधिकारी व कर्मचारी आपसे यही उम्मीद करेगा कि सच को जानने,परखने के बाद आप फैसला लें…। आप होमगार्ड मुख्यालय के तथाकथित भ्रष्टï अफसरों की नीतियों पर चलकर कहीं ऐसा ना उलझ जायें कि आपकी ही साख पर बट्टा लग जाये। क्योंकि विभाग में अब चर्चा जोरों पर है कि कमांडेंट हंसराज सरोज को षडय़ंत्र के तहत निलंबित कराया गया है। इस खेल में मुख्यालय से लेकर जिले में तैनात एक अफसर शामिल हैं। बता दें कि 25 अक्टूबर 2021 को होमगार्ड विभाग के अपर प्रमुख सचिव अनिल कुमार ने तात्कालीन जिला कमांडेंट,गाजीपुर हंसराज सरोज को निलंबित करने का निर्देश दे दिया। पत्र में आरोप है कि गाजीपुर में तैनाती के दौरान कमांडेंट हंसराज सरोज मासिक बैठक में अवैतनिक अधिकारियों से अवैध रुपये की मांग करते हैं,प्रशिक्षण के नाम पर जवानों से रुपये की मांग करने व अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। कमांडेंट पांच अवैतनिक अधिकारियों को अपने स्तर से निलंबित करते हैं और बिना मंडलीय कमांडेंट को बताये बहाल कर देते हैं। इसके अलावा आरोप है कि श्री सरोज द्वारा आहरण एवं वितरण अधिकारी के रूप में जवानों के 6 दिसंबर 2016 से 30 सितंबर 2019 तक कुल 34 माह के एरियर भुगतान के लिये प्रस्तुत धनराशि का क्रास चेक संगत अभिलेखों से करने की प्रक्रिया का अनुपालन न करते हुये उन्होंने गलत तरीके से एवं अनियमित भुगतान किया है। इसी पत्र में सबसे गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि कमांडेंट ने अपने मोबाइल नंबर 8317009047 से बीओ सुरेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा की पत्नी के मोबाइल नंबर 9451478249 पर अश्लील वीडियो भेजा है।

अब आते हैं एसीएस अनिल कुमार के पत्र में कमांडेंट पर लगाये गये अन्य आरोपों पर…। दूसरा आरोप है कि कमंाडेंट सरोज ट्रेनिंग के दौरान जवानों से अभद्र भाषा में प्रयोग कर रहे हैं और अवैध धनराशि की मांग करते हैं…। अनिल जी, मुख्यालय के अफसरों ने आपको जो वीडियो दिखाया,वो लगभग 14 माह पुराना है। आज ये आरोप लगाकर कमांडेंट को क्यों निलंबित किया गया ? क्या उस दरम्यान मुख्यालय पर बैठे ईमानदार अफसरों को माल मिल गया था ? सोचिये…। द संडे व्यूज़ ये नहीं कहता कि कमांडेंट हंसराज दूध के धुले हैं,ये भी नहीं मानता कि खांटी ईमानदार हैं। प्रदेश के सभी कमांडेंट संवेदनशील ड्यूटी लगाते हैं, अपने कोटे में तैनात जवानों को ना लगाकर उनसे पैसा लेते हैं…। आप एक काम करिये, यूपी के सभी कमांडेंट को कर दीजिये सस्पेंड …ना रहेगा विभाग और ना ही होगी अवैध वसूली…। अनिल जी,आपके विभाग में अवैध वसूली का खेल बदस्तूर जारी है और जारी ही रहेगा…। ये तस्वीर जीता-जागता प्रमाण है कि मुख्यालय पर बैठे तथाकथित भ्रष्टï अफसरों की शह पर ही जिलों में तैनात इंस्पेक्टर,बीओ,पीसी दबंगई से अपनी कुर्सी पर मुस्कराकर घूस ले रहे हैं। तस्वीर बयां कर रही है कि कमांडेंट हंसराज सरोज को सस्पेंड कराने वाला बीओ सुरेन्द्र सिंह कुशवाहा बिना डर के कार्यालय में महिला होमगार्ड गुड्डी मिश्रा से ड्यूटी के नाम पर घूस ले रहा है। इसकी मुस्कान से लग रहा है कि मुंहमांगी रकम मिल गयी है।

ये इतना बेखौफ रहता है कि यदि कोई कमांडेंट इसके खिलाफ कार्रवाई करने की बात करे तो धरना-प्रदर्शन तक कराने का दम रखता है। चर्चा है कि जब तात्कालीन कमांडेंट हंसराज सरोज ने बीओ के खिलाफ तीन बार डीओ लेटर मुख्यालय भेजा था,तब इसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गयी? चर्चा है कि यदि मान लिया जाये की मोबाइल नंबर बीओ की पत्नी का है तो कमांडेंट के पास कैसे पहुंचा? बीओ ने दिया होगा तभी तो नंबर कमांडेंट तक पहुंचा? फिर पत्नी का नंबर पर बीओ विभागीय काम क्यों कर रहा था ? ई-मेल का भी काम बीओ उक्त मोबाइल नंबर पर ही क्यों करता रहा ? सीधी बात करें तो कमांडेंट को सस्पेंड कराने के लिये बीओ को बलि का बकरा बनाया है।अफसरों के बीच चर्चा जोरों पर है कि गाजीपुर के तात्कालीन कमांडेंट हंसराज सरोज को षडय़ंत्र के तहत निलंबित किया गया है। इसी माह कमांडेंट का मंडलीय कमांडेंट के पद पर प्रमोशन होना है और सीनियारटी लिस्ट में हंसराज सरोज का नाम है। बीओ की पत्नी के मोबाइल पर अश्लील शॉटस भेजने सहित 14 माह पुराना वीडियो को आधार बनाकर कमांडेंट को निलंबित कराने के मामले में किसे क्या फायदा मिलने वाला है ये तो प्रमोशन की लिस्ट फाईनल होने के बाद ही पता लगेगा। बहरहाल, जिस तरह से कमांडेंट हंसराज सरोज को एक बीओ के पत्र के आधार पर निलंबित किया गया है उससे अफसरों के बीच जहां बेचैनी बढ़ गयी है वहीं निचले स्तर के कर्मचारियों के हौसले बुलंद हो गये हैं। अब देखना है कि द संडे व्यूज़ द्वारा उठाये गये सवालों पर एसीएस अनिल कुमार 2 क्या करते हैं ?

Post Author: thesundayviews

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