सहकारिता विभाग की सहकारी संस्थाओं को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया जाये: बी एल मीना

प्रबंध निदेशक श्रीकांत गोस्वामी ने भंडारण में हुयी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला

ब्यूरो

लखनऊ। सहकारिता सप्ताह के अवसर पर आज प्रमुख सचिव, सहकारिता बी.एल. मीना ने कहा कि सहकारिता विभाग की सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाये जाने पर एवं भण्डारण क्षमता के विस्तार के लिये लक्षित योजनाओं के माध्यम से उद्यमिता विकास एवं सार्वजनिक,निजी,सहकारी भागीदारी का सशक्तीकरण पर विशेष बल दिया गया।

 

इसी क्रम में निगम के प्रबन्ध निदेशक श्रीकान्त गोस्वामी ने बताया कि निगम की भण्डारण क्षमता बढक़र वर्ष 2020-2021 में 43.50 लाख मै. टन हो गयी है । वर्ष 2020-21 में निगम द्वारा कुल 54.78 लाख मै. टन स्टाक का
भण्डारण किया गया है। वर्ष 2021-21 में निगम का शुद्ध लाभ बढक़र 118.34 करोड़ (अनुमानित) हो गया है। निगम द्वारा सहकारी संस्थाओं तथा किसानों को भण्डारण शुल्क में क्रमश: 10 प्रतिशत एव  30 प्रतिशत की छूट दी जाती है साथ ही किसानों के लिये कृषक प्रसार सेवा योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत किसानों को उनके अनाज के भण्डारण एवं उनकी सुरक्षा के उद्देश्य से निगम में काम करने वाले कुशल तकनीकी कार्मिकों द्वारा नि:शुल्क प्रशिक्षित किया जाता है। वर्ष 2020-21 मेंं 41973 किसानों को प्रशिक्षित किया गया है। कीट परिनाशक सेवा का संचालन,जिसके तहत निगम द्वारा किसानों, व्यापारियों, संस्थाओं आदि के घरों, गोदामों आदि में भण्डारित जिंसो आदि की व्यवस्था मामूली शुल्क लेकर की जाती है। निगम द्वारा कीट परिनाशक सेवा योजना का विस्तार किया जा रहा है, जिसके तहत सरकारी,सहकारी एवं प्राइवेट संस्थाओं को भी उक्त सेवा का लाभ दिया जायेगा।

श्री गोस्वामी ने बताया कि निगम के समस्त स्वनिर्मित भण्डारगृहों को डब्ल्यू.डी.आर.ए. में पंजीकरण कराने की कार्यवाही प्रक्रिया में है जिनमे से 51 भण्डारगृहों की पंजीकरण की कार्यवाही पूर्ण होने के बाद किसानों का भण्डारण प्रारम्भ होचुका है तथा उक्त भण्डारगृहों में किसानों द्वारा भण्डारण कराने पर बैंक से 90 प्रतिशत तक ऋण प्राप्त किया जा सकता है।बताया कि वर्ष 2017 में मण्डी स्थलों पर निगम की क्षमता 5.60 लाख मै.टन थी जो वर्ष 2021 में 7.40 लाख मै.टन तथा पीईजी गोदामों की क्षमता वर्ष 2017 में 10.02 लाख मै. टन के सापेक्ष वर्ष 2021 में बढ़ कर 20.45 लाख मै. टन हो गयीहै। साथ ही वर्ष 2021 में 1.50 लाख मै.टन साइलो निर्माण की कार्यवाही भी प्रक्रियाधीन है। श्री गोस्वामी ने बताया कि निगम के कार्यो को और अधिक पारदर्शी बनाय े जाने हेतु समस्त प्रक्रियायें टेण्डर,खरीद ई-टेण्डरिंग अथवा जेम के माध्यम से सम्पन्न कराया जा रहा है। निगम द्वारा अपने भण्डारगृहों को आनलाइन किया गया है।

 

इस अवसर पर उ. प्र. राज्य उपभोक्ता सहकारी संघ लि. के प्रबन्ध निदेशक राजीव यादव ने बताया कि उ.प्र. राज्य उपभोक्तासहकारी संघ लि. द्वारा उपभोक्ता के क्ष ेत्र में प्रदेश के किसानों के लिये मूल्य समर्थन योजना अन्र्त गत गेहंू,धान की खरीद का काम किया जाता है तथा संस्था द्वारा व्यवसाय वृद्धि के उद्देश्य से अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। उप्र राज्य भण्डारण निगम के प्रांगण में सहकारिता विभाग की संस्थाओं में से एक उ.प्र. राज्य भण्डारण निगम एवं उ. प्र. राज्य उपभोक्ता सहाकरी संघ लि. द्वारा संयुक्त रूप से गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता बी एल मीना, प्रमुख सचिव, सहकारिता विभाग द्वारा की गयी। इस अवसर पर श्रीकान्त गोस्वामी प्रबन्ध निदेशक उ प्र राज्य भण्डारण निगम, धीरेन्द ्रसिंह, प्रबन्धक निदेशक उ प्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लि., राजीव यादव, प्रबन्ध निदेशक उ.प्र. राज्य उपभोक्ता सहाकरी संघ लि. के एल पाठक, डीजीएम, भारतीय खाद्य निगम सहित सहकारिता विभाग व निबन्धक कार्यालय के
अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

Post Author: thesundayviews

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