दिल्ली में लगे लॉकडाउन ने बढ़ाई लाखों कारोबारियों और कामगारों की चिंता

अनिल शर्मा

नई दिल्ली । दिल्ली में लॉकडाउन बढ़ता जा रहा है। सरकार ने फिर इसे एक सप्ताह और खिसका दिया यानी 24 मई तक लॉकडाउन रहेगा। राजधानी दिल्ली में कोरोना की भयावह स्थिति और चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था को देख दिल पर पत्थर रख दुकानदार इसकी पैरोकारी करते आ रहे हैं। उनकी ओर से हर सप्ताह इसे बढ़ाने की अर्जी पहले से लग जाती है। लिहाजा, सरकार को इस मोर्चे पर सहूलियत है। इस तरह 27 दिन गुजर गए। अब एक सप्ताह और गुजारना है। ये हो गई कोरोना से उपजे हालात की बात। दुकान और कारोबार तो मझधार में ही हैं। संक्रमण के डर से दुकानदार घर में तो चूहे दुकान के भीतर हैं। वैसे चूहे हर जगह विराजमान होते हैं, पर बाजारों के चूहे थोड़े मोटे ताजे होते हैं। जब दुकान खोलते रहने की स्थिति में वे सामान कुतरने से बाज नहीं आते तो अब तो उनकी पूरी मौज होगी। यह चिंता दुकानदारों को घर बैठे खाए जा रही है।

इंटरनेट मीडिया पर अक्सर अफवाहें इतनी तेजी से प्रसारित होती हैं कि लोग गलत जानकारियों से उनके प्रभाव में आ जाते हैं, लेकिन शनिवार को भाजपा के पार्षद भी इससे बच नहीं पाए। हुआ यूं कि शनिवार दोपहर को एक जानकारी इतनी तेजी से प्रसारित हुई कि पार्षदों की नींद उड़ गई। यह जानकारी प्रदेश भाजपा की ओर से महापौर पद के प्रत्याशियों का नाम तय करने को लेकर थी, जिसमें बताया गया कि पूर्वी निगम से प्रमोद गुप्ता तो उत्तरी से मनीष चौधरी और दक्षिणी दिल्ली से इंद्रजीत सहरावत के नाम कोमहापौर पद के लिए अंतिम रूप दे दिया गया है। इस जानकारी के प्रसारित होते ही इन पदों के लिए उम्मीदें पाले पार्षद खासे बेचैन हो गए। प्रदेश नेतृत्व से लेकर अन्य पार्षदों को फोन मिलाना शुरू कर दिया। जब प्रदेश की तरफ से इसका आंतरिक तौर पर खंडन किया गया तब जाकर भाजपा पार्षदों की जान में जान आई।

Post Author: thesundayviews

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