मदर्स डे : मां पर बनीं वो शानदार फिल्में

लखनऊ।

ऐसे तो मां के लिए प्यार जताने के लिए कोई दिन नहीं होता लेकिन फिर भी हर साल पूरा देश मई माह के दूसरे रविवार को ‘मदर्स डे’ सेलिब्रेट करता है। इस खास मौके पर बॉलीवुड की मां की बात ना हो, ये कैसे हो सकता है। सिनेमा की दुनिया में जिस तरह से मदर इंडिया से लेकर मॉम तक हमने देख ली, उसी तरह से असल जिंदगी में भी मांओ के व्यक्तिव में काफी बदलाव आए। आजकल की मां भले ही सुपरकूल और आधुनिक हो गई हैं लेकिन अपने बच्चों पर वो जरा भी खरोंच बर्दाश्त नहीं कर सकती। आज हम बॉलीवुड में मां पर बनीं ऐसी ही कुछ फिल्मों के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जिसे अगर आपने अब तक ना देखा हो तो अब देख लीजिए।

मदर इंडिया (1957)

शायद ही कोई इस फिल्म को भुला पाएगा। महबूब खान के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मदर इंडिया’ में नरगिस ने एक लाचार मां की भूमिका निभाई थी। जो अपने बच्चों के लिए दुनिया से लड़ती है। इस फिल्म में मां का किरदार बड़ा ही दुख भरा था। जिसे देख हर किसी की आंखों में आंसू आ गए थे। इस फिल्म में एक मां का अपने बेटों के लिए समर्पण दर्शकों को काफी पसंद आया था। उस समय के दर्शकों ने ऐसी दुखियारी मां को स्वीकार किया था और फिल्म सुपरहिट हो गई थी।

मदर इंडिया (1957)

शायद ही कोई इस फिल्म को भुला पाएगा। महबूब खान के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मदर इंडिया’ में नरगिस ने एक लाचार मां की भूमिका निभाई थी। जो अपने बच्चों के लिए दुनिया से लड़ती है। इस फिल्म में मां का किरदार बड़ा ही दुख भरा था। जिसे देख हर किसी की आंखों में आंसू आ गए थे। इस फिल्म में एक मां का अपने बेटों के लिए समर्पण दर्शकों को काफी पसंद आया था। उस समय के दर्शकों ने ऐसी दुखियारी मां को स्वीकार किया था और फिल्म सुपरहिट हो गई थी।

मां (1992)

16 साल बाद एक और फिल्म ‘मां’ आई। जिसका अंदाज थोड़ा अग्रेसिव नजर आया है। इसमें जया प्रदा ‘मां’ के रोल में नजर आई थीं। हालांकि, ये एक हॉरर फिल्म थी। जया प्रदा एक बच्चे को जन्म देते ही मर जाती हैं। फिर कुछ विलेन उनके बेटे को मारने की कोशिश करते हैं। तब जया आत्मा बनकर अपने बच्चे की रक्षा करती नजर आती हैं। फिल्म के हीरो जीतेंद्र हैं। मां अपने बच्चे के लिए बदला लेती है और उन्हें मार देती है। यहां पर मां की ममता और बदला साथ-साथ दिखाया गया है।

लिसन अमाया (2013)

फिल्म ‘लिसन अमाया’ बेहद आधुनिक कहानी है, उस महिला के बारे में जो जवान बेटी की मां होने के साथ एक जीवंत और भावुक औरत भी है। जिसकी अपनी एक अलग जिंदगी है, जो उसकी 22 साल की लेखक बेटी अमाया की परवरिश और जिम्मेदारी से हट कर है। पारिवारिक जीवन के साथ कामकाजी जीवन का बैलेंस बिठाने के लिए स्ट्रगल कर रही अमाया की मां किसी को डेट भी कर रही है। फिल्म में दीप्ति नवल, फारुख शेख, अमाला अक्किनेनी और स्वरा भास्कर लीड रोल में हैं।

जज्बा (2015)

ऐश्वर्या राय की कम बैक फिल्म ‘जज्बा’ में मां की ममता के अलावा उसका गुस्सा, बदला और शक्ति दिखाई गई है। जब उसके बच्चे पर आंच आती है तो वो किस तरह सारी शक्ति जुटाकर बस उसे बचाने में लग जाती है। यहां मां के दुख से ज्यादा उसका ‘जज्बा’ और पावर दिखाया गया है। ये मां ऑफिस भी जाती है और घर भी संभालती है। साथ ही अपनी बेटी रक्षा के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार होती है। यहां मां काफी स्टाइलिश भी लगी हैं।

मातृ (2017)

फिल्म ‘मातृ’ एक ऐसी मां की कहानी है जिसकी बेटी का रेप हो जाता है। न बाद में उसकी मौत भी हो जाती है। लेकिन ये मां ना टूटती है ना हारती है। बस हर कदम पर सिस्टम से लड़ती है और अपनी बेटी के गुनाहगारों को सजा दिलवाती है। ये एक सशक्त मां है। फिल्म में रवीना टंडन लीड रोल में नजर आई थीं। रवीना ने फिल्म में एक शक्तिशाली मां का किरदार निभाया है। देखा ना आपने कि इन 62 सालों में कैसे बॉलीवुड की लाचार मां संहार करने वाली बन गई।

मॉम (2017)

साल 2017 में ही मां पर आधरित एक और फिल्म रिलीज हुई थी। इस फिल्म में श्रीदेवी और नवाजुद्दीन सिद्दीक मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में आर्य नाम की लड़की की जिंदगी तब बदल जाती है जब उसके स्कूल के ही कुछ लड़के उसके साथ गैंगरेप करते हैं। फिर उनकी सौतेली मां उनको सबक सिखाने के लिए एक जासूस की मदद लेती है।

 

Post Author: thesundayviews

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