गरीबों के चेहरे पर खुशहाली लाना ही दिवाली की सार्थकता-सीएम योगी

वनटांगियों के लिए संघर्ष को याद कर भावुक हुए सीएम

सीएम ने वनटांगियों को दिया आत्मनिर्भरता का मंत्र

गोरखपुर 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज वनटांगिया गांव जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन में वनवासियों के बीच दिवाली मनाते हुए कहा कि गरीबों के चेहरे पर खुशहाली लाना ही दिवाली की सार्थकता है। सबका साथ सबका विकास के मंत्र पर चलते हुए हम इस बात के लिए दृढ़ संकल्पित हैं कि विकास की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाएंगे। क्रम आगे पीछे हो सकता है लेकिन समाज का एक भी व्यक्ति इससे वंचित नहीं रहेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वनटांगिया गांवों के लिए 65.77 लाख रुपये की विकास परियोजनाओं (खड़ंजा, सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र) का लोकार्पण व शिलान्यास करने के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, पुष्टाहार योजना के तहत 10 लाभार्थियों को ड्राई राशन पैकेट व वनटांगिया स्कूल के 10 बच्चों को अपने हाथों से स्कूल ड्रेस, स्वेटर वितरित किया।

यहां उपस्थित जनसमूह को दिवाली की शुभकामना देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास की योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचे, इसके लिए जनमानस को भी पूरी जानकारी होनी चाहिए। सरकार, अफसर, जनप्रतिनिधियों के साथ ही आमजन की नैतिक जिम्मेदारी है कि समाज में जो भी वंचित रह गया है, उसे सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बिना जाति, मजहब के भेदभाव के हर स्तर पर विकास का प्रयास किया है। इसमें पिक एंड चूज की गुंजाइश भी नहीं है। पूर्व की सरकारों में गरीब जिन सुविधाओं के बारे में सोच तक नहीं सकते थे, आज वह सभी सुविधाएं उनके अपने पास हैं।

 

जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन में अपने संबोधन के दौरान वनटांगियों के लिए अपने संघर्ष को याद कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि देश को आजादी 1947 में ही मिल गई लेकिन वनटांगियों को वास्तविक आजादी  पाने में उसके बाद भी सत्तर साल लग गए। यहां से जिला मुख्यालय पहुंचने में भले ही सत्तर मिनट से कम समय लगे लेकिन वनटांगिया लोगों को अपना हक पाने के लिए सत्तर साल का इंतज़ार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि वनटांगिया गांवों में लोग झोपड़ी में, ढिबरी की रोशनी में रहने को मजबूर थे। यहां सिर्फ दीनता दिखती थी। वह यहां की समस्याओं से वाकिफ थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद इन वनवासियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा गया। राजस्व ग्राम घोषित किया गया। प्रदेश की बागडोर मेरे हाथ में आई तो इन वनटांगिया गांवों में आज सड़क, बिजली, पानी, पक्के मकान, खेती, स्कूल, स्वास्थ्य सुविधा, आयुष्मान कार्ड। राशन कार्ड, पेंशन योजनाओं का लाभ आदि सबकुछ है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वनटांगियों को आत्मनिर्भरता का भी मंत्र दिया। इसके लिए उन्होंने कल माटी कला मेले के कलाकारों का जिक्र किया। बताया कि कल उनसे मिलने औरंगाबाद और एकला के कलाकार मिलने गए थे जो टेराकोटा का काम करते हैं। इनमें से एक कलाकार ने बताया कि उसकी आठ लाख की बिक्री हुई है। एक कलाकार ने 22 हज़ार रुपये का दीप स्टैंड बनाया था जो हाथोंहाथ बिक गया। सीएम ने कहा कि वनटांगिया लोग भी अपने यहां कुछ विशिष्ट उत्पाद तैयार कर आत्मनिर्भरता की राह पर चल सकते हैं। एक व्यक्ति आत्मनिर्भर होगा तो प्रकारांतर में उसका परिवार, समाज, प्रदेश और देश आत्मनिर्भर होगा। उन्होंने लोगों से भी स्थानीय उत्पादों को प्रमुखता से खरीदने की अपील की।

 

Post Author: thesundayviews

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