देखिए प्रूफ: प्रधानमंत्री से बढक़र हैं सीटी मांटेसरी स्कूल: कर रहे हैं एसओपी का उल्लंघन

प्रधानमंत्री मनोदर्पण योजना के काउंसलर बोल-:

  • स्कूल किसी सूरत में बच्चों को फेल नहीं कर सकता

  • स्कूल किसी बच्चे का एडमिट कार्ड नहीं रोक सकता

  • अभिभावकों की अनुमति के बिना बच्चे को स्कूल नहीं बुला सकते

सीएमएस के पीआरओ मीडिया को कर रहें गुमराह: हम दे रहे हैं सबूत,कैसे हो रहा है उल्लंघन?

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर रहें मास्क का उपयोग पर सी.एम.एस में हो रहा SOPs का उल्लंघन

शेखर यादव

लखनऊ। कमाई बंद होने से बौैखलाये सीएमएस ने अब अभिभावकों और बच्चों पर ही झूठा आरोप लगाने का घटिया कुचक्र रच रही है। सीएमएस प्रबंधन और जिलाधिकारी को बच्चों द्वारा लिखे गये पत्र पर जन संपर्क अधिकारी ऋषि खन्ना ने बयान दिया है कि किसी भी छात्र पर परीक्षा में शामिल होने के लिये दबाव नहीं बनाया है। परीक्षा सोमवार से शुरु हो गयी है और 60 प्रतिशत तक बच्चे उपस्थित थे। पीआरओ ऋषि खन्ना ने जहां मीडिया को गुमराह करने का काम किया वहीं उन्होंने अभिभावकों और बच्चों पर झूठा आरोप मढक़र सीएमएस की सोच को भी उजागर कर दिया है। द संडे व्यूज के पास बच्चों ने टीचरों द्वारा धमकी भरे इतने ऑडियो और व्हाटसअप काल भेजे हैं जिसे यदि मुख्यमंत्री को सुना दिया जाये तो सीएमएस के खिलाफ कुछ भी हो सकता है। जिस तरह से स्कूल द्वारा मानसिक शोषण किया जा रहा है,उस पर प्रधानमंत्री मनोदर्पण योजना के काउंसलर से बात की गयी तो उनका स्पष्ट कहना है कि किसी भी हालत में स्कूल बच्चे को फेल नहीं कर सकता एवं उनका एडमिट कार्ड नहीं रोक सकता,अभिभावकों के लिखित अनुमति के बिना बच्चों को स्कूल नहीं बुला सकता है।

कोरोना काल की वजह से स्कूलों की कमाई बंद हो गयी है। इससे बौखलाये स्कूल के प्रबंधकों ने जबरियन स्कूल खोलकर बच्चों को स्कूल भेजने का दबाव बना रहे हैं। इस कड़ी में नंबर वन पर सीएमएस है। एलडीए ब्रांच की टीचरों ने तो कोरोना से खौफजदा बच्चों को धमकी दे रही हैं,जबरियन स्कूल आने का इस कदर दबाव बना रही हैं कि बच्चे और पूरा परिवार मानसिक दबाव के दौर से गुजर रहा है। द संडे व्यूज़ के पास बच्चों के ऑडियो होने के साथ ही संपादक के दोनों बच्चों को स्कूल भेजने के लिये भी तीन बार स्कूल भेजने के लिये कहा गया।  पहली बार एलडीए ब्रांच के रिसेप्शन से  कॅाल आया और कहा गया कि  प्रिंसिपल मैम बात करना चाहती हैं सुबह साढ़े नौ बजे का समय तय है। क्यों मिलना चाहती हैं, वजह पूछने पर कोई जवाब नहीं आया। अगले दिन वाईस प्रिंसिपल शिप्रा बाजपेयी का कॉल आया और उन्होंने भी बच्चों को स्कूल ना भेजने की वजह जानना चाही…। संपादक द्वारा जवाब दिया गया कि मेरे बच्चे कोरोना काल की वजह से स्कूल नहीं जायेंगे…। एक दिन भी नहीं बीता की अगले दिन कक्षा अध्यापिका ने किया लेकिन कॉल रिसीव किया गया तो प्रॉक्टर ने उठाया। प्रॉक्टर ने भी बच्चों को स्कूल भेजने की बात कही। सवाल यह है कि आखिर बार-बार मना करने के बाद भी लगातार टीचर बच्चों और अभिभावकों को क्यों दबाव बना रहे हैं? इस तरह से ये लोग एसओपी का उल्लंघन किया जा रहा है।

देखिए किस तरीके से SOPs का उल्लंघन होरा, न तो बच्चों में 6 फ़ीट की दूरी है न ही सबने मास्क लगाया है

बता दें कि टीचर एडमीट कार्ड रोकने की धमकी तक सभी को दे रही हैं।

इतना ही नहीं,द संडे व्यूज के पास कुछ ऑडियो रिकार्डिंग आयी है जिसमें-:

वाईस प्रिंसिपल को  बच्चे ने बताया कि-:

  • उसके कालोनी और आवास में रहने वाले किरायेदार कोरोना पॉजीटिव पाये गये हैं,बावजूद वाईस प्रिंसिपल ने कहा कि ये कोई कारण नहीं है, और कहा की ” I don’t find it feasible “
  • जब बच्चे ने कहा कंसेंट फार्म नहीं भरा है तो वाईस प्रिंसिपल ने कहा कि ” तुम मेरे बच्चे हो, मैं तुम्हारी मैम हूंं,तुमने मुझे मौखिक रुप से बता दिया है,अब तुम्हें एक्जॉम देने आना है…। ” इतना ही नहीं, जिन बच्चों ने विरोध किया है,प्रधानाचार्या द्वारा उन्हें अभिभावकों के साथ स्कूल बुलाया है। बच्चे मना कर रहे हैं लेकिन फिर भी बच्चों पर आने का दबाव जारी है।
  • इस पर बच्चे ने कहा कि स्कूल हमारी जिम्मेदारी नहीं ले रही है इस पर अध्यापकों ने कहा कि ” जो हजारों लोग कोरोना की वजह से ऊपर गये हैं,सरकार ने भी उनकी जिम्मेदारी नहीं ली है। “
  • दूसरी तरफ,टीचरों का ये भी कहना है कि बेटा हमलोगों पर ऊपर से दबाव है। प्रिंसिपल ने आना आवश्यक कर दिया है।
    इस तरह के अनगिनत ऑडियो बच्चों ने भरोसे के साथ द संडे व्यूज़ को भेजा है।

प्रधानमंत्री मनोदर्पण योजना के तहत काउंसलर से बात की तो उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में स्कूल किसी बच्चे को फेल नहीं कर सकता एवं उनका एडमिट कार्ड नहीं रोक सकता। अभिभावकों के लिखित अनुमति के बिना स्कूल नहीं बुला सकता और सरकार ऑन लाइन कक्षाओं को ही प्राथमिकता देने की बात का जिक्र किया है। बता दें कि मनोदर्पण योजना अभिभावक,छात्र एवं शिक्षकों की मनोदशा को सुधारने के लिये लॉकडाउन में लांच किया गया था। मनोदर्पण आजीवन चलती रहेगी। सीएमएस के बच्चों पर इतना मानसिक दबाव है कि वे प्रबंधन को पत्र लिखने पर मजबूर हो गये हैं।

यह है उस लेटर पर सी.एम.एस के पी.आर.ओ की प्रतिक्रिया

आपको बता दें कि द संडे व्यूज़ और इंडिया एक्सप्रेस न्यूज की पहचान ही है कि हमलोग हमेशा सच का साथ देते हैं। यही वजह है की सीएमएस के एलडीए ब्रांच की टीचरों द्वारा जिस तरह से बच्चों का मानसिक शोषण और धमकी देकर स्कूल आने का दबाव बनाया जा रहा है, उससे साबित हो रहा है कि ये लोग योगी सरकार की गाईड लाइन की धज्जियां उड़ाने के साथ ही शिक्षा से अभिभावकों का विश्वास गिराने का काम कर रहे हैं। इसका खामियाजा सीएमएस प्रबंधक जगदीश गांधी को भुगतना पड़ सकता है,क्योंकि उन्होंने तपस्या कर ये मुकाम हासिल किया है।
आखिर में पीआरओ खन्ना साहेब,आपको बता दूं कि जिस संस्था से आप जुड़े हैं उसके प्रति वफादारी दिखायें लेकिन झूठ- फरेब कर मीडिया को गुमराह करने की कोशिश ना करें,क्योंकि सारे मीडिया बिकाऊ नहीं होते…

नोट: प्रधानमंत्री मनोदर्पण योजना का नंबर 8448440632
आप वार्ता कर सही जानकारी ले सकते हैं

क्रमश :

Post Author: thesundayviews

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