बीमारी के नाम पर इलाज करा रहे पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को भेजा गया जेल

लखनऊ 

लखनऊ, जेएनएन। सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत का फैसला रद होने के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की लगातार मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। लखनऊ में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में बीमारी के नाम पर करीब आठ माह से इलाज करा रहे गायत्री प्रजापति को पुलिस ने जेल भेज दिया है। डॉक्टरों की टीम ने मेडिकल बोर्ड के सामने कहा है उन्हें किसी ऑपरेशन की जरूरत नहीं है। फिलहाल सिर्फ दवा दी जा रही है। इस पर मेडिकल बोर्ड ने कहा जब ऑपरेशन की जरूरत नहीं है तो दवा जेल में भी दी जा सकती है।

कोर्ट की सख्ती के बाद सोमवार को दुष्कर्म के आरोपित पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को केजीएमयू ने डिस्चार्ज कर दिया। मेडिकल बोर्ड के फैसले के बाद यह निर्णय लिया गया। केजीएमयू द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड गायत्री के भर्ती होकर इलाज कराने के दावे पर कोई ठोस सुबूत नही दे पाए। गायत्री प्रजापति केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में इलाज करा रहे थे। करीब आठ माह से भर्ती रहे प्रजापति को छुट्टी मिलने के बाद अभिरक्षा में लगी पुलिस ने जिला जेल में दाखिल कर दिया। जेल अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि गायत्री प्रजापति के उपचार के संबंध केजीएमयू को कई बार पत्र भेजा गया, जिसके बाद केजीएमयू मेडिकल बोर्ड ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया है। दुष्कर्म के आरोपित पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति 17 मार्च, 2017 को पुलिस ने गिरफ्तार जिला जेल भेजा था।

Post Author: thesundayviews

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