सहकारिता विभाग भर्ती घोटाला के विलेन नंबर 3: उ.प्र. कोआपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक- भूपेन्द्र कुमार

संजय पुरबिया

लखनऊ। भूपेन्द्र कुमार सपा सरकार में सेवा मंडल में सचिव के पद पर थे और भाजपा की सरकार में इस समय उ. प्र. कोआपरेटिव बैंक के प्रबंध निदेशक हैं। इन्होंने भर्ती घोटाले में ओंकार सिंह के खास गुर्गे की भूमिका निभाने का काम किया था। भर्ती कराने के समय जिस कम्प्यूटर एजेंसी का चयन करने,अयोग्य अभ्यर्थियों का कैसे चयन किया जाये,जिसके पास डिग्री नहीं है,उसकी फर्जी डिग्री कैसे बने,जो पोस्ट ग्रेजुएट नहीं था उसका चयन कैसे किया जाये…। सीधी बात करें तो फर्जी तरीके से भर्ती कराने का सारा लेथन भूपेन्द्र कुमार के सिर पर था। इन्होंने अपने काम को बखूबी अंजाम भी दिया। अफसरों की मानें तो भूपेन्द्र कुमार ने 18 नवंबर 2013 को परीक्षा का पेपर बनाने से लेकर कॉपियों को जांचने के लिये कम्प्यूटर कंपनी वंडर पोस्ट क्रिएटिव सल्यूसन,लि.,विधान सभा मार्ग का चयन किया गया था। इसे 23 नवंबर को पत्र सौंपा गया कि पेपर बनाने से लेकर कॉपियों को जांचने का काम यही कंपनी करेगी। लेकिन,अचानक भूपेन्द्र कुमार ने इससे काम लेकर अन्य कम्प्यूटर कंपनी डाटा ट्रैक्स कम्प्यूटर सिस्टम लि. को 18 दिसंबर को काम सौंप दिया।

सवाल यह है कि आखिर भूपेन्द्र कुमार ने अचानक पेपर बनाने व कॉपियों की जांच के लिये पहले से नामित कम्प्यूटर एजेंसी को हटाकर दूसरी कंपनी को काम क्यों सौंपा? क्या इसके लिये भूपेन्द्र कुमार ने शासन से अनुमोदन ली थी? ऐसी क्या बात थी कि इन्होंने बिना कोई प्रक्रिया अपनाये परीक्षा के लिये नए कम्प्यूटर एजेंसी को हॉयर कर लिया? क्या उससे लिखित एग्रीमेंट करायी गयी थी? अफसरों की मानें तो ऐसा कुछ भी नहीं किया गया था। लिखित परीक्षा होने के बाद 19 दिसंबर 2013 को कॉपियों की जांच के लिये पुन: उसी पुरानी कम्प्यूटर एजेंसी वंडर पोस्ट क्रिएटिव सल्यूसन,लि. को वापस बुला लिया गया। सवाल यह है कि आखिर ऐसी क्या बात हो गयी कि परीक्षा होने के बाद दुबारा पहली एजेंसी को काम पर बुला लिया गया ?

नियम की बात करें तो यदि सरकारी विभाग मे परीक्षा के लिये जिन कंपनियों को काम दे दिया जाता है यदि उसमें कोई रद्दोबदल किया जाता है तो उसके लिये बाकायदा विज्ञापन निकाला जाता है लेकिन इस काम में भूपेन्द्र कुमार ने ऐसा कुछ भी नहीं किया। द संडे व्यूज़ अगले अंक में बतायेगा कि भूपेन्द्र कुमार ने भाजपा सरकार में ऑनलाइन कम्प्यूटराइजेशन से लेकर कोआपरेटिव बैंकों में एटीएम लगवाने, मोबाइल एटीएम वैन खरीदने सहित ऑनलाइन कैमरा लगवाने के नाम पर किस तरह से बैटिंग कर मुख्यमंत्री योगी के सपनों पर ग्रहण लगाने का काम किया  है। बता दें कि भूपेन्द्र कुमार इस पद से पूर्व इटावा में एआर के पद पर काम कर चुके थे जिसका फायदा इन्हें सपा सरकार में मिला।

Post Author: thesundayviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *